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मलेशिया के साथ हमारे सभ्यतागत और ऐतिहासिक संबंध हैं। हमारे रिश्ते समृद्ध और विविध: पीएम मोदी
मलेशिया में एक बड़े भारतीय समुदाय का विशेष योगदान है। उन्होंने हमारी साझा विरासत को आगे बढ़ाया: प्रधानमंत्री
भारत और मलेशिया के बीच एक संपन्न आर्थिक साझेदारी: प्रधानमंत्री मोदी
भारत के बुनियादी ढांचे की जरूरत और स्मार्ट सिटीज का विज़न मलेशिया के समान: पीएम मोदी
मलेशिया के यू.टी.ए.आर. विश्वविद्यालय ने पहली बार मलेशिया में आयुर्वेद डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह एक स्वागत योग्य कदम है: प्रधानमंत्री
भारत और मलेशिया के बीच व्यापक रक्षा भागीदारी ने हमारे सशस्त्र बलों को करीब ला दिया है: पीएम मोदी 

महामहिम प्रधानमंत्री दातो श्री मोहम्मद नजीब बिन तुन अब्दुल रजाक और मीडिया के साथियों,

हमें भारत में मलेशिया के महामहिम प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए अपार खुशी हो रही है। महामहिम नजीब, आपकी यात्रा मुझे और भारत के लोगों को नवंबर 2015 में मेरी मलेशिया की यात्रा के दौरान गर्मजोशी और शुभकामनाओं का लाभ उठाने का अवसर दिया है। आपकी यात्रा भी हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक समय पर हुई है। हम अपने द्वपक्षीय संबंधों की 60वीं सालगिरह मना रहे हैं। और महामहिम, आपके नेतृत्व और व्यक्तिगत तौर पर ध्यान देने की वजह से हमारे रिश्तों में स्थिरत, मजबूती और जीवंतता आई है। भारत के साथ एक विस्तृत सामरिक भागीदारी स्थापित करने में आपके योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 दोस्तों,

मलेशिया के साथ हमारा संबंध सभ्यतागत और ऐतिहासिक है। हमारे रिश्ते समृद्ध और विविध हैं। हमारा समाज कई स्तरों पर जुड़ा हुआ है। धार्मिक और सांस्कृतिक रिश्तों के चलते हमारे लोगों के बीच मजबूत संबंध स्थापित होते हैं। मलेशिया में भारतीय लोगों का योगदान हमारा विशेष मूल्य है। उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक और लोगों के संबंधों को मजूबत बनाने में महती भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नजीब और मैंने संयुक्त रूप से  कुआला लुम्पुर में तोरांग गेट का उद्घाटन किया था। तोरांग गेट का ढांचा सांची स्तूप की तरह है। यह हमारे रिश्तों का एक प्रतीक है।

 

साथियों,

आज हमारी व्यापक बातचीत में, प्रधानमंत्री नजीब और मैंने अपनी सांस्कृतिक, आर्थिक और सामरिक भागीदारी की पूरी श्रृंखला का चर्चा किया। हम नवंबर 2015 में मलेशिया की अपनी यात्रा के दौरान उठाए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के कार्यान्वयन में लगातार प्रगति पर नजर रख रहे हैं और हम अपनी सामरिक भागीदारी को मजबूती प्रदान करने पर सहमत हुए हैं। एक दृष्टिकोण जो एक क्रिया उन्मुख दृष्टिकोण को प्राथमिकता देता है। इस प्रयास में, सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों को गहरा करना और नए क्षेत्रों में रिश्ते स्थापित करना हमारे मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं।

