“देश के गरीब से गरीब के घर में विकास का जो दीपक जला है, वही मेरी लिगेसी है। हमने अन्नदाताओं के कल्याण के लिए ‘बीज से बाजार’ तक जो सबसे अधिक प्रयास किए हैं, यही मेरी लिगेसी है। हमने पूरी ईमानदारी के साथ सरकार को न केवल चलाया, बल्कि तेजी से विकास कार्य किए, यही हमारी लिगेसी है। गांव-गरीब, शोषित, वंचित, आदिवासी के उत्थान को हमने सर्वोपरि रखा, यही हम सबकी लिगेसी है। सत्तर साल बाद 18 हजार गांव रोशन हुए, इससे बड़ी लिगेसी क्या चाहिए! करोड़ों महिलाओं को धुएं से भरी जिंदगी से मुक्ति मिल जाए, इससे बड़ी लिगेसी क्या हो सकती है! सेना को न केवल हमने सशक्त बनाया, बल्कि देश की रक्षा के लिए उन्हें खुली छूट दी, इससे बड़ी लिगेसी क्या हो सकती है!”

‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत देश भर के भाजपा कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद स्थापित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 2014 देश के लिए आवश्यकताओं का साल था। 2014 से 2019 तक का समय बुनियादी सुविधाओं को हर घर तक पहुंचाने का था। अब आने वाला समय यानि 2019 से 2024 तक का समय और आगे बढ़कर आकांक्षाओं को पूरा करने का समय होगा। यह संकल्प से सिद्धि की ओर जाने वाला समय होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जो बदलाव आए, वो हमारे सामने हैं। मुझे विश्वास है कि हमें फिर एक मौका मिलने वाला है। हम विकास की गति को और बढ़ाएंगे। पांच साल पहले देश आसमान छूती महंगाई से परेशान था। हम महंगाई दर को 2-3 प्रतिशत तक ले आए। हमारी सरकार 99 सिंचाई परियोजनाओं पर काम कर रही है। आज हम दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। आने वाले समय में हम भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। ईज 
ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत 77 वें स्थान पर पहुंच चुका है।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला की एक कार्यकर्ता के प्रश्न का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने विकास के जितने कार्य किए हैं, उन्हें जन-जन तक पहुंचाना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को विकास योजनाओं के प्रचार और योजनाओं के लाभ को हर घर तक पहुंचाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “विकास के कामों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से मिलें। यह अनुभव दिल को छू जाता है। आप भी करके देखिए। कैसे देशवासियों के जीवन में बदलाव आया है। नामुमकिन अब मुमकिन है। सरकार का परिश्रम और लोगों की सहभागिता से ही यह सब हुआ है। प्रगति की यह यात्रा रुकनी नहीं चाहिए। अपने मन की बात प्रत्येक देशवासी मुझ तक पहुंचा सकता है। यह 2019 के लिए हमारा संकल्प पत्र बन जाएगा।”

पोरबंदर के एक कार्यकर्ता के सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि मध्यम वर्ग देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है। यह वर्ग देश की रीढ़ रहा है। लेकिन दशकों तक यह वर्ग उपेक्षित रहा। हमने स्थिति को बदलने का निश्यय किया। हमारे प्रयासों से मध्यम वर्ग को नए पंख मिले। 5 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया गया। अंडर कंस्ट्रक्शन घरों पर लगने वाले टैक्स में हमने बड़ी कटौती की। इसे 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया। अफोर्डेबल हाउसिंग में जीएसटी को 8 प्रतिशत से घटाकर सिर्फ 1 प्रतिशत कर दिया गया। हमारी सरकार ने दवा की कीमतें भी घटाई हैं। जनऔषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाओं की कीमतों में 50 से 90 प्रतिशत तक की कमी की गई। हार्ट स्टेंट की कीमत और घुटना इंप्लांट के खर्चे में काफी कटौती की गई है। सीनियर सिटिनज को एफडी पर मिलने वाले ब्याज दर को बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुश्मन जब हमला करता है या आतंकी घटनाओं को अंजाम देता है, तो उसका एक मकसद यह भी होता है कि हमारे देश का विकास रुक जाए। लेकिन, हमें विकास के कार्यों को रुकने नहीं देना है। उनके मकसद के सामने हर भारतीय को दीवार बनकर खड़ा होना है। दुश्मन को दिखा देना है कि न ये देश रुकेगा, न देश की प्रगति थमेगी। देश की सुरक्षा और सामर्थ्य का संकल्प लेकर हमारा जवान सीमा पर डटा हुआ है। हम सब पराक्रमी भारत के नागरिक हैं,
इसलिए हम सबको भी सिपाही बनकर, देश की समृद्धि और सौहार्द के लिए दिन-रात एक करना होगा। हमें जीवन के हर क्षेत्र में पराक्रमी होना है। देश के भीतर और सीमा पर दिन-रात एक करने वाले देश के बेटे- बेटियों के प्रति हम कृतज्ञ हैं। राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में पहले से अधिक काम करें। किसानों से जवानों तक को विश्वास मिला है कि नामुमकिन अब मुमकिन है।

