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आर्थिक एवं वाणिज्यिक भागीदारी को बढ़ावा देना ब्रिक्स के गठन की आधारशिला है: पीएम
व्यापारिक समुदाय नजदीकी एवं तेज वाणिज्यिक सहयोग के प्रबल समर्थक हैं: प्रधानमंत्री
हमने भारत को विश्व की सबसे अधिक खुली हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक में बदला: प्रधानमंत्री
एनडीबी ने स्वच्छ ऊर्जा, हरित एवं सस्टेनेबल इंफ्रा को अपनी प्राथमिकता पर रखा, हम इसका स्वागत करते हैं: प्रधानमंत्री

महामहिम राष्ट्रपति शी जिनपिंग,

महामहिम राष्ट्रपति जैकब जुमा,

महामहिम राष्ट्रपति मिशेल टेमर,

महामहिम राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन,

ब्रिक्स व्यापार परिषद के गणमान्य सदस्य,

 

ब्रिक्स व्यापार परिषद की इस बैठक में आप सभी का स्वागत करते हुए मुझे अपार हर्ष हो रहा है।

परिषद पूर्ण आर्थिक विविधता और हमारे देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

मैं उत्तरदायी और सामूहिक समाधान के माध्यम से समावेशी अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए ब्रिक्स के एजेंडे में उनके योगदान को धन्यवाद करता हूं।

महानुभावों और मित्रों

आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग को बढ़ावा देना ब्रिक्स के सृजन की बुनियादी प्रेरणा रही है। इसलिए यह काफी उत्साहजनक दिख रहा है कि ब्रिक्स व्यापार परिषद ने डरबन में अपनी स्थापना के तीन साल बाद काफी स्वस्थ आकार ले लिया है।

हमारे कारोबारी समुदाय ब्रिक्स देशों के बीच कहीं अधिक करीबी और तेजी से व्यापारिक सहयोग का जबरदस्त समर्थक हैं। उनकी साझेदारी से हमारे समाज में धन और मूल्य पैदा होगा। और उससे उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा और तकनीकी नवाचार एवं क्षमता विस्तार के जरिये रोजगार का सृजन होगा।

मैं उस दृष्टि की सराहना करता हूं। मैं उस दृष्टि को साझा करता हूं।

महानुभावों,

भारत में हमने शासन को सरल और आसान बनाने खासकर कारोबारी सुगमता के लिए पिछले दो साल के दौरान हमने काफी सुधार किए हैं। अब उसके परिणाम स्पष्ट तौर पर दिख रहे हैं।

इस प्रकार के प्रदर्शन को मापने वाले लगभग सभी वैश्विक सूचकांकों में हमने बढ़त दर्ज की है। हमने भारत को आज दुनिया की सबसे अधिक खुली अर्थव्यवस्था में तब्दील कर दिया है। हमारी वृद्धि मजबूत है और हम उसकी गति बरकरार रखने के लिए कदम उठा रहे हैं।

मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि ब्रिक्स व्यापार परिषद की प्राथमिकताओं में भी कारोबारी सुगमता, व्यापार बाधाओं को दूर करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना, विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला तैयार करना औश्र बुनियादी ढांचा का विकास शामिल हैं।

परिषद को ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार एवं कारोबार के विस्तार के लिए कार्य करना चाहिए।

महानुभावों,

न्यू डेवलपमेंट बैंक अब पूरी तरह परिचालन में है। उसकी सफलता हमारे साझा प्रयासों का परिणाम है।

हम पहले बैच की परियोजनओं को शुरू करने के लिए एनडीपी और उसके प्रबंधन को बधाई देते हैं। एनडीपी स्वच्छ ऊर्जा और हरित एवं टिकाऊ बुनियादी ढांचे को अपनी प्राथमिकता बरकरार रखेगा।

हम इसका स्वागत करते हैं।

हम संभावित आर्थिक परियोजनाओं की पहचान और कार्यान्वयन में ब्रिक्स व्यापार परिषद को एनडीबी के साथ करीबी से काम करने को प्रोत्साहित करेंगे।

भारत ने दो दिन पहले नई दिल्ली में पहले ब्रिक्स व्यापार मेले की मेजवानी की जिसमें आप सभी देशों की सक्रिय भागीदारी रही।

बेहतर कारोबारी जागरूकता और वाणिज्यिक विनिमय के लिए इस प्रकार की गतिविधियों को जरूर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

महानुभावों,

मैं केवल इतना कहते हुए अपनी बात खत्म करना चाहूंगा कि सरकार के रूप में हमें इन साझा उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ब्रिक्स व्यापार परिषद के साथ मिलकर काम करना चाहिएः

