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#मनकीबात: प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को क्रिसमस की बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी #मनकीबात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने #मनकीबात के माध्यम से भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को उनके जन्मदिन की बधाई दी
देश अटल जी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। उनके नेतृत्व में भारत ने परमाणु परीक्षण किये: #मनकीबात में पीएम मोदी
#मनकीबात: श्री नरेन्द्र मोदी ने कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए 'लकी ग्राहक' और 'डिजि धन' योजनाओं का उल्लेख किया
ऑनलाइन भुगतान और आर्थिक लेन-देन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की दिशा में जागरूकता बढ़ रही है: PM #मनकीबात के दौरान
कैशलेस लेन-देन में 200-300 फीसदी की वृद्धि देखकर ख़ुशी हुई: पीएम मोदी #मनकीबात
डिजिटल लेन-देन और भुगतान की दिशा में हमें सबसे आगे होना होगा: मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने #मनकीबात के माध्यम से नोटबंदी के बारे में झूठ फ़ैलाने और ईमानदार लोगों को भ्रमित करने वालों को आगाह किया
लोगों का समर्थन भगवान के आशीर्वाद की तरह है: #मनकीबात में पीएम मोदी
सरकार नियमित रूप से लोगों से उनकी प्रतिक्रिया ले रही है और उस आधार पर नियमों में बदलाव करना सही है: #मनकीबात में पीएम मोदी
हमने बेनामी संपत्ति पर काफ़ी सख्त कानून तैयार किया है: #मनकीबात में पीएम मोदी
आज भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है: #मनकीबात में पीएम मोदी
हमारे देशवासियों के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप भारत विभिन्न आर्थिक मापदंडों पर आगे बढ़ रहा है: प्रधानमंत्री
दिव्यांग लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बिल पारित हुआ है। हम हमारे दिव्यांग नागरिकों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं: प्रधानमंत्री #मनकीबात
हमारे खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया है: #मनकीबात कार्यक्रम में पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने #मनकीबात के माध्यम से देशवासियों को नव वर्ष की बधाई दी 

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | आप सभी को क्रिसमस की अनेक-अनेक शुभकामनायें | आज का दिन सेवा, त्याग और करुणा को अपने जीवन में महत्व देने का अवसर है | ईसा मसीह ने कहा - “ग़रीबों को हमारा उपकार नहीं, हमारा स्वीकार चाहिए” | Saint Luke के Gospel में लिखा है - “जीसस ने न केवल ग़रीबों की सेवा की है, बल्कि ग़रीबों के द्वारा की गयी सेवा की भी सराहना की है” और यही तो असली empowerment है | इससे जुड़ी एक कहानी भी बहुत प्रचलित है | उस कहानी में बताया गया है कि जीसस एक temple treasury के पास खड़े थे | कई अमीर लोग आए, ढेर सारे दान दिए | उसके बाद एक ग़रीब विधवा आई और उसने दो तांबे के सिक्के डाले | एक तरह से देखा जाए, दो तांबे के सिक्के कुछ मायने नहीं रखते | वहाँ खड़े भक्तों के मन में कुतूहल होना बड़ा स्वाभाविक था | तब जीसस ने कहा कि उस विधवा महिला ने सबसे ज़्यादा दान किया है, क्योंकि औरों ने बहुत-कुछ दिया, लेकिन इस विधवा ने तो अपना सब-कुछ दे दिया है |  

आज 25 दिसम्बर, महामना मदन मोहन मालवीय जी की भी जयन्ती है | भारतीय जनमानस में संकल्प और आत्मविश्वास जगाने वाले मालवीय जी ने आधुनिक शिक्षा को एक नई दिशा दी | उन्हें जयन्ती पर भाव-भीनी श्रद्धांजलि | अभी दो दिन पहले, मालवीय जी की तपोभूमि बनारस में मुझे कई सारे विकास के कार्यों का शुभारम्भ करने का अवसर मिला | मैंने वाराणसी में BHU में, महामना मदन मोहन मालवीय Cancer Centre का भी शिलान्यास किया है | इस पूरे क्षेत्र में निर्माण हो रहा है ये Cancer Centre, न सिर्फ़ पूर्वी उत्तर-प्रदेश, लेकिन झारखण्ड-बिहार तक के लोगों के लिये एक बहुत बड़ा वरदान होगा |

