भारत और पुर्तगाल ने साझा ऐतिहासिक संबंधों के आधार पर आधुनिक द्विपक्षीय संबंध स्थापित किए हैं: प्रधानमंत्री
संयुक्त राष्ट्र और उसके साथ वैश्विक मुद्दों पर हमारे मजबूत सन्मिलन ने हमारी भागीदारी को मजबूत बनाया है: प्रधानमंत्री
भारत और पुर्तगाल के बीच व्यापार, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा और मजबूती देना हमारी साझा प्राथमिकता है: प्रधानमंत्री

 

महामहिम, प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा,
विशिष्ट प्रतिनिधिगण,
मीडिया के सदस्यों,
मित्रों,
आप सभी को नमस्कार।
महामहिम,

आपको और आपके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। यह आपकी भारत की पहली राजकीय यात्रा हो सकती है, लेकिन आप न तो भारत के लिए अजनबी हैं और न ही भारत आपके लिए अपरिचित है। इसलिए, इस सर्द शाम में आपका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए मुझे यह भी कहना चाहिए, वेलकम बैक (वापसी पर आपका स्वागत है)।

हम अत्यंत गौरवान्वित हैं कि आपने बेंगलुरु में भारतीय प्रवासी दिवस उत्सव के दौरान हमारे प्रवासी भारतीय दिवस का मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण स्वीकार किया। कल, हमारे पास एक ऐसे प्रतिष्ठित राजनेता की शानदार उपलब्धियों का जश्न मनाने का विशेषाधिकार होगा, जिसकी पारिवारिक जड़ें भारत में हैं। मैं उन उपलब्धियों के लिए भी आपको बधाई देता हूं, जो आपके प्रधानमंत्री रहते हुए पुर्तगाल ने हासिल की हैं। आपके नेतृत्व में पुर्तगाल की अर्थव्यवस्था स्थिरता और सही दिशा की ओर बढ़ रही है।

मित्रों,

भारत और पुर्तगाल ने साझा ऐतिहासिक जुड़ाव की बुनियाद पर एक आधुनिक द्विपक्षीय साझेदारी का निर्माण किया है। संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक मुद्दों पर दृढ़ता से एक ओर झुकाव रखने के कारण हमारी साझेदारी को मजबूती मिली है। आज प्रधानमंत्री कोस्टा के साथ व्यापक विचार-विमर्श के दौरान हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-पुर्तगाल संबंधों की विस्तार से समीक्षा की। हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि दोनों देशों को अपनी भागीदारी में आर्थिक अवसरों की पूरी क्षमता को महसूस करते हुए कार्रवाई उन्मुख दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आज जिन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं वे ऐसा करने के हमारे साझे संकल्प का एक संकेत है।

मित्रों,

दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और व्यापारिक भागीदारी को विस्तार एवं मजबूती देना हमारी साझा प्राथमिकता है। बुनियादी ढांचे, अपशिष्ट एवं जल प्रबंधन, सौर एवं पवन ऊर्जा और नवाचार के क्षेत्र, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत वाणिज्यिक संबंधों का निर्माण करने के लिए अवसरों से भरे पड़े हैं। स्टार्ट-अप के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का हमारा अनुभव द्विपक्षीय संबंधों में तेजी लाने वाला क्षेत्र हो सकता है। यह हमारे युवा उद्यमियों के बीच एक फलदायी भागीदारी के निर्माण के लिए अद्वितीय संभावनाएं प्रदान करता है, जिससे दोनों देशों के समाज को धन और मूल्य (वैल्यू) दोनों की प्राप्ति होगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि स्टार्ट-अप पुर्तगाल और स्टार्ट-अप इंडिया के बीच बनने वाली भागीदारी हमारी नवाचार और प्रगति की पारस्परिक खोज में मददगार होगी।

