प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज 2022 तक ‘’सबके लिए मकान’’ लक्ष्‍य पर समीक्षा बैठक की अध्‍यक्षता की।

यह बैठक ‘सबके लिए मकान’ मिशन की रूपरेखा तय करने के लिए हुई। सबके लिए मकान सरकार की प्राथमिकता वाली प्रतिबद्धताओं में एक है। जून 2014 में संसद में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण में इसका उल्‍लेख हुआ था। अभिभाषण के अनुसार ‘’देश की स्‍वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा होने तक प्रत्‍येक परिवार का एक पक्‍का मकान होगा, मकान में पानी का कनेक्‍शन, शौचालय सुविधा, सातों दिन 24 घन्‍टे बिजली सप्‍लाई होगी। सरकार की यही प्रतिबद्धता 2014-15 के बजट भाषण में सबके लिए मकान की घोषणा में भी व्‍यक्‍त की गई थी। वित्‍त मंत्री ने कहा था ‘’हमारी सरकार 2022 तक सबके लिए मकान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए मैं गृह ऋण पर अतिरिक्‍त कर प्रोत्‍साहन घोषणा करता हूं ताकि लोग विशेषकर युवा अपना घर बना पायें। मैं राष्‍ट्रीय आवास बैंक के सहयोग से कम लागत आवास मिशन स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव रखता हूं। कम लागात के मकान विकसित करने के लिए प्रोत्‍साहन योजनाएं लाई की जाएंगी।

सरकार की इस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री इस विजन और प्रतिबद्धता को रूप देने के लिए बैठकें करते रहे हैं। प्रधानमंत्री 22 दिसम्‍बर, 2014 को पिछली बैठक में कार्यक्रम के मूल तत्‍वों पर सहमति वयक्‍त की थी और प्रस्‍ताव को ठीक करने को कहा था। आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप कार्यक्रम को नया रूप दिया और कार्यक्रम की अन्तिम डिजाइन प्रधानमंत्री को प्रस्‍तुत की गई।

प्रधानमंत्री को मकान की इस विशाल आवश्‍यकता को पूरा करने में अपनाई जाने वाली दृष्टि के बारे बताया गया। प्रधानमंत्री के समक्ष केन्‍द्रीय तथा राज्‍य स्‍तर पर डिलिवरी व्‍यवस्‍था की पूरी तस्‍वीर प्रस्‍तुत की गई।

2022 तक देश में 2 करोड़ मकान बनाने का प्रस्‍ताव इस कार्यक्रम में है। ऐसे मकान स्‍लम आवास तथा कमजोर वर्गों के लिए वहन करने योग्‍य मकान होंगे। इसके तहत मलिन बस्तियों में रहने वाले शहरी गरीब, शहरी बेघर तथा आश्रय की खोज में शहरी क्षेत्रों में आए प्रवासी कवर किये जाएंगे। यह कार्यक्रम मेट्रों शहर, छोटे शहर तथा सभी शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा।

यह कार्यक्रम ऐसे मकानों की मांग की समीक्षा तथा संसाधन आवश्‍यकताओं की पहचान के लिए आधारभूत सर्वें से प्रारम्‍भ किया जाएगा। इसके तहत दिल्‍ली में 6 लाख मकान, मुम्‍बई में 16 लाख, चेन्‍नई में 4 लाख तथा कोलकाता में 4 लाख मकान बनेंगे। मांग समीक्षा पूरी होने के बार यह आकंडा ऊपर भी जा सकता है।

इस कार्यक्रम में शहरी सुधार अंग भी शामिल है ताकि शहरी आवास के लिए संसाधन और क्षमता सृजन हो, मार्ग निर्देशक वयवस्‍था हो, और सरकारी समर्थन के साथ-साथ बैंक फाइनेसिंग के अतिरिक्‍त लाभाथिर्यों की ओर से महत्‍वपूर्ण योगदान हो। कार्यक्रम के बड़े हिस्‍से का वित्‍त पोषण पीपीपी मोड में शहरी क्षेत्रों में भूमि तथा अन्‍य संसाधन का लाभ उठाकर किया जाएगा। कार्यक्रम में अनेक प्रक्रिया सुधार तथा नीति परिवर्तन अंतर्निहित है।