आज भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का भी जन्मदिन है | ये देश अटल जी के योगदान को कभी नहीं भुला सकता | उनके नेतृत्व में हमने परमाणु शक्ति में भी देश का सर ऊपर किया | पार्टी नेता हो, संसद सदस्य हो, मंत्री हो या प्रधानमंत्री, अटल जी ने प्रत्येक भूमिका में एक आदर्श को प्रतिष्ठित किया | अटल जी के जन्मदिन पर मैं उनको प्रणाम करता हूँ और उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिये ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ | एक कार्यकर्ता के नाते अटल जी के साथ कार्य करने का सौभाग्य मिला | अनेक स्मृतियाँ आँखों के सामने उभर करके आती हैं | आज सुबह-सुबह जब मैंने tweet किया, तो एक पुराना video भी मैंने share किया है | एक छोटे कार्यकर्ता के रूप में अटल जी का स्नेह-वर्षा का सौभाग्य कैसा मिलता था, उस video को देख करके ही पता चलेगा |

आज क्रिसमस के दिन, सौगात के रूप में, देशवासियों को दो योजनाओं का लाभ मिलने जा रहा है | एक प्रकार से दो नवतर योजनाओं का आरम्भ हो रहा है | पूरे देश में, गाँव हो या शहर हो, पढ़े लिखे हों या अनपढ़ हों, cashless क्या है, cashless कारोबार कैसे चल सकता है, बिना cash ख़रीदारी कैसे की जा सकती है - चारों तरफ़ एक जिज्ञासा का माहौल बना है | हर कोई एक-दूसरे से सीखना-समझना चाहता है | इस बात को बढ़ावा देने के लिये, mobile banking को ताक़त मिले इसलिये, e-payment की आदत लगे इसलिये, भारत सरकार ने, ग्राहकों के लिये और छोटे व्यापारियों के लिये प्रोत्साहन योजना का आज से प्रारंभ हो रहा है | ग्राहकों को प्रोत्साहन करने के लिये योजना है - ‘lucky ग्राहक योजना’ और व्यापारियों को प्रोत्साहन करने के लिये योजना है - ‘Digiधन व्यापार योजना’ |  

आज 25 दिसम्बर को क्रिसमस की सौगात  के रूप में, पंद्रह हज़ार लोगों को draw system से इनाम मिलेगा और पंद्रह हज़ार के, हर-एक के खाते में एक-एक हज़ार रूपये का इनाम जाएगा और ये सिर्फ़ आज एक दिन के लिये नहीं है, ये योजना आज से शुरू हो करके 100 दिन तक  चलने वाली है | हर दिन, पंद्रह हज़ार लोगों को एक-एक हज़ार रूपये का इनाम मिलने वाला है | 100 दिन में, लाखों परिवारों तक, करोड़ों रुपयों की सौगात पहुँचने वाली है, लेकिन ये इनाम के हक़दार आप तब बनेंगे, जब आप mobile banking, e-banking, RuPay Card, UPI, USSD - ये जितने digital भुगतान के तरीक़े हैं, उनका उपयोग करोगे, उसी के आधार पर draw निकलेगा | इसके साथ-साथ ऐसे ग्राहकों के लिये सप्ताह में एक दिन बड़ा draw होगा, जिसमें इनाम भी लाखों में होंगे और तीन महीने के बाद, 14 अप्रैल डॉक्टर बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म जयन्ती है, उस दिन एक bumper draw होगा, जिसमें करोड़ों के इनाम होंगे | ‘Digiधन व्यापार योजना’ प्रमुख रूप से व्यापारियों के लिये है | व्यापारी स्वयं इस योजना से जुड़ें और अपना कारोबार भी cashless बनाने के लिए ग्राहकों को भी  जोड़ें | ऐसे व्यापारियों को भी अलग से इनाम दिए  जाएँगे और ये इनाम हज़ारों की तादाद में हैं | व्यापारियों का अपना व्यापार भी चलेगा और ऊपर से इनाम का अवसर भी मिलेगा | ये योजना, समाज के सभी वर्गों, खास करके ग़रीब एवं निम्न मध्यम-वर्ग, उनको केंद्र में रख करके बनायी गई है और इसलिये जो 50 रूपये से ऊपर ख़रीदते हैं और तीन हज़ार से कम की ख़रीदी करते हैं, उन्हीं को इसका लाभ मिलेगा | तीन हज़ार रुपये से ज़्यादा ख़रीदी करने वाले को इस इनाम का लाभ नहीं मिलेगा | ग़रीब से ग़रीब लोग भी USSD का इस्तेमाल कर feature फ़ोन, साधारण फ़ोन के माध्यम से भी सामान ख़रीद भी सकते हैं, सामान बेच भी सकते हैं और पैसों का भुगतान भी कर सकते हैं और वे सब इस इनाम योजना के लाभार्थी भी बन सकते हैं | ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग AEPS के माध्यम से ख़रीद-बिक्री कर सकते हैं और वे भी इनाम जीत सकते हैं | कइयों को आश्चर्य होगा, भारत में आज लगभग 30 करोड़ RuPay Card हैं, जिसमें से 20 करोड़ ग़रीब परिवार, जो जन-धन खाता वाले लोग हैं, उनके पास हैं | ये 30 करोड़ लोग तो तुरंत इस इनामी योजना का हिस्सा बन सकते हैं | मुझे विश्वास है कि देशवासी इस व्यवस्था में रुचि लेंगे और आपके अगल-बगल में जो नौजवान होंगे, वो ज़रूर इन चीज़ों को जानते होंगे, आप थोड़ा-सा उनको पूछोगे, वो बता देंगे | अरे, आपके परिवार में भी 10वीं-12वीं का बच्चा होगा, तो वो भी भली-भाँति चीज़ आपको सिखा देगा | ये बहुत सरल है - जैसे आप मोबाइल फ़ोन से WhatsApp भेजते हैं न, उतना ही सरल है |