प्रधानमंत्री कोस्टा और मैं रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को और गहरा बनाने पर भी सहमत हुए हैं। रक्षा सहयोग के क्षेत्र में आज जिन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं, उनसे लाभ के इस क्षेत्र में हमें अपनी-अपनी क्षमता का दोहन करने में मदद मिलेगी। खेल एक और ऐसा क्षेत्र है, जो द्विपक्षीय संबंधों में संभावनाशील है। महामहिम, हमें इस बात की जानकारी है कि आप फुटबॉल के एक उत्सुक प्रशंसक रहे हैं। फुटबॉल में पुर्तगाल की महारत और भारत में इस खेल के क्षेत्र में तेजी से हो रहा विकास, खेलों में एक उभरती हुई साझेदारी का केंद्र बन सकता है।

मित्रों,

भारत और पुर्तगाल कई अंतर्राष्‍ट्रीय मामलों पर समान दृष्टिकोण साझा करते हैं। मैं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए पुर्तगाल के निरंतर समर्थन के लिए प्रधानमंत्री कोस्टा को धन्यवाद देता हूं। मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भारत की सदस्यता को समर्थन देने और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता का समर्थन करने के लिए भी हम पुर्तगाल के आभारी हैं। हमने हिंसा और आतंक के तेजी से बढ़ते तथा फैलते खतरों के खिलाफ वैश्विक समुदाय द्वारा पुख्ता और तत्काल कार्रवाई किए जाने पर भी विचार-विमर्श किया है।

 

महामहिम,

भारत और पुर्तगाल एक सांस्कृतिक कैनवास को साझा करते हैं। हम आपके पिता ओरलैंडो कोस्टा की इस जगह और गोवा तथा भारतीय-पुर्तगाली साहित्य को समृद्ध बाने के लिए अत्यंत सराहना करते हैं। आज, हमने दो डांस फार्म को समर्पित स्मारक टिकटों को जारी किया है। कला के ये दो रूप, एक पुर्तगाली, एक भारतीय, हमारी सांस्कृतिक समानताओं के अद्भुत उदाहरण हैं।

महामहिम,

अगले दो दिनों के लिए भारत में भ्रमण और कार्यक्रमों का आपका एक रोमांचक एजेंडा है। मैं आपको और आपके प्रतिनिधिमंडल को बेंगलुरू, गुजरात और गोवा में ठहरने तथा वहां का अनुभव करने के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मैं विशेष रूप से आपको गोवा की यादगार यात्रा और अपनी पुश्तैनी जड़ों से फिर से जुड़ने के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

धन्यवाद।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

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प्रधानमंत्री ने प्रतिष्ठित और बहुमुखी गायिका आशा भोसले जी के निधन पर शोक व्यक्त किया।
April 12, 2026
प्रधानमंत्री ने उनकी असाधारण संगीत यात्रा और शाश्वत प्रतिभा पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज आशा भोसले जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और विश्व भर में अनगिनत दिलों को छुआ। श्री मोदी ने कहा कि चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएँ, उनकी आवाज़ में एक शाश्वत दमक थी, और उन्होंने कहा कि उनके साथ हुई मुलाकातों को वे हमेशा संजोकर रखेंगे।

प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत लोगों के जीवन में सदा गूंजते रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

‘’भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उनकी दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएं, उनकी आवाज में एक शाश्वत दमक थी। उनके साथ हुई मुलाकातों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।
उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।‘’

“भारतातील सर्वात ख्यातनाम आणि अष्टपैलू आवाजांपैकी एक असलेल्या आशा भोसले जी यांच्या निधनाने अतिशय दुःख झाले. त्यांच्या अनेक दशकांच्या अद्वितीय संगीत प्रवासाने आपल्या सांस्कृतिक वारशाला समृद्ध केले आणि जगभरातील असंख्य लोकांच्या मनाला स्पर्श केला. भावपूर्ण गीतांपासून ते जोशपूर्ण संगीत रचनांपर्यंत, त्यांच्या आवाजात कालातीत तेज होते. त्यांच्याशी झालेल्या संवादांच्या आठवणी मी सदैव जपून ठेवेन. त्यांच्या कुटुंबीयांना, चाहत्यांना आणि संगीतप्रेमींना माझ्या भावपूर्ण संवेदना. त्या पुढील पिढ्यांना प्रेरणा देत राहतील आणि त्यांची गाणी सदैव लोकांच्या आयुष्यात गुंजत राहतील.”