प्रधानमंत्री ने सभी संबद्ध विभागों से कार्यक्रम को तत्‍काल अन्तिम रूप देने तथा वैकल्पिक आवास आवश्‍यकताओं के लिए वित्‍त मॉडल तय करने का निर्देश दिया। उन्‍होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता पर जोर दिया की इस महत्‍वकांक्षी कार्यक्रम को शुरू करने में गुणवत्‍ता से समझौता न हो। प्रधानमंत्री ने तटीय क्षेत्रों, पर्यावरण संवेदी क्षेत्रों तथा आपदा संभावना वाले इलाकों की सुरक्षा चिन्‍ताओं को शहरों की नियोजन प्रक्रिया शामिल करने का निर्देश दिया। उन्‍होंने कहा कि सफलता की महान कहानियों तथा नवाचारी टैक्‍नोलॉजी का सावधानीपूर्वक अध्‍ययन किया जाना चाहिए ताकि योजना को लागू करने में श्रेष्‍ठ व्‍यवहारों को अपनाया जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई योजना के अतंर्गत प्रथम प्राथमिकता गंगा तथा इसकी सहायक नदियों के किनारे बसे शहरों और नगरों को दी जानी चाहिए।

बैठक में शहरी विकास मंत्री श्री वेंकैया नायडू, शहरी विकास राज्‍य मंत्री श्री बाबूल सुप्रियो और वरिष्‍ट अधिकारी उपस्थिति थें।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी
March 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के सभी श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह विशेष अवसर पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “मैं उन्हें सादर प्रणाम करता हूं। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी अनेक लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करती हैं। उन्होंने गरिमा, समानता और भक्ति के लिए एक सशक्त आंदोलन को जन्म दिया। उन्होंने पीढ़ियों को सत्य, सद्भाव और सामूहिक उत्थान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि मतुआ संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराएं गहरी आध्यात्मिक शक्ति और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह हमारे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध करती है। श्री मोदी ने कहा, "पिछले एक दशक से हमारी सरकार मतुआ समुदाय के कल्याण, सशक्तिकरण और सम्मान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया:

"मतुआ धर्म मेले के सभी श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।"

यह विशेष अवसर पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी की जयंती से संबंधित है। मैं उन्हें सादर प्रणाम करता हूं। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी अनेक लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करती हैं। उन्होंने गरिमा, समानता और भक्ति के लिए एक सशक्त आंदोलन को जन्म दिया। उन्होंने पीढ़ियों को धर्म, सद्भाव और सामूहिक उत्थान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

मातुआ संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराएं गहरी आध्यात्मिक शक्ति और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह हमारे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध करती है। पिछले एक दशक से, हमारी सरकार मतुआ समुदाय के कल्याण, सशक्तिकरण और गरिमा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध रही है।

 

“মতুয়া ধর্মমেলায় আগত সমস্ত ভক্ত এবং অংশগ্রহণকারীদের জানাই আমার আন্তরিক শুভেচ্ছা ও অভিনন্দন।

এই বিশেষ তিথিটি পূর্ণ ব্রহ্ম শ্রী শ্রী হরিচাঁদ ঠাকুরজির জয়ন্তীর সঙ্গে যুক্ত। আমি তাঁকে আমার সশ্রদ্ধ প্রণাম নিবেদন করছি। তাঁর আদর্শ এবং শিক্ষা আজও অগণিত মানুষকে শক্তি ও আশার আলো দিয়ে চলেছে এবং সম্মান, সাম্য ও ভক্তির এক শক্তিশালী আন্দোলনের জন্ম ঘটিয়েছে। তিনি প্রজন্ম থেকে প্রজন্মান্তরকে ন্যায়ের পথ, সম্প্রীতি এবং সমষ্টিগত উন্নয়নের পথে চলার অনুপ্রেরণা জুগিয়েছেন।

মতুয়া সংস্কৃতির এই সমৃদ্ধ এবং প্রাণবন্ত ঐতিহ্য এক গভীর আধ্যাত্মিক শক্তি এবং সাম্যের প্রতি অটুট অঙ্গীকারকে প্রতিফলিত করে। এটি আমাদের দেশের সামাজিক কাঠামোকে উল্লেখযোগ্যভাবে সমৃদ্ধ করেছে। গত এক দশকে, আমাদের সরকার মতুয়া সম্প্রদায়ের কল্যাণ, ক্ষমতায়ন এবং মর্যাদার প্রতি সম্পূর্ণ দায়বদ্ধ থেকে কাজ করে চলেছে।”