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आमतौर पर बड़ी बिजनेस समिट के साथ इस प्रकार के आयोजन हम विदेश में ही देखते थे, अब वाइब्रेंट गुजरात के साथ ही अहमदाबाद शॉपिंग फेस्टिवल की शुरुआत, एक सराहनीय पहल है: प्रधानमंत्री मोदी
देश में व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है, बीते 4 वर्ष में सैकड़ों नियमों को आसान बनाया गया है, पुराने कानूनों को समाप्त किया गया है: पीएम मोदी
सरकार का प्रयास है कि छोटे उद्यमियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान किया जाए, हम उस व्यवस्था की तरफ बढ़ रहे हैं जब जीएसटी और जो दूसरे रिटर्न हैं, उन्हीं के आधार पर बैंक छोटे उद्यमियों को ऋण की सुविधा दें: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर अहमदाबाद शॉपिंग फेस्टिवल-2019 का उद्घाटन किया। इस फेस्टिवल में गुजरातभर के सड़क विक्रेताओं से लेकर शॉपिंग मॉल्स तक तथा कारीगरों से लेकर होटल-रेस्ट्रोरेंट से जुड़े कारोबारियों तक सभी अपने उत्पादों को प्रदर्शित और प्रचारित करने के लिए एकत्र हुए हैं। यह फेस्टिवल इसलिए भी विशिष्ट है, क्योंकि इसका आयोजन वाइब्रेंट गुजरात समिट के साथ ही किया जा रहा है।

 

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘आमतौर पर हम विदेशों में ही इस तरह के विशाल कारोबारी शिखर सम्‍मेलनों का आयोजन होते देखते हैं। अब वाइब्रेंट गुजरात साथ ही साथ अहमदाबाद शॉपिंग फेस्टिवल का आरंभ एक सराहनीय पहल है।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सरकार देश में कारोबार के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले 4 बरसों में, पुराने कानून खत्‍म किए गए हैं और सैंकड़ों नियमों को आसान बनाया गया है। इन्‍हीं प्रयासों की बदौलत हम कारोबार करने की सुगमता की दिशा में अपनी रैंकिंग 142 से 77 करने में सफल हो सके हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम छोटे कारोबारियों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। हम ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं, जहां बैंक छोटे उद्यमियों को जीएसटी और अन्य रिटर्न्स के आधार पर ऋण दे सकेंगे। हम एक करोड़ रुपये तक के ऋण 59 मिनट में मंजूर कर रहे हैं।’

 

 

इससे पहले आज प्रधानमंत्री ने गांधीनगर में महात्मा मंदिर एक्जीबिशन कम कन्वेंशन सेंटर में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 18-20 जनवरी को गांधीनगर में आयोजित होने जा रहे वाइब्रेंट गुजरात समिट के 9वें संस्करण का आधार तैयार हो गया। इस समिट में राष्ट्राध्यक्ष, वैश्विक व्यापार से जुड़ी प्रमुख हस्तियां तथा विचारक भाग लेंगे। प्रधानमंत्री कल समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। 

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प्रधानमंत्री ने चक्रवात जवाद से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
December 02, 2021
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प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया
सभी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करें और व्यवधान की स्थिति में उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित करें: प्रधानमंत्री
सभी संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां चक्रवात के प्रभाव से समुचित रूप से निपटने के लिए ​​तालमेल के साथ काम कर रहे हैं
एनडीआरएफ ने नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, 33 टीमों को तैयार रहने (स्टैंडबाय) का निर्देश दिया गया
भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज तथा बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है
वायु सेना और इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर हैं
आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट के आसपास स्टैंडबाय पर हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चक्रवात जवाद की संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया कि लोगों को सुरक्षित रूप से निकाला जाए और सभी आवश्यक सेवाओं जैसे बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल आदि का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने आवश्यक दवाओं और आपूर्ति का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आवाजाही की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे चालू रखने के भी निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र में चक्रवात जवाद के रूप में जोर पकड़ने की उम्मीद है और शनिवार, 4 दिसंबर, 2021 की सुबह हवा की गति अधिकतम 100 किमी/घंटा के साथ इसके आंध्र प्रदेश - ओडिशा के उत्तर तट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी सभी संबंधित राज्यों को नवीनतम पूर्वानुमान के साथ नियमित बुलेटिन जारी करता है।

कैबिनेट सचिव ने सभी तटीय राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मुख्य सचिवों तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थिति एवं तैयारियों की समीक्षा की है।

गृह मंत्रालय चौबीसों घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली किस्त अग्रिम तौर पर जारी कर दी है। एनडीआरएफ ने 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, जो राज्यों में नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गयाहै।

भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वायु सेना तथा थल सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां, नावों और बचाव उपकरणों के साथ तैनाती के लिए तैयार हैं। निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर तट पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट से लगे स्थानों में स्टैंडबाय पर हैं।

विद्युत मंत्रालय ने आपातकालीन प्रत्युत्तर प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और बिजली की तत्काल बहाली के लिए ट्रांसफॉर्मर, डीजी सेट तथा उपकरण आदि तैयार रखे हैं। संचार मंत्रालय सभी दूरसंचार टावरों और एक्सचेंजों पर लगातार नजर रख रहा है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रत्युत्तर के लिए राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित होने की संभावना के लिए एक चेतावनी जारी की है।

पोत, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के उपाय किए हैं और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया है। राज्यों को तट के पास रासायनिक तथा पेट्रोकेमिकल इकाइयों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सतर्क करने के लिए भी कहा गया है।

एनडीआरएफ संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य एजेंसियों को उनकी तैयारियों में सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए लगातार सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और आईएमडी के महानिदेशक ने बैठक में भाग लिया।