प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केवड़िया में एक जलीय हवाई अड्डे और केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तथा साबरमती रिवरफ्रंट को जोड़ने के लिए समुद्री विमान सेवा का उद्घाटन किया।

 

श्री मोदी ने अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट में जलीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया और साबरमती रिवरफ्रंट से केवड़िया के बीच समुद्री विमान सेवा की शुरुआत की। यह अंतिम क्षेत्र तक जलीय हवाई अड्डे बनाने की श्रृंखला का हिस्सा है।

 

ऐसे समुद्री विमान पानी में उतर सकते हैं और वहीं से उड़ान भी भर सकते हैं और उन क्षेत्रों के लिए अधिक उपयोगी हैं, जहां जमीन पर उतरने या रनवे की सुविधा नहीं है और यह उन भौगोलिक क्षेत्रों से संपर्क करने की दिशा में मददगार हो सकते हैं, जहां दुर्गम क्षेत्रों की वजह से अनेक चुनौतियां हैं। इस सुविधा से देश के दूर-दराज के क्षेत्र विमानन की मुख्यधारा में आ रहे हैं और यहां हवाई अड्डे तथा रनवे बनाने पर कुछ भी लागत नहीं आएगी। ऐसे छोटे पंखों वाले विमान जलीय क्षेत्रों जैसे झीलों, बांधों, अप्रवाही जल, बजरीयुक्त क्षेत्रों और घास भूमि पर भी उतर सकते हैं और अनेक पर्यटक क्षेत्रों में इनसे संपर्क सुविधा आसानी से मिल सकती है।

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प्रधानमंत्री ने कृषि और फसलों को मानव जीवन का आधार बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 11, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसमें यह दर्शाया गया है कि कृषि केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूलभूत आधार भी है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:

"कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।

ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।
कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद॥

#12YearsOfKisanSamriddhi"

खेती और फसल ही मानव जीवन के आधार हैं। जो इस सत्य को समझता है, वही कृषि कार्य को सही ढंग से करता है और उसी के माध्यम से समाज का भरण-पोषण होता है।