प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत-फ्रांस व्यापार सम्मेलन में भाग लिया
भारत के साथ काम करने का राष्ट्रपति ओलांद का उत्साह उनके संबोधन में स्पष्ट दिखता है: प्रधानमंत्री
फ्रांस के साथ विश्वास और दोस्ती भारत के लिए एक संपत्ति के समान हैं: प्रधानमंत्री मोदी
रक्षा काफ़ी महत्वपूर्ण है। अब बात सिर्फ़ युद्ध के मैदान तक नहीं है। साइबर सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री
भारत की प्रतिभा और फ्रांस का विनिर्माण बहुत कुछ हासिल कर सकता है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत की ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग में काफ़ी कम समय में ज्यादा सुधार हुआ है: प्रधानमंत्री मोदी
पूरे विश्व ने माना है कि भारत निवेश के लिए एक बेहतरीन गंतव्य है: प्रधानमंत्री मोदी
हम फ्रांस के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। हम मानव जाति के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को चंडीगढ़ में भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फ्रांस की सीओपी- 21 वार्ता में समन्वय के लिए फ्रांस की सराहना की। उन्होंने समझौते की घोषणा से तुरंत पहले फ्रांस के राष्ट्रपति श्री ओलांद द्वारा फोन कर प्रस्तावित समझौते की रूपरेखा साझा करने का स्मरण किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सीओपी -21 बैठक से कुछ दिन पूर्व पेरिस आंतकी हमले का स्मरण भी किया और कहा कि फ्रांस ने अपने मूल सिद्धातों से समझौता किए बिना आंतकवाद से लड़ने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि भारत आंतकवाद के साथ लडाई में फ्रांस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडा़ है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारत और फ्रांस के बीच कई समानताओं के बारे में विस्तार से बात करते हुए कहा कि दोनो देश एक-दूसरे के लिए बने हैं। रक्षा क्षेत्र के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिभा और फ्रांस की निर्माण क्षमता मिलकर विश्व को ओर अधिक सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने इस दौरान साइबर-सुरक्षा का जिक्र भी किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि फ्रांस की कंपनियों ने भारत में अच्छा निवेश किया है। विवादास्पद पिछली तिथि से कराधान अब इतिहास की बात है और यह अध्याय फिर कभी नहीं खुलेगा। उन्होंने भारत,अमेरिका और फ्रांस के सहयोग से चल रहे मिशन नवाचार की शुरूआत और अंतर्राष्ट्रीय सौर मैत्री का स्मरण भी किया।

भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशो के बीच 16 सहमति पत्रों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी
April 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष श्री चन्द्रशेखर जी की 100वीं जयंती की शुरुआत हो रही है और यह उनके समृद्ध एवं न्यायपूर्ण भारत के सपने को साकार करने के संकल्प को दोहराने का अवसर है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी विरासत को याद करते हुए कहा कि श्री चन्द्रशेखर जी को एक जननेता के रूप में याद किया जाता है; जो साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता से परिपूर्ण थे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की मिट्टी से गहराई से जुड़े और आम नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील श्री चन्द्रशेखर जी ने सार्वजनिक जीवन में सादगी और स्पष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन अवसरों को भी याद किया जब उन्हें श्री चन्द्रशेखर जी से मिलने और देश के विकास पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के युवाओं से श्री चन्द्रशेखर जी के विचारों और भारत की प्रगति के लिए उनके प्रयासों के बारे में अधिक पढ़ने का आह्वान किया।

एक्स(X) पर एक पोस्ट में, श्री मोदी ने लिखा:

“पूर्व प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। यह वर्ष उनकी 100वीं जयंती की शुरुआत का प्रतीक है और यह एक समृद्ध एवं न्यायपूर्ण भारत के उनके विजन को साकार करने के हमारे संकल्प को दोहराने का समय है। श्री चन्द्रशेखर जी को एक ऐसे जननेता के रूप में याद किया जाता है, जो साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता से परिपूर्ण थे। भारत की मिट्टी से गहराई से जुड़े और आम नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सादगी और स्पष्टता का परिचय दिया। मैं उन अवसरों को याद करता हूं जब मुझे उनसे मिलने और हमारे राष्ट्र के विकास के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला। मैं भारत के युवाओं से आह्वान करता हूं कि वे श्री चन्द्रशेखर जी के विचारों और भारत की प्रगति के लिए उनके प्रयासों के बारे में अधिक-से-अधिक पढ़ें।”