दोस्तों,

भारत और मलेशिया ने एक संपन्न आर्थिक साझेदारी का निर्माण किया है। इस को मापने के हमारे प्रयासों में, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। और, इससे हमारे समाज में समृद्धि के नए स्थान तैयार हुए हैं। हम दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार और पूंजी प्रवाह को विस्तार देने के लिए तैयार हैं। बुनियादी ढांचा हमारे बीच उपयोगी भागीदारी का एक क्षेत्र रहा है। लेकिन हम और बढिया कर सकते हैं। भारत के बुनियादी ढांचे की जरूरत और स्मार्ट शहरों के विकास की हमारी महत्वाकांक्षी दृष्टि मलेशियाई क्षमताओं के साथ अच्छी तरह से मिलता जुलती है। मलेशियाई कंपनियां भारत के विभिन्न राज्यों में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में काम कर रही हैं। भारतीय कंपनियों ने भी बड़े पैमाने पर मलेशिया की अर्थव्यवस्था में निवेश किया है। हमें खुशी है कि प्रधान मंत्री नजीब के साथ एक उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे जो व्यावसयिक साझेदारियां स्थापित करेंगे वह हमारे व्यापारिक रिश्तों को गति प्रदान करेगा। हम खाद्य सुरक्षा के उद्देश्य को हासिल करने के प्रयासों के साथ एकजुट हो रहे हैं जो हमारे किसानों की भलाई से जुड़ा हुआ है। मलेशिया में उर्वरक संयंत्र के प्रस्तावित विकास पर समझौता ज्ञापन और मलेशिया से भारत में अतिरिक्त यूरिया का आयात एक स्वागत योग्य विकास है।

 मित्रों,

पहली बार मलेशिया में यू.टी.ए.आर. विश्वविद्यालय आयुर्वेद की डिग्री प्रदान करना शुरू किया है। इस विकास का स्वागत किया जाना चाहिए। और इसी विश्वविद्यालय में आयुर्वेद चेयर की स्थापना को लेकर कार्य प्रगति पर है। इससे हमारे रिश्तों में और मजबूती आएगी। शैक्षणिक आदान-प्रदान दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। शैक्षिक डिग्री देने को लेकर आज समझौता ज्ञापन पर हुआ हस्ताक्षर एक मिसाल कायम करेगा और इससे दोनों देशों के समाज व छात्रों को लाभ मिलेगा। 

दोस्तों,

हम ऐसे समय और ऐसे क्षेत्र में रह रहे हैं जहां परंपरागत और गैर-परंपरागत सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नजीब और मैं इस बात पर सहमत हुए हैं कि इस क्षेत्र में इन चुनौनियों के चलते स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को खतरा पैदा हुआ है। हमें और इस क्षेत्र के दूसरे देशों को इस दिशा में साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। इस संदर्भ में, मलेशिया सरकार के साथ आतंकवाद विरोधी अभियान को लेकर अपने निरंतर सहयोग की सराहना करता हूं।

महामहिम, कट्टरपंथ और आतंकवाद का मुकाबला करने में आपका अपना नेतृत्व पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। हमारी व्यापक रक्षा भागीदारी ने पहले ही हमारे सशस्त्र बलों को लगभग करीब लाया है।

हम इन क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं-

  • प्रशिक्षण और क्षमता विकास
  • उपकरण और सैन्य हार्डवेयर का रखरखाव;
  • समुद्री सुरक्षा तथा
  • आपदा प्रतिक्रिया में

 प्रधानमंत्री नजीब और मैं एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि, नेविगेशन की स्वतंत्रता और स्थिरता को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका और ज़िम्मेदारी के बारे में भी जागरूक हैं, खासकर अपने महासागरों में। अपने समाज और बेहतर क्षेत्रीय अच्छे के लिए, हम अपनी सामरिक भागीदारी को और मजबूत करने के लिए सहमत हुए हैं ताकि हमारी आम समस्याओं और चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी प्रतिक्रिया आ सके।

महामहिम प्रधानमंत्री नजीब

हम आपका भारत में एक बार और स्वागत करते हैं। मैं बेहतरीन चर्चाओं के लिए आपका धन्यवाद करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आज लिया गया हमारा निर्णय अगले चरण में हमारी सामरिक भागीदारी को आगे बढ़ाएगा। मैं आपकी भारत यात्रा के सुखद और उपयोगी रहने की कामना करता हूं।

शुक्रिया

आपका बहुत बहुत शुक्रिया 

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PM condoles the passing away of noted economist and former Union minister professor YK Alagh
December 06, 2022
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has expressed deep grief over the passing away of noted economist and former Union minister professor YK Alagh.

In a tweet, the Prime Minister said;

"Professor YK Alagh was a distinguished scholar who was passionate about various aspects of public policy, particularly rural development, the environment and economics. Pained by his demise. I will cherish our interactions. My thoughts are with his family and friends. Om Shanti."