प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इस्लामी गणराज्य अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई से फोन पर बात की।
प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान में शांतिपूर्वक एवं ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन और राष्ट्रीय एकता सरकार सुनिश्चित करने के लिए श्री करज़ई के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री करज़ई की बुद्धिमत्ता, साहस और दूरदर्शिता के बिना ऐसा संभव नहीं होता। श्री मोदी ने कहा कि करज़ई के नेतृत्व में अफगानिस्तान सशक्त, शांत, समावेशी, समृद्ध और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान बनाने की दिशा में बड़ी प्रगति हासिल की है। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए करज़ई ने बहुत कठिन अवधि में अफगानिस्तान को शान्ति, समृद्धि और स्थिरता के रास्ते पर लाने में सफलतापूर्वक सहयोग दिया जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
प्रधानमंत्री ने भारत-अफगानिस्तान के संबंधों को मजबूत बनाने में करज़ई के योगदान का स्मरण किया। श्री मोदी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान दोनों देशों में नई सरकारे बनी हैं जिन्हें आपसी संबंधों को बढ़ाने में करज़ई के मार्गदर्शन की जरूरत है।
श्री करज़ई ने कहा कि वे भारत के साथ अपने संबंधों को याद रखे हुए हैं। किसी और देश ने अफगानिस्तान के लिए इतना नहीं किया। भारत ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद अफगानिस्तान को सहायता दी। श्री करज़ई ने विश्वास व्यक्त किया कि अफगानिस्तान की नई सरकार भारत-अफगानिस्तान संबंधों को मजबूत बनाने को उच्च प्राथमिकता देगी।
श्री मोदी ने कहा कि करज़ई के लिए भारत दूसरा घर रहा है और वह हमारे विशेष मित्र बने रहेंगे। प्रधानमंत्री ने श्री करज़ई को शीघ्र भारत आने का निमंत्रण दिया। श्री करज़ई ने कहा कि उन्हें शीघ्र भारत यात्रा की प्रतीक्षा है।


