प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने विश्‍व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज रेसकोर्स रोड के लॉन में कदम्‍ब का एक पौधा लगाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने प्रत्‍येक परिवार से आने वाली वर्षा ऋतु में एक पेड़ लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि जैसे हम सांसारिक वस्‍तुओं को धारण करने में गर्व महसूस करते हैं, वैसे ही हमें परिवार द्वारा लगाए गए वृक्षों के लिए भी गर्व होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ सामजस्‍य बनाकर रखना ही धरती पर प्रलयकारी स्थिति से बचने का एकमात्र उपाय है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पौधे के निकट एक परंपरागत मटका भी रखा, जो जल संरक्षण का पारंपरिक तरीका है और इससे पौधे को नियमित जल आपूर्ति भी सुनिश्चित होती है।


 

कदंब का पौधा लगाने के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कवि सुभद्रा कुमारी चौहान की इन पंक्तियों का स्‍मरण भी किया –

यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे।
मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे।।

       इस अवसर पर केन्‍द्रीय पर्यावरण और वन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर भी उपस्थित थे।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Silicon Sprint: Why Google, Microsoft, Intel And Cognizant Are Betting Big On India

Media Coverage

Silicon Sprint: Why Google, Microsoft, Intel And Cognizant Are Betting Big On India
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने का स्वागत किया
December 10, 2025
दीपावली हमारी संस्कृति और लोकाचार से बहुत गहराई से जुड़ी है, यह हमारी सभ्यता की आत्मा है और प्रकाश एवं धार्मिकता का प्रतीक है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दीपावली को आज यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किये जाने पर प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया।

यूनेस्को के हैंडल एक्स पर एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने कहा:

‘‘भारत और दुनिया भर के लोग रोमांचित हैं।

हमारे लिए, दीपावली हमारी संस्कृति और लोकाचार से बहुत गहराई से जुड़ी हुई है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह प्रकाश और धार्मिकता का प्रतीक है। दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल करने से इस पर्व की वैश्विक लोकप्रियता और भी बढ़ेगी।

प्रभु श्री राम के आदर्श हमारा शाश्वत रूप से मार्गदर्शन करते रहें।

@UNESCO”