    मेरे प्यारे देशवासियो, मुझे ये जान करके ख़ुशी होती है कि देश में technology का उपयोग कैसे करना, e-payment कैसे करना, online payment कैसे करना, इसकी जागरूकता बहुत तेज़ी से बढ़ रही है | पिछले कुछ ही दिनों में cashless कारोबार, बिना नगद का कारोबार, 200 से 300 प्रतिशत बढ़ा है | इसको बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है | ये फैसला कितना बड़ा है, इसका अंदाज़ तो व्यापारी बहुत अच्छी तरह लगा सकते हैं | जो व्यापारी digital लेन-देन करेंगे, अपने कारोबार में नगद के बजाय online payment की पद्धति विकसित करेंगे, ऐसे व्यापारियों को Income Tax में छूट दे दी गई है |

मैं देश के सभी राज्यों को भी बधाई देता हूँ, Union Territory को भी बधाई देता हूँ | सबने अपने-अपने प्रकार से इस अभियान को आगे बढ़ाया है | आंध्र के मुख्यमंत्री श्रीमान चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में एक committee भी बनाई है, जो इसके लिये अनेक योजनाओं पर विचार कर रही है | लेकिन मैंने देखा कि सरकारों ने भी अपने तरीक़े से कई योजनायें आरंभ की हैं, लागू की हैं | किसी ने मुझे बताया कि असम सरकार ने property tax और व्यापार license fee का digital भुगतान करने पर 10 फ़ीसदी छूट देने का निर्णय किया है | ग्रामीण बैंको के branch अपने 75% उपभोक्ता से जनवरी से मार्च के बीच कम से कम दो digital transaction करवाते हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से 50 हज़ार रूपये इनाम मिलने वाले हैं | 31 मार्च, 2017 तक 100% digital transaction करने वाले गाँवों को सरकार की ओर से Uttam Panchayat for Digi-Transaction के तहत 5 लाख रुपये का इनाम देने की उन्होंने घोषणा की है | उन्होंने किसानों के लिये डिजिटल कृषक शिरोमणि  असम सरकार ने ऐसे पहले 10 किसानों को 5 हज़ार रुपया इनाम देने का निर्णय किया है, जो बीज और खाद की ख़रीद के लिए पूरी तरह digital भुगतान का इस्तेमाल करते हैं | मैं असम सरकार को बधाई देता हूँ, लेकिन इस प्रकार से initiative लिये सभी सरकारों को बधाई देता हूँ |

कई organisations ने भी गाँव ग़रीब किसानों के बीच digital लेन-देन को बढ़ावा देने के कई सफल प्रयोग किये हैं | मुझे किसी ने बताया, GNFC - Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals Limited, जो मुख्यतः खाद का काम करता है, उन्होंने किसानों को सुविधा हो, इसलिये एक हज़ार POS Machine खाद जहाँ बेचते हैं, वहाँ लगाए हैं और कुछ ही दिनों में 35 हज़ार किसानों को 5 लाख खाद के बोरे digital भुगतान के माध्यम से कर दिये और ये सब सिर्फ दो हफ़्ते में किया और मज़ा यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में GNFC की खाद की बिक्री में 27 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है |

    भाइयो-बहनो, हमारी अर्थव्यवस्था में, हमारी जीवन व्यवस्था में, informal sector बहुत बड़ा है और ज़्यादातर इन लोगों को मज़दूरी का पैसा, काम का पैसा या पगार नगद में दिया जाता है, Cash में salary दी जाती है और हमें पता है, उसके कारण मज़दूरों का शोषण भी होता है | 100 रूपए मिलने चाहिए तो 80 मिलते हैं, 80 मिलने चाहिए तो 50 मिलते हैं और insurance जैसे health sector की दृष्टि से अन्य कई सुविधायें होती हैं, उससे वो वंचित रह जाते हैं |
लेकिन अब cashless payment हो रहा है | सीधा पैसा बैंक में जमा हो रहा है | एक प्रकार से informal sector formal में convert होता जा रहा है, शोषण बंद हो रहा है, cut देना पड़ता था, वो cut भी अब बंद हो रहा है और मज़दूर को, कारीगर को, ऐसे ग़रीब व्यक्ति को पूरे पैसे मिलना संभव हुआ है | साथ-साथ अन्य जो लाभ मिलते हैं, वे लाभ का भी वो हक़दार बन रहा है |

हमारा देश तो सर्वाधिक युवाओं वाला देश है | technology हमें सहज साध्य है | भारत जैसे देश ने तो इस क्षेत्र में सबसे आगे होना चाहिए | हमारे नौजवानों ने Start-Up से काफ़ी प्रगति की है | ये digital movement एक सुनहरा अवसर है | हमारे नौजवान नये-नये ideas के साथ, नयी-नयी technology के साथ, नयी-नयी पद्धति के साथ इस क्षेत्र को जितना बल दे सकते हैं, देना चाहिये, लेकिन देश को काले धन से, भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के अभियान में पूरी ताक़त से हमें जुड़ना चाहिये |

    मेरे प्यारे देशवासियो, मैं हर महीने ‘मन की बात’ के पहले लोगों से आग्रह करता हूँ कि आप मुझे अपने सुझाव दीजिए, अपने विचार बताइए और हज़ारों की तादाद में MyGov पर, NarendraModiApp पर इस बार जो सुझाव आए, मैं कह सकता हूँ, 80-90 प्रतिशत सुझाव भ्रष्टाचार और काले धन के ख़िलाफ़ की लड़ाई के संबंध में आए, नोटबंदी की चर्चा आई | इन सारी चीज़ों को जब मैंने देखा तो मैं मोटे-मोटे तौर पर कह सकता हूँ कि मैं उसको तीन भागों में विभाजित करता हूँ | कुछ लोगों ने जो मुझे लिखा है, उसमें नागरिकों को कैसी-कैसी कठिनाइयाँ हो रही हैं, कैसी असुविधायें हो रही हैं, इसके संबंध में विस्तार से लिखा है | लिखने वालों का दूसरा तबका वो है, जिन्होंने ज़्यादातर उन बातों पर बल दिया है कि इतना अच्छा काम, देश की भलाई का काम, इतना पवित्र काम, लेकिन उसके बावजूद भी कहाँ-कहाँ कैसी-कैसी धांधली हो रही है, किस प्रकार से बेईमानी के नये-नये रास्ते खोज़े जा रहे हैं, इसका भी ज़िक्र लोगों ने किया है | और तीसरा वो तबका है, जिन्होंने जो हुआ है, उसका तो समर्थन किया है, लेकिन साथ-साथ ये लड़ाई आगे बढ़नी चाहिए, भ्रष्टाचार, काला धन पूर्णतया नष्ट होना चाहिए, इसके लिए और कठोर कदम उठाने चाहिए तो उठाने चाहिए, ऐसा बड़ा ही बल देकर के लिखने वाले लोग भी हैं |

    मैं देशवासियों का आभारी हूँ कि इतनी सारी चिट्ठियाँ लिख करके मुझे आपने मदद की है | श्रीमान गुरुमणि केवल ने MyGov पर लिखा है – “काले धन पर लगाम लगाने का ये कदम प्रसंशा के योग्य है I हम नागरिकों को परेशानी हो रही है, लेकिन हम सब भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़  लड़ रहे हैं और इस लड़ाई में हम जो सहयोग दे रहे हैं, उससे हम ख़ुश हैं I हम भ्रष्टाचार, काला धन इत्यादि के खिलाफ़ military forces की तरह लड़ रहे हैं I गुरुमणि केवल जी ने जो बात लिखी है, देश के हर कोने में से यही भावना उजागर हो रही है I हम सब इसको अनुभव कर रहे हैं I लेकिन ये बात सही है, जब जनता कष्ट झेलती है, तकलीफ़ झेलती है, तो कौन इंसान होगा, जिसको पीड़ा न होती हो I जितनी पीड़ा आपको होती है, उतनी ही पीड़ा मुझे भी होती है I लेकिन एक उत्तम ध्येय के लिये, एक उच्च इरादे को पार करने के लिये, साफ़ नीयत के साथ जब काम होता है, तो ये कष्ट के बीच, दुख के बीच, पीड़ा के बीच भी देशवासी हिम्मत के साथ डटे रहते हैं I ये लोग ही असल में agent of change - बदलाव के पुरोधा हैं I मैं लोगों को एक और कारण के लिये भी धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने न केवल परेशानियाँ उठाई हैं, बल्कि उन चुनिन्दा लोगों को करारा जवाब भी दिया है, जो जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं I कितनी सारी अफवाहें फैलाई गईं ! भ्रष्टाचार और काले धन जैसी लड़ाई को भी साम्प्रदायिकता के रंग से रंगने का भी कितना प्रयास किया गया ! किसी ने अफ़वाह फैलाई, नोट पर लिखी spelling ग़लत है, किसी ने कह दिया, नमक का दाम बढ़ गया है, किसी ने अफ़वाह चला दी, 2000 के नोट भी जाने वाली है, 500 और 100 के भी जाने वाली है, ये भी फिर से जाने वाला है, लेकिन मैंने देखा, भाँति-भाँति अफ़वाहों के बावजूद भी देशवासियों के मन को कोई डुला नहीं सका है I इतना ही नहीं, कई लोग मैदान में आए, अपने creativity के द्वारा, अपने बुद्धि शक्ति के द्वारा अफ़वाह फैलाने वालों को भी बेनक़ाब किया, अफ़वाहों को भी बेनक़ाब कर दिया और सत्य लाकर के खड़ा कर दिया I मैं जनता के इस सामर्थ्य को भी शत-शत नमन करता हूँ I

मेरे प्यारे देशवासियो, ये मैं साफ अनुभव कर रहा हूँ, हर पल अनुभव कर रहा हूँ - जब सवा-सौ करोड़ देशवासी आपके साथ खड़े हों, तब कुछ भी असंभव नहीं होता है और जनता-जनार्दन ही तो ईश्वर का रूप होती है और जनता के आशीर्वाद, ईश्वर के ही आशीर्वाद बन जाते हैं I मैं देश की जनता को धन्यवाद देता हूँ, उन्हें नमन करता हूँ कि भ्रष्टाचार और काले धन के ख़िलाफ़ इस महायज्ञ में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया है I मैं चाहता था कि सदन में भ्रष्टाचार और काले धन के ख़िलाफ़ जो लड़ाई चल रही है, राजनैतिक दलों के लिये भी, political funding के लिये भी, व्यापक चर्चा हो I अगर सदन चला होता, तो ज़रूर अच्छी चर्चा होती I जो लोग अफ़वाहें फैला रहे हैं कि राजनैतिक दलों को सब छूट-छाट है, ये ग़लत है I क़ानून सब के लिये समान होता है, चाहे व्यक्ति हो, संगठन हो या राजनैतिक दल हो, हर किसी को क़ानून का पालन करना ही होता है और करना ही पड़ेगा I जो लोग खुल कर के भ्रष्टाचार और काले धन का समर्थन नहीं कर पाते हैं, वे सरकार की कमियाँ ढूंढने के लिए पूरी देर लगे रहते हैं I

एक बात ये भी आती है, बार-बार नियम क्यों बदलते हैं ? ये सरकार जनता-जनार्दन के लिये है I जनता का लगातार feedback लेने का प्रयास सरकार करती है I जनता-जनार्दन को कहाँ कठिनाई हो रही है, किस नियम के कारण दिक्क़त आती है, उसका क्या रास्ता खोजा जा सकता है - हर पल सरकार एक संवेदनशील सरकार होने के कारण जनता-जनार्दन की सुख-सुविधा को ध्यान में रखते हुए जितने भी नियम बदलने पड़ते हैं, बदलती है, ताकि लोगों की परेशानी कम हो I दूसरी तरफ, मैंने पहले ही दिन कहा था, 8 तारीख़ को कहा था, ये लड़ाई असामान्य है I 70 साल से बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में कैसी शक्तियाँ जुड़ी हुई हैं, उनकी ताक़त कितनी है - ऐसे लोगों से मैंने जब मुक़ाबला करना ठान लिया है, तो वे भी तो सरकार को पराजित करने के लिए रोज़ नये तरीक़े अपनाते हैं I जब वो नये तरीक़े अपनाते हैं, तो हमें भी तो उसके काट के लिये नया तरीक़ा अपनाना पड़ता है I तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात, क्योंकि हमने तय किया है कि भ्रष्टाचारियों को, काले कारोबारों को, काले धन को मिटाना है I

दूसरी तरफ, कई लोगों के पत्र इस बात को लेकर के आए हैं, जिसमें किस प्रकार की धाँधलियां हो रही हैं, किस प्रकार से नये-नये रास्ते खोजे जा रहे हैं, इसकी चर्चा है I मैं प्यारे देशवासियों को एक बात का हृदय से अभिनन्दन करना चाहता हूँ I आज आप लोग टी.वी. पर, समाचार-पत्रों में देखते होंगे, रोज़ नये-नये लोग पकड़े जा रहे हैं, नोटें पकड़ी जा रही हैं, छापे मारे जा रहे हैं, अच्छे-अच्छे लोग पकड़े जा रहे हैं I ये कैसे संभव हुआ है? मैं secret बता दूँ I secret ये है कि जानकारियाँ मुझे लोगों की तरफ़ से मिल रही हैं I सरकारी व्यवस्था से जितनी जानकारी आती है, उससे अनेक गुना ज़्यादा सामान्य नागरिकों से जानकारियाँ आ रही हैं और ज़्यादातर हमें सफलता मिल रही है, वो जन-सामान्य की जागरूकता के कारण मिल रही है I कोई कल्पना कर सकता है - मेरे देश का जागरूक नागरिक ऐसे तत्वों को बेनक़ाब करने के लिये कितना risk ले रहा है और जो जानकारियाँ आ रही हैं, उसमें ज़्यादातर सफलता मिल रही है I मुझे विश्वास है कि सरकार ने इसके लिये जो एक e-mail address इस प्रकार की ख़बरें देना चाहते हैं, उनके लिए बनाया है I उस पर भी भेज सकते हो, MyGov पर भी भेज सकते हो I सरकार ऐसी सारी बुराइयों के साथ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और जब आपका सहयोग है तो फिर लड़ना बहुत आसान है I

तीसरे पत्र-लेखकों का ग्रुप ऐसा है, वे भी बहुत बड़ी संख्या में हैं  I वो कहते हैं - मोदी जी, थक मत जाना, रुक मत जाना और जितना कठोर कदम उठा सकते हो, उठाओ, लेकिन अब एक बार रास्ता पकड़ा है, तो मंज़िल तक पहुंचना ही है I मैं ऐसे पत्र लिखने वाले सब को विशेष रूप से धन्यवाद करता हूँ, क्योंकि उनके पत्र में एक प्रकार से विश्वास भी है, आशीर्वाद भी है I मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि ये पूर्ण विराम नहीं है, ये तो अभी शुरुआत है, ये जंग जीतना है और थकने का तो सवाल ही कहाँ उठता है, रुकने का तो सवाल ही नहीं उठता है और जिस बात पर सवा-सौ करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद हो, उसमें तो पीछे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है I आपको मालूम होगा, हमारे देश में ‘बेनामी संपत्ति’ का एक क़ानून Nineteen Eighty Eight उन्नीस सौ अट्ठासी में बना था, लेकिन कभी भी न उसके rules बने, उसको notify नहीं किया, ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पड़ा रहा I हमने उसको निकाला है और बड़ा धारदार ‘बेनामी संपत्ति’ का क़ानून हमने बनाया है I आने वाले दिनों में वो क़ानून भी अपना काम करेगा I देशहित के लिये, जनहित के लिये जो भी करना पड़े, ये हमारी प्राथमिकता है I

