प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कज़ाखस्तान जाएंगे
भारत को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की पूर्ण सदस्यता मिलेगी
एससीओ के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने को लेकर आशावान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने अपनी कजाकिस्‍तान के दौरे पर प्रस्‍थान से पूर्व निम्‍नलिखित वक्‍तव्‍य दिया है :-

“मैं शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में भाग लेने के लिए 8-9 जून को दो दिन के लिए अस्‍ताना, कजाकिस्‍तान की यात्रा पर रहूंगा।

इस बैठक में, प्रक्रिया के पूरा हो जाने पर भारत एस सी ओ का पूर्ण सदस्‍य बन जाएगा और यह संगठन 40% जनसंख्‍या तथा वैश्विक जीडीपी के करीब 20% का प्रतिनिधित्‍व करेगा।

हमने पिछले वर्ष ताशकंद बैठक में पूर्ण सदस्‍यता की प्रक्रिया शुरू की थी।। मैं एससीओ के साथ भारत के जुड़ाव को और गहरा बनाने के प्रति आशावान हूं, जिससे हमें आर्थिक, कैनक्टिविटी और आंतकवाद विरोधी सहयोग के साथ अन्‍य मामलों में भी मदद मिलेगी।

एससीओ सदस्‍यों के साथ हमारे पुराने संबंध है और पारस्‍परिक बेहतरी एवम हमारे देशों के लोगों के लिए एससीओ के माध्‍यम से मैं इन्‍हें और आगे बढ़ाने का इच्‍छुक हूं।

इसके साथ ही हम लाभकारी सहयोग के लिए नए अवसरों का लाभ तथा हमारी पूर्ण क्षमता के दोहन के मार्ग में संभावित आम चुनौतियों का सामना करने के लिए हम दोहरे प्रयास करेंगे।

9 जून की शाम मैं “भावी ऊर्जा” विषय पर अस्‍ताना एक्‍सपो के उदघाटन कार्यक्रम में भी भाग लूंगा।”

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पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम
July 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज से शुरू हुई पावन-पुनीत श्री अमरनाथ यात्रा के अवसर पर भगवान शिव के सभी भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:

“वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः
शक्यं समाकलयितुं न यदीयरूपम्।

तं भक्तिभावसुलभं शरणं नतानां
नित्यं भजाम्यऽमरनाथमहं दयालुम्॥"

इसका अर्थ है, "जिनके स्वरूप को वाणी, बुद्धि, चित और इंद्रियों के द्वारा यहां तक कि कठोर तपस्याओं से भी नहीं जाना जा सकता और जो भक्ति भाव से सहज प्राप्त हो जाते हैं और नतमस्तक भक्तों के आश्रय हैं, उन दयालु भगवान अमरनाथ की मैं नित्य आराधना करता हूं।“

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:

समस्त शिवभक्तों को पावन-पुनीत श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ की अनंत शुभकामनाएं! बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की यह यात्रा आप सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।

जय बाबा बर्फानी!

वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः
शक्यं समाकलयितुं न यदीयरूपम्।

तं भक्तिभावसुलभं शरणं नतानां
नित्यं भजाम्यऽमरनाथमहं दयालुम्॥