- आपसी व्यापार को मजबूती देने के लिए

- कारोबारी संभावनाएं बढ़ाने के लिए

- निवेश लिंकेज तैयार करने के लिए

- नवाचार को बढ़ावा देने के लिए और

- अंतर-ब्रिक्स वाणिज्य की बाधाओं को दूर करने के लिए।

थोड़ी देर में हम ब्रिक्स व्यापार परिषद और एनडीबी के नेतृत्व से उनकी बातें सुनेंगे।

धन्यवाद,

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले पीएम मोदी का वक्तव्य
January 31, 2023
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भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने हमेशा 'इंडिया फर्स्ट, सिटीजन फर्स्ट' के केवल एक उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित किया है : पीएम मोदी
पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है कि बजट सत्र की शुरुआत आदिवासी समुदाय की राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण से होगी: पीएम मोदी

नमस्‍कार साथियों।

2023 का वर्ष आज बजट सत्र का प्रारंभ हो रहा है और प्रारंभ में ही अर्थ जगत के जिनकी आवाज को मान्‍यता होती है वैसी आवाज चारों तरफ से सकारात्‍मक संदेश लेकर के आ रही है, आशा की किरण लेकर के आ रही है, उमंग का आगाज लेकर के आ रही है। आज एक महत्‍वपूर्ण अवसर है। भारत के वर्तमान राष्‍ट्रपति जी की आज पहली ही संयुक्‍त सदन को वो संबोधित करने जा रही है। राष्‍ट्रपति जी का भाषण भारत के संविधान का गौरव है, भारत की संसदीय प्रणाली का गौरव है और विशेष रूप से आज नारी सम्‍मान का भी अवसर है और दूर-सुदूर जंगलों में जीवन बसर करने वाले हमारे देश के महान आदिवासी परंपरा के सम्‍मान का भी अवसर है। न सिर्फ सांसदों को लेकिन आज पूरे देश के लिए गौरव का पल है की भारत के वर्तमान राष्‍ट्रपति जी का आज पहला उदृबोधन हो रहा है। और हमारे संसदीय कार्य में छह सात दशक से जो परंपराऐं विकसित हुई है उन परंपराओं में देखा गया है कि अगर कोई भी नया सांसद जो पहली बार सदन में बोलने के लिए में खड़ा होता है तो किसी भी दल का क्‍यों न हो जो वो पहली बार बोलता है तो पूरा सदन उनको सम्‍मानित करता है, उनका आत्‍मविश्‍वास बढ़े उस प्रकार से एक सहानूकूल वातावरण तैयार करता है। एक उज्‍जवल और उत्‍तम परंपरा है। आज राष्‍ट्रपति जी का उदृबोधन भी पहला उदृबोधन है सभी सांसदों की तरफ से उमंग, उत्‍साह और ऊर्जा से भरा हुआ आज का ये पल हो ये हम सबका दायित्‍व है। मुझे विश्‍वास है हम सभी सांसद इस कसौटी पर खरे उतरेंगे। हमारे देश की वित्त मंत्री भी महिला है वे कल और एक बजट लेकर के देश के सामने आ रही है। आज की वैश्‍विक परिस्‍थिति में भारत के बजट की तरफ न सिर्फ भारत का लेकिन पूरे विश्‍व का ध्‍यान है। डामाडोल विश्‍व की आर्थिक परिस्‍थिति में भारत का बजट भारत के सामान्‍य मानवी की आशा-आकाक्षों को तो पूरा करने का प्रयास करेगा ही लेकिन विश्‍व जो आशा की किरण देख रहा है उसे वो और अधिक प्रकाशमान नजर आए। मुझे पूरा भरोसा है निर्मला जी इन अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए भरपूर प्रयास करेगी। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्‍व में एनडीए सरकार उसका एक ही मकसद रहा है, एक ही मोटो रहा है, एक ही लक्ष्‍य रहा है और हमारी कार्य संस्‍कृति के केंद्र बिंदु में भी एक ही विचार रहा है ‘India First Citizen First’ सबसे पहले देश, सबसे पहले देशवासी। उसी भावना को आगे बढाते हुए ये बजट सत्र में भी तकरार भी रहेगी लेकिन तकरीर भी तो होनी चाहिए और मुझे विश्‍वास है कि हमारे विपक्ष के सभी साथी बड़ी तैयारी के साथ बहुत बारीकी से अध्‍ययन करके सदन में अपनी बात रखेंगे। सदन देश के नीति-निर्धारण में बहुत ही अच्‍छी तरह से चर्चा करके अमृत निकालेगा जो देश का काम आएगा। मैं फिर एक बार आप सबका स्‍वागत करता हूं।

बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। धन्‍यवाद।