कोयंबटूर के एक कार्यकर्ता के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि 2019 के चुनावों में भाजपा कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत ऐसे पड़ाव पर है, जहां से एक वैभवशाली मजूबत भारत सामने दिख रहा है। कोटि-कोटि जनों के विश्वास में जो मजबूती है, जो आत्म विश्वास से भरा समाज है, उसे एक धागे में पिरोना है। आप सभी

बूथ के सिपाहियों का रोल यहां महत्वपूर्ण हो जाता है। परीक्षा के आखिरी दिनों में पूरी शक्ति लगानी पड़ती है। आप बूथ के नायक हैं। बूथ ही हमारा किला है। बूथ के लोगों का दिल जीत लिया तो संकल्प से सिद्धि तक की यात्रा से हमें कोई नहीं रोक सकता।”

पश्चिम बंगाल के झारग्राम के एक बूथ कार्यकर्ता के सवाल के जवाब में श्री मोदी ने कहा कि भाजपा का विरोध करने के लिए जो गठबंधन हो रहा है, वह महागठबंधन नहीं बल्कि महामिलावट है। देश में कुछ लोगों और दलों को मजबूत नहीं बल्कि मजबूर सरकार चाहिए। आप सबका यह दायित्व है कि जनता को मजबूत सरकार और मजबूर सरकार का अंतर बताएं। सोशल मीडिया को डेमोक्रेटिक मीडिया बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसमें एक साधारण व्यक्ति का भी उतना ही महत्व है, जितना किसी बड़े आदमी का। इससे अकाउंटेबिलिटी और संवेदनशीलता आई है। हमारी सरकार कई अवसरों पर सोशल मीडिया की वजह से लोगों की मदद कर पाई। ‘कनेक्ट, कम्यूनिकेट और करेक्ट’ करने के लिए इस माध्यम का उपयोग होना चाहिए। नकारात्मकता को फॉरवर्ड नहीं डिलीट करें, मोबाइल से ही नहीं माइंड से भी। हमेशा सकारात्मकता से भरे रहें।

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मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के निर्माण को बीओटी (टोल) मोड पर 7145.14 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से मंजूरी दी
July 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे के एक महत्वपूर्ण खंड के रूप में 117.7 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबराई एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह चार लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड गलियारा है जिसमें भविष्य में छह लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था भी है। 7145.14 करोड़ रुपये की अनुमानित कुल पूंजी लागत वाली इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बीओटी (टोल) मोड पर कार्यान्वित किया जाएगा, साथ ही एनएच-34 के मौजूदा कानपुर-कबराई खंड का संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा।

यह परियोजना कानपुर और कबराई के बीच निर्बाध, उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, साथ ही सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों तक आगे की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक आधुनिक पहुंच नियंत्रित आर्थिक गलियारा बनेगा और इस प्रकार इसमें सुधार होगा।

80-100 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया यह कॉरिडोर कानपुर और कबराई के बीच यात्रा समय को 3.5 घंटे से घटाकर 1.5 घंटे (58 प्रतिशत) कर देगा, साथ ही सड़क सुरक्षा में सुधार करेगा, वाहन परिचालन लागत को कम करेगा और यात्री एवं माल यातायात की कुशल आवाजाही को सुगम बनाएगा। यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 के साथ रणनीतिक संपर्क भी प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण मजबूत होगा। यह कॉरिडोर कबराई खनन क्षेत्र से संपर्क को और मजबूत करेगा, खनिजों, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की आवाजाही में सुधार करेगा, जिससे रसद दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप, यह परियोजना 16 आर्थिक नोड से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, जिनमें उन्नाव, बंथर, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर जयपुर, कानपुर नगर नोड और बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं। यह 9 सोशल नोड, अर्थात् फतेहपुर, महोबा, कानपुर जूलॉजिकल पार्क, बुद्ध पार्क, जेके मंदिर और जेके मंदिर से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। गार्डन, राधा कृष्ण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोपेश्वर मंदिर और महोबा पर्यटक स्थल, और 10 लॉजिस्टिक नोड, जिनमें कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर, महोबा, कबरई, भरवा सुमेरपुर और बांदा रेलवे स्टेशन, साथ में कानपुर, चकेरी और खजुराहो हवाई अड्डे शामिल हैं।

कुल मिलाकर, पीएम गतिशक्ति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में रसद प्रतिस्पर्धात्मकता, औद्योगिक विकास और आर्थिक विकास में सुधार करना इसका लक्ष्‍य है।

इस परियोजना से निर्माण के दौरान प्रति लेन प्रति किलोमीटर लगभग 11,188 प्रत्यक्ष और 13,985 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2028 तक इसकी वार्षिक औसत दैनिक यातायात (एएडीटी) लगभग 18,069 यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) तक पहुंचने का अनुमान है, जो इसके दीर्घकालिक आर्थिक, रसद और परिवहन महत्व को दर्शाता है। इस प्रकार प्रस्तावित परियोजना से लगभग 1.2 करोड़ मानव-दिवस प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

कॉरिडोर का नक्शा: