प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न पहल पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे केंद्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों का बड़े पैमाने पर किसानों को लाभ मिल रहा है
सरकार और किसानों के बीच एक पुल के रूप में कार्य करें किसान अनुकूल पहल की पहुंच को आगे ले जाएं: पीएम मोदी
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की उदासीनता के कारण किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिला: प्रधानमंत्री
एनडीए सरकार द्वारा लागू बजट किसानों और कृषि क्षेत्र के कल्याण पर केंद्रित है: प्रधानमंत्री मोदी
अधिसूचित फसलों के लिए एमएसपी; किसानों को अब उत्पादन की लागत का 1.5 गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा: पीएम मोदी
जैविक खेती के तरीकों और कृषि के नवीनतम तरीकों को अपनाएं: प्रधानमंत्री का किसानों से आग्रह

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार किसानों के विकास के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने बुआई से पहले, बुआई के दौरान और फिर फसल की कटाई के बाद यानी पूरे कृषि चक्र के लिए किसान कल्याण की योजनाएं बनाई हैं और उनके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने नरेन्द्र मोदी एप के माध्यम से कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। श्री मोदी ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनने पर प्राथमिकता के आधार पर किसानों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा और उन्हें केंद्र की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में गांव और कृषि के लिए 14 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो ऐतिहासिक है। कृषि और किसानों के लिए सरकार का विजन कभी भी आइसोलेटेड नहीं रहा है। सरकार कृषि के साथ जुड़े सभी पहलुओं को एक हॉलिस्टिक एप्रोच के साथ देखने की पक्षधर है। चाहे कृषि के लिए भूमि का ख्याल रखना हो या सिंचाई के लिए जल संरक्षण पर जोर हो, सरकार का पूरा ध्यान इस पर है कि देश के किसानों को कृषि के कार्य में शुरुआत से अंत तक किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार बीज से बाजार तक फसल चक्र के हर चरण के दौरान किसानों को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। सरकार ने कृषि ऋण के लिए रिकॉर्ड 11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है। देशभर में किसानों को 12.5 करोड़ सॉयल हेल्थ कार्ड दिए गए हैं, वहीं कर्नाटक में भी लगभग 1 करोड़ किसानों के पास सॉयल हेल्थ कार्ड पहुंचा है। किसानों को सरकार की तरफ से समय पर अच्छी गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही नए किस्म के बीजों का विकास किया जा रहा है। केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से अब किसानों को पहले की तरह खाद की समस्या से जूझना नहीं पड़ रहा है। सरकार ने नई फर्टिलाइजर नीति तैयार की है, किसानों को शत प्रतिशत नीम कोटिंग यूरिया उपलब्ध कराई जा रही है। पहली बार सरकार ने NPK खाद की कीमतों में कटौती की है।

पीएम मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने कृषि से जुड़ी योजनाओं को नई एप्रोच के साथ लागू किया है। प्रधानमंत्री कृषि योजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए एक साथ काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस देश में जल संचय, जल सिंचन और माइक्रो इरिगेशन का दायरा बढ़ाने पर है। सिंचाई की अच्छी सुविधा खेती का आधार होता है, इसलिए केंद्र सरकार ने वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई की एक लाख करोड़ रुपये की लगभग 100 परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने का अभियान छेड़ा है। कर्नाटक में 4,000 करोड़ रुपये की ऐसी ही 5 बड़ी परियोजनाओं के विकास का काम किया जा रहा है। इसके तहत 24 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि को माइक्रो इरिगेशन के अंतर्गत लाया गया है, कर्नाटक में भी 4 लाख हेक्टेयर भूमि पर माइक्रो इरिगेशन का लाभ लेना शुरू किया है। इन परियोजनाओं से कर्नाटक के विदर्भ, बेलगावी, गुरबर्गा, बीजापुर जैसे क्षेत्रों को फायदा मिलने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कटाई के बाद किसानों को फसल की उचित कीमत मिले, इसके लिए देश में एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी व्यापक स्तर पर काम हो रहा है। गांव की स्थानीय मंडियां, होलसेल मार्केट और फिर ग्लोबल मार्केट आपस में जुड़े इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बहुत दूर न जाना पड़े, इसके लिए देश के 22 हजार ग्रामीण हाटों को नई व्यवस्था, नए इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत अपग्रेड करते हुए एपीएमसी और e-NAM प्लेटफार्म के साथ इंटीग्रेट किया जा रहा है। यानी खेत से देश के किसी भी मार्केट के साथ संपर्क की व्यवस्था बनाई जा रही है, ताकि किसान अच्छे मूल्य पर अपनी उपज बेच सकें। श्री मोदी ने बताया कि इस बार के बजट में अधिसूचित फसलों का एमएसपी लागत का डेढ़ गुना करने का फैसला लिया गया है। सरकार का स्पष्ट मत है कि गांव, गरीब और किसान का भला करना और कृषि को मजबूत बनाना, इस देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत आवश्यक है। केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में इतने क्रांतिकारी कार्य कर रही है कि जो परिणाम 70 वर्षों में नहीं मिले, वो परिणाम 2022 तक पाने का इरादा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम कम करने के साथ ही इसका दायरा बढ़ाया है। पिछले वर्ष इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये का क्लेम किसानों को दिया गया। दावों की राशि भी पहले की तुलना में प्रति हेक्टेयर दोगुनी हो गई है। श्री मोदी ने कहा कि पहले किसान क्रेडिट कार्ड का सीमित उपयोग होता था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका भी दायरा बढ़ाया है। अब पशुपालन, पोल्ट्री फार्म, मछली पालन के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड इसका उपयोग हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने गांव-गांव में फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन यानी एफपीओ का संगठन बनाने का आह्वान किया, ताकि सामूहिक तौर पर खेती करने और फसल बेचने का फायदा हो सके। उन्होंने बताया कि इस बार के बजट में एफपीओ को कॉपरेटिव सोसाइटी की तरह इनकम टैक्स में छूट देने का ऐलान किया गया है। श्री मोदी ने केंद्र की तरफ से चलाई जा रहीं प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना, ऑपरेशन ग्रीन, गोबर-धन, सोलर फार्मिंग, वेस्ट से वेल्थ बनाने जैसी योजनाओं के बारे में भी बताया।

पीएम मोदी ने कर्नाटक के भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान उनके सवालों के जवाब भी दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को दूर करने की कोशिश करें और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं के बारे में स्थानीय किसानों को जागरूक करें। किसान कल्याण भाजपा की प्राथमिकता है और भाजपा ही ऐसी पार्टी है जो किसानों की परेशानियों को समझती है।

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