मेरे प्यारे देशवासियो, पिछली बार भी ‘मन की बात’ में मैंने कहा था कि इन कठिनाइयों के बीच भी हमारे किसानों ने कड़ी मेहनत कर के बुवाई में पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया I कृषि क्षेत्र के दृष्टि से ये शुभ संकेत हैं I इस देश का मज़दूर हो, इस देश का किसान हो, इस देश का नौजवान हो, इन सब के परिश्रम आज नये रंग ला रहे हैं I पिछले दिनों विश्व के अर्थ-मंच पर भारत ने अनेक क्षेत्रों में अपना नाम बड़े गौरव के साथ अंकित करवाया है I हमारे देशवासियों के लगातार प्रयासों का परिणाम है, अलग-अलग indicators के ज़रिये भारत की वैश्विक ranking में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है I World Bank की Doing Business Report में भारत की ranking बढ़ी है I हम भारत में business practices को दुनिया के best practices के बराबर बनाने का तेज़ी से प्रयास कर रहे हैं और सफलता मिल रही है I UNCTAD उसके द्वारा जारी World Investment Report के अनुसार top prospective host economies for 2016-18 में भारत का स्थान तीसरा पहुँच गया है I World Economic Forum के Global Competitiveness Report में भारत ने 32 rank की छलांग लगाई है I Global Innovation Index 2016 में हमने 16 स्थानों की बढ़त हासिल की है और World Bank के Logistics Performance Index 2016 में 19 rank की बढ़ोतरी हुई है I कई report ऐसे हैं, जिसके मूल्यांकन भी इसी ओर इशारा करते हैं I भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है I

मेरे प्यारे देशवासियो, इस बार संसद का सत्र देशवासियों की नाराज़गी का कारण बना I चारों तरफ़ संसद के गतिविधि के संबंध में रोष प्रकट हुआ I राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति जी ने भी प्रकट रूप से नाराज़गी व्यक्त की I लेकिन इस हालात में भी, कभी-कभी कुछ अच्छी बात भी हो जाती है और तब मन को एक बहुत संतोष मिलता है I संसद के हो-हल्ले के बीच एक ऐसा उत्तम काम हुआ, जिसकी तरफ़ देश का ध्यान नहीं गया है I भाइयो-बहनो, आज मुझे इस बात को बताते हुए गर्व और हर्ष की अनुभूति हो रही है कि दिव्यांग-जनों पर जिस mission को ले करके मेरी सरकार चली थी, उससे जुड़ा एक बिल संसद में पारित हो गया | इसके लिये मैं लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूँ, देश के करोड़ों दिव्यांग-जनों की तरफ से आभार व्यक्त करता हूँ I दिव्यांगों के लिए हमारी सरकार committed है I मैंने निजी तौर पर भी इसे लेकर मुहिम को गति देने की कोशिश भी की है I मेरा इरादा था, दिव्यांग-जनों को उनका हक़ मिले, सम्मान मिले, जिसके वो अधिकारी हैं I हमारे प्रयासों और भरोसों को हमारे दिव्यांग भाई-बहनों ने उस वक़्त और मज़बूती दी, जब वे Paralympics में चार medal जीत करके ले आए | उन्होंने अपनी इस जीत से न केवल देश का मान बढ़ाया, बल्कि अपनी क्षमता से लोगों को आश्चर्यचकित भी कर दिया I हमारे दिव्यांग भाई-बहन भी देश के हर नागरिक की तरह हमारी एक अनमोल विरासत हैं, अनमोल शक्ति हैं I मैं आज बेहद ख़ुश हूँ कि दिव्यांग-जनों के हित के लिए ये क़ानून पास होने के बाद दिव्यांगों के पास नौकरी के ज़्यादा अवसर होंगे I सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सीमा बढ़ा करके 4% कर दी गई है I इस क़ानून से दिव्यांगों की शिक्षा, सुविधा और शिकायतों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं I दिव्यांगों को ले करके सरकार कितनी संवेदनशील है, इसका अंदाज़ आप इस बात से लगा सकते हैं कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्ष में दिव्यांग-जनों के लिए चार हज़ार तीन सौ पचास कैंप लगाए I तीन सौ बावन करोड़ रूपयों की राशि खर्च करके पाँच लाख अस्सी हज़ार दिव्यांग भाई-बहनों को उपकरण बाँटे I सरकार ने United Nations की भावना के अनुरूप ही नया क़ानून पारित किया है I पहले दिव्यांगों की श्रेणी सात प्रकार की हुआ करती थी, लेकिन अब क़ानून बना करके उसे इक्कीस प्रकार की कर दी गई है I इसमें चौदह नई श्रेणियाँ और जोड़ दी हैं I दिव्यांगों की कई ऐसी श्रेणियाँ शामिल की गयी हैं, जिसे पहली बार न्याय मिला है, अवसर मिला है I जैसे- Thalassemia, Parkinson’s या फिर बौनापन, ऐसे क्षेत्रों को भी इस श्रेणी के साथ जोड़ दिया गया है I

