प्रधानमंत्री मोदी ने सुमुल पशु चारा संयंत्र का उद्घाटन किया, तीन लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के लिए शिलान्यास किया
सुमुल ने कई लोगों को सशक्त बनाया है, गुजरात के आदिवासी समुदायों को भी इससे लाभ मिला है: प्रधानमंत्री मोदी 
जब सहकार (को-ऑपरेटिव) और सरकार एक साथ मिलकर काम करती है तो जो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं, सुमुल उसी का एक उदाहरण: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज दक्षिणी गुजरात के बाजीपुर में एसयूएमयूएल कैटल फीड प्लांट का उद्घाटन किया। उन्होंने तापी जिले के व्यास टाउन और जेसीनपुर-डोल्वान समूहों के लिए लिफ्ट सिंचाई योजनाओं और पीने के पानी की आपूर्ति से संबंधित योजना के लिए आधारशिला भी रखी।

 

 

 

 

इस अवसर पर एकत्रित जन समूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के लिए लंबे समय से किए गए कामों को याद किया। उन्होंने कहा कि एसयूएमयूएल-सूरत जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड- से आसपास के लोग सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि उमरगांव से अंबाजी तक बदलाव हुआ है औऱ इससे गुजरात के आदिवासी समुदायों को लाभ मिलेगा। यहां एसयूएमयूएल में हम सहकार(कॉपरेटिव) और सरकार के मिलकर काम करने का सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि एसयूएमयूएल किसान और दुग्ध उत्पादकों के करीब से काम करने को दर्शा रहा है।

 

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि तापी जिला गुजराज के नए जिलों में से एक है और वह उल्लेखनीय प्रगति को देखकर खुश हैं।

प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में मूल्य वृद्धि के लिए कहा और प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा।

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प्रधानमंत्री ने सत्य की विजय पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
March 12, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने उन सभी महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने वर्ष 1930 में आज ही के दिन शुरू हुए दांडी मार्च में भाग लिया था।

प्रधानमंत्री ने सत्य की विजय पर बल देने वाले एक संस्कृत सुभाषितम् को भी साझा किया:

“सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।

येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”

सुभाषितम् का संदेश है कि सत्य की सदैव विजय होती है और असत्य अंततः नष्ट हो जाता है। इसलिए, उसी मार्ग का अनुसरण करना चाहिए जिस पर चलकर ऋषियों ने परमानंद प्राप्त किया और परम सत्य को जाना।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट में लिखा;

“सन् 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण!

सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।

येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”