प्रधानमंत्री ने वाराणसी में सामाजिक आधिकारिता शिविर में भाग लिया, ‘दिव्यांग’ को सहायक उपकरण वितरित किये
प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में ‘दिव्यांग’ को सिलाई मशीनें, ब्रेल किट, श्रवण संबंधी एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित किये
हमें ‘दिव्यांग’ की अक्षमताओं पर ध्यान देने के बजाय उनकी असाधारण क्षमताओं पर फोकस करना चाहिए: पीएम मोदी
सरकार के सुगम्य भारत अभियान का लक्ष्य है – विभिन्न सुविधाओं तक ‘दिव्यांग’ की पहुँच को आसान बनाना
प्रधानमंत्री मोदी ने महामना एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी में आयोजित एक सामाजिक आधिकारिता शिविर में शिरकत की और जरूरत के कई तरह के सामान व सहायक उपकरण वितरित किए।

वितरित किए जाने वाले जरूरत के सामान में सिलाई मशीन, ब्रेल किट, हियरिंग एड और अन्य कई तरह के स्मार्ट उपकरण शामिल थे। लाभार्थियों में दिव्यांग और विधवाएं शामिल थे। इस अवसर पर बोलते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उस भाषण को याद किया जो कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से भी पहले दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि सरकार गरीबों और निचले तबके के लोगों की सेवा के प्रति समर्पित रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि वाराणसी में लगा ये कैंप देश भर में लगे उन 1800 कैंपों में से एक है जो कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से लगाए हैं। ये संख्या पिछली सरकार की तुलना में कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि कैंप लगाने से जरूरी सामान व सहायक उपकरणों के वितरण की गतिविधियों में बिचौलिए खत्म हो गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन पर निजी हमले हो रहे हैं, क्योंकि बिचौलियों को खत्म किया जा रहा है और शासन व्यवस्था को दुरुस्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले उन्हें उनके गरीबों और कमजोर तबकों की सेवा के मार्ग से विचलित नहीं कर पाएंगे

प्रधानमंत्री ने रोजमर्रा में 'विकलांग' की जगह 'दिव्यांग' शब्द के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फोकस उनकी विकलांगता पर नहीं बल्कि उनमें मौजूद उन असाधारण क्षमताओं पर होगा जिनसे वह धन्य हैं।

प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के दिव्यागों को आसानी से सुलभ कराने वाले सुगम्य भारत अभियान के बारे में भी बात की।

उन्होंने आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त महामना एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और इसकी शुरुआत के लिए रेलवे को बधाई भी दी।

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे लोगों की बस के हादसे का शिकार हो जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मंत्री और अधिकारी फौरन अस्पताल की ओर रवाना हुए और घायलों की अच्छी तरह देखभाल की जा रही है। उन्होंने उन लोगों से भी मुलाकात की जिन्हें मामूली चोटें आई थीं और जो हादसे के बावजदू कार्यक्रम में आए थे।

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प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं के समर्पण और प्रयासों की सराहना करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
August 04, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के युवाओं के प्रयासों और समर्पण की सराहना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है:

"न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते ।

तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति ॥"

श्री मोदी ने कहा है कि निरंतर प्रयास और समर्पण से हमारी प्रतिभा निखरती है और उसमें सुधार होता है, और हमारे युवा इन्हीं गुणों को अपनाकर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा है:

निरंतर प्रयास और साधना से हमारी प्रतिभा और निखरती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर दुनियाभर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते ।

तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति ॥