प्रधानमंत्री मोदी ने 25 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्रदान किये
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी
बच्चों को अपने करियर में आगे बढ़ते रहना चाहिए और अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज की भी सेवा करनी चाहिए: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 25 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्रदान किए।

पुरस्कार विजेताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाजिर दिमाग, त्वरित सोच, नि:स्वार्थ दृढ़ संकल्प और संकट में फंसे साथि‍यों के लिए संवेदनशीलता इन बच्चों के अदम्य साहस के सर्वाधि‍क महत्वपूर्ण तत्व थे।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पुरस्कार विजेताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि बहादुरी का यह कृत्य ही अपने आप में एक ध्येय नहीं बन जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन को विकास पथ पर आगे ले जाने का प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए और बच्चों को अपने कैरियर के विकास पर सदा ध्यान देना चाहिए एवं उन्हें अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं के अनुरूप समाज सेवा करने के लिए निरंतर तत्पर रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उन्होंने एक पुस्तक – लाइफ प्रोग्रेसन ऑफ आईसीसीडब्ल्यू नेशनल ब्रेवरी अवार्डीज - का विमोचन किया है, जिसमें इन पहलुओं को छुआ गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार योजना का शुभारंभ आईसीसीडब्ल्यू - भारतीय बाल कल्याण परिषद - द्वारा बहादुर बच्चों के उत्कृष्ट वीरतापूर्ण कार्यों एवं सराहनीय सेवा को प्रोत्साहन देने और अन्य बच्चों को ऐसे अदम्य साहस के कार्य करने के लिए प्रेरित करने हेतु किया गया था।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
'Bharat Innovates' Bridge Between India’s Talented Youth And European Expertise: PM Modi

Media Coverage

'Bharat Innovates' Bridge Between India’s Talented Youth And European Expertise: PM Modi
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में विविधता की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 15, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति के सोचने का तरीका अलग होता है तथा एक अद्वितीय रचनात्मक दृष्टि होती है और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है। उन्होंने उल्लेख किया कि जिस प्रकार जल के प्रत्येक स्रोत का स्वाद अलग होता है, उसी प्रकार प्रत्येक प्रतिभा की अपनी विशिष्ट पहचान और योगदान होता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि विविध विचारों और क्षमताओं के मिलन से ही नवाचार और प्रगति संभव हो पाती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है, जो इस प्रकार है:

“पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः।

जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥”

यह सुभाषित यह संदेश देता है कि नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति की सोचने की शैली अलग होती है तथा उसकी एक अद्वितीय रचनात्मक दृष्टि होती है और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है। जिस प्रकार एक स्रोत से दूसरे स्रोत के जल का स्वाद भिन्न होता है, उसी प्रकार प्रत्येक प्रतिभा की अपनी विशिष्ट पहचान और योगदान होता है। इन भिन्न विचारों और क्षमताओं के मेल से ही नवाचार और प्रगति संभव हो पाती है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः।

जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥”