वर्षा सत्र में देशहित के कई महत्‍वपूर्ण मसले उसका निर्णय होना जरूरी है, जिसका निर्णय होना जरूरी है। देश के कई महत्‍वपूर्ण मसलों पर चर्चा होना जरूरी है और जितनी व्‍यापक चर्चा होगी सभी वरिष्‍ठ अनुभवी लोगों का सदन को मार्गदर्शन मिलेगा, उतना देश को भी लाभ होगा, सरकार को भी अपनी निर्णय प्रक्रिया में अच्‍छे सुझावों से फायदा होगा। मैं आशा करता हूं कि सभी राजनीतिक दल सदन के समय का सर्वाधिक उपयोग देश के महत्‍वपूर्ण कामों को आगे बढ़ाने में करेंगे। हर किसी का पूर्ण सहयोग रहेगा और देशभर में भारत की संसद की गतिविधि की छवि राज्‍य विधानसभाओं के लिए भी प्रेरक बने, ऐसा उत्‍तम उदाहरण सभी सांसद सदस्‍य और सभी राजनीतिक दल प्रस्‍तुत करेंगे, ऐसी मेरी पूरी आशा है । हर बार मैंने अपनी आशा प्रकट भी की है, प्रयास भी किया है। इस बार भी आशा प्रकट कर रहा हूं। इस बार भी प्रयास कर रहे हैं और हमारा प्रयास निरंतर रहेगा। कोई भी दल, कोई भी सदस्‍य किसी भी विषय में चर्चा करना चाहता है, सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। यह मानसून सत्र है, देश के कई भागों में वर्षा के कारण कुछ आपदाएं भी हैं और कुछ स्‍थान हैं जहां अपेक्षा से कम वर्षा है। मैं समझता हूं ऐसे विषयों की चर्चा ही बहुत उपयुक्‍त रहेगी। बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मिले-जुले वार्षिकी आधार पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए सड़क निर्माण के संशोधित परिव्यय की मंजूरी दी
March 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हाइब्रिड वार्षिकी आधार पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए सड़क निर्माण के लिए 3630.77 करोड़ रुपये के संशोधित परिव्यय को स्वीकृति दे दी।

31.42 किलोमीटर लंबा यह गलियारा दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधी और उच्च गति का संपर्क मार्ग होगा जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आर्थिक विकास और प्रचालन दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

यह गलियारा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा जिससे बहुआयामी परिवहन संभव होगा। यह उच्च गलियारा संरचनात्मक सुधार के साथ ही शहरी अवसंरचना परिवर्तन, क्षेत्रीय संपर्क और राष्ट्रीय परिचालन दक्षता का महत्वपूर्ण साधन होगा। जेवर हवाई अड्डे -दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की पूरी क्षमता के उपयोग और फरीदाबाद में सतत शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए इसका निर्माण अत्यंत आवश्यक है।

इस परियोजना का लगभग 11 किलोमीटर लंबा हिस्सा एलिवेटेड मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा जो डीएनडी-बल्लभगढ़ बाईपास और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच नए संपर्क मार्ग का महत्वपूर्ण खंड है और इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ता है। यह गलियारा फरीदाबाद मास्टर प्लान, 2031 के तहत घनी आबादी वाले शहरी विकास और भविष्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार के निर्धारित क्षेत्र से होकर गुजरेगा। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की अतिरिक्त लागत 689.24 करोड़ रुपये है। हरियाणा सरकार ने इसमें 450 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति जताई है।

दिल्ली-मुंबई मार्ग के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए संपर्क मार्ग की परियोजना का संरेखण मानचित्र