मेरे युवा साथियो, पिछले कुछ हफ़्तों में खेल के मैदान में ऐसी ख़बरें आईं, जिसने हम सब को गौरवान्वित कर दिया I भारतीय होने के नाते हम सब को गर्व होना बहुत स्वाभाविक है I भारतीय क्रिकेट टीम की इंग्लैंड के खिलाफ़ चार शून्य (4-0) से सीरीज़ में जीत हुई है I इसमें कुछ युवा खिलाड़ियों की performance क़ाबिले-तारीफ़ रही I हमारे नौजवान करुण नायर ने triple century लगाई, तो के. एल. राहुल ने 199 रनों की पारी खेली I टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने तो अच्छी batting के साथ-साथ अच्छा नेतृत्व भी दिया I भारतीय क्रिकेट टीम के off-spinner गेंदबाज़ आर. अश्विन को ICC ने वर्ष 2016 का ‘Cricketer of The Year’ और ‘Best Test Cricketer’ घोषित किया है I इन सब को मेरी बहुत-बहुत बधाइयाँ, ढेर सारी शुभकामनायें I हॉकी के क्षेत्र में भी पंद्रह साल के बाद बहुत अच्छी ख़बर आई, शानदार ख़बर आई | Junior Hockey Team ने World Cup पर कब्ज़ा कर लिया I पंद्रह साल के बाद ये मौक़ा आया है, जब Junior Hockey Team ने World Cup जीता I इस उपलब्धि के लिये नौजवान खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई | ये उपलब्धि भारतीय हॉकी टीम के भविष्य के लिये शुभ संकेत है I पिछले महीने हमारी महिला खिलाड़ियों ने भी कमाल करके दिखाया I भारत की महिला हॉकी टीम ने Asian Champions Trophy भी जीती और अभी-अभी कुछ ही दिन पहले Under-18 Asia Cup भारत की महिला हॉकी टीम ने Bronze Medal हासिल किया I मैं क्रिकेट और हॉकी टीम के सभी खिलाड़ियों को ह्रदय से बहुत-बहुत अभिनन्दन करता हूँ I

मेरे प्यारे देशवासियो, 2017 का वर्ष नयी उमंग और उत्साह का वर्ष बने, आपके सारे संकल्प सिद्ध हों, विकास की नई ऊँचाइयों को हम पार करें, सुख-चैन की ज़िन्दगी जीने के लिए ग़रीब से ग़रीब को अवसर मिले, ऐसा हमारा 2017 का वर्ष रहे I 2017 के वर्ष के लिये मेरी तरफ़ से सभी देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनायें I बहुत-बहुत धन्यवाद I

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Prime Minister Shri Narendra Modi will participate in the Krishnaguru Eknaam Akhanda Kirtan for World Peace, being held at Krishnaguru Sevashram at Barpeta, Assam, on 3rd February 2023 at 4:30 PM via video conferencing. Prime Minister will also address the devotees of Krishnaguru Sevashram.

Paramguru Krishnaguru Ishwar established the Krishnaguru Sevashram in the year 1974, at village Nasatra, Barpeta Assam. He is the ninth descendant of Mahavaishnab Manohardeva, who was the follower of the great Vaishnavite saint Shri Shankardeva. Krishnaguru Eknaam Akhanda Kirtan for World Peace is a month-long kirtan being held from 6th January at Krishnaguru Sevashram.