प्रधानमंत्री ने मीडिया से आग्रह किया कि वे उन लोगों के जीवन के बारे में लोगों को बताएं जिन्होंने शिक्षा की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया
एक समय था जब भारतीयों को सपेरों के तौर पर जाना जाता था लेकिन अब उन्होंने डिजिटल दुनिया में अपनी जगह बना ली है: प्रधानमंत्री
21वीं सदी में, युवा देश को नई ऊंचाईयो पर लेकर जाएंगे, इसके लिए हमें युवाओं को कुशल बनाने की जरूरत है: प्रधानमंत्री
रिसर्च और इनोवेशन हमारे लिए जरूरी है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने विमुद्रीकरण के फैसले पर कहा, हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जो लोग दोषी हैं उन्हें सजा मिले

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने मीडिया से आग्रह किया कि वे उन लोगों के जीवन के बारे में लोगों को बताएं जिन्होंने शिक्षा की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब भारतीयों को सपेरों के तौर पर जाना जाता था लेकिन अब उन्होंने डिजिटल दुनिया में अपनी जगह बना ली है। प्रधानमंत्री ने कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, ‘21वीं सदी में, युवा देश को नई ऊंचाईयो पर लेकर जाएंगे, इसके लिए हमें युवाओं को कुशल बनाने की जरूरत है।’

प्रधानमंत्री ने इनोवेशन को जरूरी बताते हुए कहा, ‘रिसर्च और इनोवेशन हमारे लिये जरूरी है।’

प्रधानमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने की आवश्यकता का जिक्र किया। उन्होंने भारतीय शिक्षण संस्थाओं को प्रतिस्पर्धा करने और पूरी दुनिया में सबसे अच्छा बनने के लिए आमंत्रित किया।

Referring to the recent decision of the Union Government on demonetization of Rs. 500 and Rs. 2000 currency notes, the Prime Minister said that on 8th November many प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाने के हालिया फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि 8 नवम्बर को देश के अधिकतर लोग चैन की नींद सोए, जबकि बहुत सारे लोगों को अब तक नींद नहीं आई। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह सरकार कभी निर्दोष लोगों को परेशान नहीं करेगी लेकिन सरकार आपको इस बात का भी भरोसा दिलाना चाहती है कि जो लोग दोषी हैं उन्हें सजा मिलेगी।’

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प्रधानमंत्री ने जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
April 13, 2026
प्रधानमंत्री ने परोपकारी शक्तियों को पोषित करने पर एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि उनका बलिदान हमारे लोगों के अडिग साहस की एक सशक्त याद दिलाता है।

प्रधानमंत्री ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें समाज में परोपकारी शक्तियों के पोषण का आह्वान किया गया है, जो राष्ट्र को समृद्ध, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती हैं, साथ ही विभाजन, अन्याय और असंतोष उत्पन्न करने वाली विनाशकारी शक्तियों का दृढ़ता से प्रतिरोध करने का संदेश दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:

“आज के दिन हम जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका बलिदान हमारे लोगों के अडिग साहस की एक सशक्त याद दिलाता है। उनके द्वारा प्रदर्शित किया गया साहस और दृढ़ संकल्प पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता रहता है।”

“ਅੱਜ ਦੇ ਦਿਨ, ਅਸੀਂ ਜੱਲ੍ਹਿਆਂਵਾਲਾ ਬਾਗ਼ ਦੇ ਸੂਰਬੀਰ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਟ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਸਾਡੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਕਦੇ ਨਾ ਝੁਕਣ ਵਾਲੇ ਜਜ਼ਬੇ ਦੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਯਾਦ ਦਿਵਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵਿਖਾਇਆ ਗਿਆ ਹੌਸਲਾ ਅਤੇ ਪੱਕਾ ਇਰਾਦਾ, ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਨੂੰ ਆਜ਼ਾਦੀ, ਇਨਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਮਾਣ-ਸਨਮਾਨ ਦੀਆਂ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਉੱਤੇ ਪਹਿਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਦਾ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ।”

“जलियांवाला बाग नरसंहार के सभी अमर बलिदानियों को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की बर्बरता के खिलाफ उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

इन्द्रं वर्धन्तो अप्तुरः कृण्वन्तो विश्वमार्यम्।

अपघ्नन्तो अराव्णः॥"

हे परिश्रमी लोगों! अपने समाज में उन परोपकारी शक्तियों का पोषण करें, जो राष्ट्र को समृद्ध, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती हैं। साथ ही, उन विनाशकारी शक्तियों का दृढ़ता से प्रतिरोध करें, जो समाज में विभाजन, अन्याय और असंतोष उत्पन्न करती हैं।