प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 23 जुलाई 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मणिपुर जलापूर्ति परियोजना की आधारशिला रखेंगे। मणिपुर के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनके कैबिनेट सहयोगियों, सांसदों और विधायकों के भी इम्फाल से इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।

भारत सरकार ने ‘हर घर जल’ के मूल मंत्र के साथ वर्ष 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ‘जल जीवन मिशन’ की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत अनिवार्य घटक के रूप में जल स्रोतों का स्‍थायित्‍व सुनिश्चित करने संबंधी उपायों को भी लागू किया जाता है जिनमें धूसर जल के प्रबंधन के जरिए पुनर्भरण एवं पुन: उपयोग, जल संरक्षण, वर्षा जल का संचयन, इत्‍यादि शामिल हैं।

जल जीवन मिशन दरअसल जल के लिए सामुदायिक दृष्टिकोण पर आधारित है और इसमें मिशन के प्रमुख घटकों के रूप में व्यापक सूचनाएं, शिक्षा और संचार शामिल हैं। यह मिशन जल के लिए एक जन आंदोलन का माहौल बनाने और इस तरह से इसे हर किसी की प्राथमिकता बनाए जाने के पक्ष में है।

भारत में लगभग 19 करोड़ परिवार हैं। इनमें से केवल 24% के पास ही ताजा जल के घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) हैं। मिशन का उद्देश्य राज्य सरकारों, पंचायती राज संस्थानों और स्थानीय समुदायों सहित सभी हितधारकों की साझेदारी के जरिए 14,33,21,049 परिवारों को एफएचटीसी मुहैया कराना है।

भारत सरकार ने 1,42,749 परिवारों वाली 1,185 बस्तियों को कवर करने के उददेश्‍य से एफएचटीसी के लिए मणिपुर को ‘जल जीवन मिशन' के तहत धनराशि उपलब्ध कराई है। मणिपुर सरकार ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास विभाग से प्राप्‍त धनराशि सहित वित्‍त पोषण के अतिरिक्त स्रोतों के जरिए शेष परिवारों को कवर करने की योजना बनाई है।

बाह्य स्रोतों से वित्त पोषित परियोजना ‘मणिपुर जलापूर्ति परियोजना’ कुछ इस तरह से तैयार की गई थी जिससे कि ग्रेटर इम्फाल योजना क्षेत्र, 25 कस्बों और 1731 ग्रामीण बस्तियों के शेष बचे परिवारों को एफएचटीसी मुहैया कराए जा सकें। इस तरह से यह परियोजना मणिपुर के 16 जिलों के 2,80,756 परिवारों को कवर कर लेगी। मणिपुर जलापूर्ति परियोजना वर्ष 2024 तक ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार के ठोस प्रयासों का एक महत्वपूर्ण घटक है। परियोजना का परिव्यय न्‍यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा वित्त पोषित ऋण घटक के साथ लगभग 3054.58 करोड़ रुपये है।

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प्रधानमंत्री ने मां कात्यायनी का आशीर्वाद लेकर संस्कृत सुभाषितम् और भक्ति पाठ साझा किया
March 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने माँ कात्यायनी का आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि माँ जगदम्बे की आराधना मन को असीम ऊर्जा और आंतरिक शक्ति से भर देती है, जबकि उनकी दिव्य आभा हृदय को उच्च चेतना से आलोकित करती है। उन्होंने प्रार्थना की कि दिव्यता और पराक्रम की अधिष्ठात्री देवी की कृपा से उनके सभी भक्तों को अपार शक्ति और आत्मविश्वास प्राप्त हो।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया-

“चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥”

प्रधानमंत्री ने देवी की स्तुति में एक पाठ भी साझा किया।

प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा;

“मां कात्यायनी को वंदन! दिव्यता और पराक्रम की अधिष्ठात्री देवी मां की कृपा से उनके सभी भक्तों में अपार शक्ति और आत्मविश्वास का संचार हो।

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।

कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥”

“मां जगदम्बे की उपासना से मन अनंत ऊर्जा और आत्मबल से भर जाता है। देवी मां का अलौकिक ओज हृदय को दिव्य चेतना से आलोकित कर देता है।