प्रधानमंत्री मोदी ने 25 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्रदान किये
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी
बच्चों को अपने करियर में आगे बढ़ते रहना चाहिए और अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज की भी सेवा करनी चाहिए: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 25 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्रदान किए।

पुरस्कार विजेताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाजिर दिमाग, त्वरित सोच, नि:स्वार्थ दृढ़ संकल्प और संकट में फंसे साथि‍यों के लिए संवेदनशीलता इन बच्चों के अदम्य साहस के सर्वाधि‍क महत्वपूर्ण तत्व थे।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पुरस्कार विजेताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि बहादुरी का यह कृत्य ही अपने आप में एक ध्येय नहीं बन जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन को विकास पथ पर आगे ले जाने का प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए और बच्चों को अपने कैरियर के विकास पर सदा ध्यान देना चाहिए एवं उन्हें अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं के अनुरूप समाज सेवा करने के लिए निरंतर तत्पर रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उन्होंने एक पुस्तक – लाइफ प्रोग्रेसन ऑफ आईसीसीडब्ल्यू नेशनल ब्रेवरी अवार्डीज - का विमोचन किया है, जिसमें इन पहलुओं को छुआ गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार योजना का शुभारंभ आईसीसीडब्ल्यू - भारतीय बाल कल्याण परिषद - द्वारा बहादुर बच्चों के उत्कृष्ट वीरतापूर्ण कार्यों एवं सराहनीय सेवा को प्रोत्साहन देने और अन्य बच्चों को ऐसे अदम्य साहस के कार्य करने के लिए प्रेरित करने हेतु किया गया था।

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प्रधानमंत्री ने प्रकृति के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 30, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि प्रकृति, पर्यावरण और संपूर्ण सृष्टि के प्रति सम्मान हमारे अस्तित्व का मूल आधार है। उन्होंने सभी से स्वस्थ, समृद्ध और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में कृतज्ञता और निस्वार्थ सेवा की भावना के साथ भाग लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक संस्‍कृत सुभाषितम् साझ किया

“शं नो द्यावापृथिवी पूर्वहूतौ शमन्तरिक्षं दृशये नो अस्तु।

शं न ओषधीर्वनिनो भवन्तु शं नो रजसस्पतिरस्तु जिष्णुः॥”

सुभाषितम् में कहा गया है कि सृष्टि के आरंभ से ही पूजनीय द्युलोक और पृथ्वी हमारे लिए सदा श्रद्धेय रहे हैं। ईश्‍वर करे, पृथ्वी और सूर्य के बीच का मध्यवर्ती भाग हमारे जीवन को लाभप्रद और ज्ञानवर्धक बनाए। सभी औषधीय जड़ी-बूटियां और वन के पौधे हमें स्वास्थ्य, पोषण एवं सुख प्रदान करें। समस्त लोकों के सर्वव्यापी और विजयी स्वामी हमें सदा कल्याण, शांति तथा समृद्धि प्रदान करें।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

“प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि का सम्मान हमारे अस्तित्व के मूल में है। आइए, हम इनके प्रति पूरी कृतज्ञता और सेवाभाव के साथ एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनें।

शं नो द्यावापृथिवी पूर्वहूतौ शमन्तरिक्षं दृशये नो अस्तु।

शं न ओषधीर्वनिनो भवन्तु शं नो रजसस्पतिरस्तु जिष्णुः॥”