कजाखस्तान पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत  
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री मसीमोव से मुलाकात कर भारत-कजाखस्तान संबंधों को मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की
प्रधानमंत्री मोदी ने असीम उत्साह के साथ योग दिवस मनाने के लिए कजाखस्तान के लोगों की प्रशंसा की #YogaDay
श्री मोदी ने अस्ताना में नजरबायेव विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित किया
प्रधानमंत्री ने भारत कजाखस्तान सूचना एवं संचार उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री मसीमोव ने भारत-कजाखस्तान व्यापार गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया

7 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे जहाँ गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया। कजाखस्तान के प्रधानमंत्री श्री करीम मसीमोव ने स्वयं हवाई अड्डे पर श्री मोदी का स्वागत किया।

वहां पहुंचे के तुरंत बाद श्री मोदी ने अपने हार्दिक स्वागत के लिए प्रधानमंत्री मसीमोव को धन्यवाद दिया और फेसबुक पर अस्ताना शहर की कुछ तस्वीरें भी साझा की।

I am happy to be in Kazakhstan, India's very valued friend in Central Asia. Thank you PM Karim Massimov for the memorable welcome.

Posted by Narendra Modi on Tuesday, July 7, 2015

It is slightly overcast in this wonderful city of Astana, Kazakhstan.

Posted by Narendra Modi on Tuesday, July 7, 2015

दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापक वार्ता कर भारत और कजाखस्तान के बीच सहयोग बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की। श्री मोदी ने अपनी इस बैठक को अत्यंत उपयोगी एवं फलदायी बताया।

प्रधानमंत्री ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने के लिए कजाखस्तान के लोगों की तारीफ की। फेसबुक पर पोस्ट के माध्यम से अपनी खुशी जाहिर करते हुए श्री मोदी ने उनसे यह आग्रह किया कि वे अपने उत्साह को बनाए रखें एवं योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। उन्होंने अस्ताना और अल्माटी में उत्साह एवं जूनून के साथ योग दिवस मनाने के लिए वहां के लोगों की सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्ताना में नजरबायेव विश्वविद्यालय के छात्रों को भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय राष्ट्रपति नजरबायेव की उस सोच को दिखाता है जिसमें शिक्षा राष्ट्र की प्रगति और नेतृत्व का आधार है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि 2011-12 में यूएन सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए भारत का समर्थन करने में कजाखस्तान की उदारता को भारतीय कभी नहीं भूल सकते।

श्री मोदी ने कहा कि भारत और मध्य एशिया, दोनों ने एक-दूसरे को काफी प्रभावित किया है। उन्होंने भारत के साथ राजनीति, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में कजाखस्तान के बढ़ते सहयोग पर अपना संतोष जताया।

प्रधानमंत्री ने एक ऐसी एशियाई सदी बनाने का आह्वान किया जिसमें पूरा एशिया एकजुट हो न कि अलग-अलग, दक्षिण, पश्चिम, पूर्व या मध्य एशिया। श्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में अब्दुर्रहीम ओत्कुर की कुछ पंक्तियां दोहराईं।

At Nazarbayev University, I talked about the need to work together to build the Silk Route of 21st century. https://nm4.in/1fk5T7p

Posted by Narendra Modi on Tuesday, July 7, 2015

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-कजाखस्तान सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया उन्होंने एलएन गुमिलेव यूरेशिया राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का भी दौरा किया।

भारत-कजाखस्तान व्यापार गोलमेज सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और व्यापार जगत के अन्य प्रमुखों से बातचीत की। उन्होंने भारत और कजाखस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को और आगे बढ़ाने की बात कही। श्री नरेन्द्र मोदी ने कजाखस्तान की कंपनियों से भारत में निवेश करने का भी आग्रह किया। इस व्यापार सम्मलेन में अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों पर भी वार्ता हुई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने ओवीएल और काज़मुनेगाज द्वारा सतपायेव तेल ब्लॉक के प्रथम समन्वेशी ड्रिलिंग का भी शुभारंभ किया।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
How PLI schemes, design in India and manufacturing excellence are transforming the architectural lighting industry

Media Coverage

How PLI schemes, design in India and manufacturing excellence are transforming the architectural lighting industry
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।