प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ओडिशा में 3 मई, 2019 को आये चक्रवाती तूफान फानी से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रदेश का हवाई दौरा किया। प्रधानमंत्री ने पिपिली, पुरी, कोणार्क, निमपाड़ा और भुबनेश्‍वर का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण में प्रधानमंत्री के साथ प्रदेश के राज्‍यपाल प्रोफेसर गणेशीलाल, मुख्‍यमंत्री श्री नवीन पटनायक और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान भी मौजूद थे।

प्रदेश के हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रधानमंत्री ने चक्रवाती तूफान फानी से हुए नुकसान और राहत एवं पूनर्वास के लिए उठाये जा रहे कदमों की समीक्षा के लिए केन्‍द्र और राज्‍य के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रधानमंत्री ने ओडिशा को सभी संभव मदद देने का आश्‍वासन दिया। उन्‍होंने 1000 करोड़ रूपये की तत्‍काल मदद की घोषणा की। यह राशि 29 अप्रैल, 2019 को राज्‍य सरकार को जारी 341 करोड़ रुपये के अतिरिक्‍त है। उन्‍होंने अंतर-मंत्रालीय केन्‍द्रीय टीम के आंकलन के बाद और मदद करने का वायदा किया।

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के लोगों के साथ एकजुटता का भी प्रदर्शन किया। उन्‍होंने कहा कि केन्‍द्र सरकार न सिर्फ तत्‍काल राहत उपलब्‍ध कराने बल्कि राज्‍य का पु‍नर्निर्माण सुनिश्‍चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने तूफान से मरने वालों की संख्‍या न्‍यूनतम होने में सेटेलाइट इमेजरी और उन्‍नत मौसम पूर्वानुमान तकनीक जैसी प्रोद्योगिकी की भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री ने तूफान आने से पहले 10 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाने के लिए राज्‍य सरकार की कोशिशों और सटीक पूर्वानुमान के लिए मौसम विभाग की खासतौर पर सराहना की। उन्‍होंने तटीय क्षेत्रों में रहने वालों लोगों और मछुआरों के सहयोग की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल पर संतोष जताया, जिससे जनहानि को न्‍यूनतम करने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने बताया कि वह अच्‍छी तरह जानते हैं कि ऐसे तूफान कितनी बर्बादी और तबाही लाते हैं क्‍योंकि वह भी एक तटीय राज्‍य के मुख्‍यमंत्री रह चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, आवास, मछुआरों और कृषि को हुए नुकसान एवं राज्य के लिए आवश्यक राहत का आकलन करने के लिए शीघ्र ही एक केंद्रीय दल ओडिशा आएगा। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जितना जल्द हो सके ऊर्जा, दूरसंचार और रेलवे सेवाएं बहाल करें। उन्‍होंने सड़क और भू-तल मंत्रालय को भी सड़कों की तत्‍काल मरम्‍मत करने के लिए प्रभावी कदम उठाने और इस दिशा में राज्‍य को हर संभव मदद उपलब्‍ध कराने को कहा। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसानों के दावों का आंकलन करने के लिए बीमा कंपनियां तुरन्‍त अपनी टीम भेजे और जल्‍द से जल्‍द किसानों को राहत पहुंचाये।

प्रधानमंत्री ने तूफान में मारे गये लोगों के नजदीकी रिश्‍तेदार को दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने ओडिशा के लोगों को आश्‍वस्‍त किया कि दु:ख की इस घड़ी में केन्‍द्र सरकार उनके साथ खड़ी है।

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प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 08, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की रक्षा में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य से प्रत्येक नागरिक गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि भारत माता के लिए सब कुछ बलिदान करने का उनका जज्बा सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

"स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकंपितुमर्हसि |

धर्म्याधि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियौ न विद्यते ||"

इस श्लोक में यह बताया गया है कि जब व्यक्ति अपने कर्तव्य के प्रति सजग हो जाता है, तो उसके मन में किसी भी प्रकार की झिझक या भय नहीं होना चाहिए, क्योंकि न्याय की वेदी पर धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष एक योद्धा के लिए आत्म-कल्याण का सबसे उत्कृष्ट और गौरवशाली मार्ग है।