विशाखापट्नम, देश और आंध्रप्रदेश के हज़ारों युवाओं के सपनों का शहर है। यहां के लोगों के लिए उज्जवल भविष्य का निर्माण करना, उनकी आशाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने का निरंतर प्रयास करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है: प्रधानमंत्री मोदी
हर कुछ समय पर यू-टर्न लेने वाले यहां के नेता ने पूरी ईमानदारी के साथ आपको दिया वचन निभाया होता तो आज उनको मोदी पर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती: पीएम मोदी
डरता वही है जिसने पाप किया हो, जिसने गलत मंशा से काम किया हो, यही डर हमारे विरोधियों को खाए जा रहा है, जिसमें बड़े-बड़े दिग्गज औऱ अपना खुद का राजवंश स्थापित करने की कोशिश में लगे लोग भी शामिल हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विशाखापट्टनम देश और आंध्र प्रदेश के हजारों युवाओं के सपनों का शहर है और उनकी आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘‘आपका यह प्रधान सेवक पूरे समर्पण से विशाखापट्टनम को स्मार्ट बनाने और आंध्र प्रदेश के विकास को गति देने में जुटा है।’’

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार ने साउथ कोस्ट रेलवे जोन बनाने का फैसला लिया है जिसका हेडक्वार्टर विशाखापट्टनम में होगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट के तहत यहां के विकास को गति देने का बड़ा कदम है। इससे विशाखापट्टनम समेत ईस्ट कोस्ट रेलवे पर स्थित कई अहम क्षेत्रों को बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी का लाभ मिल पाएगा। इसके साथ ही इससे यहां की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार इसलिए बड़े काम और फैसले प्रामाणिकता के साथ कर पाती है क्योंकि वो पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ जनता की सेवा करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘’हमें यह डर नहीं है कि कोई फाइल खुल जाएगी तो क्या होगा। डरता वही है जिसने पाप किया हो, जिसने गलत मंशा से काम किया हो। यही डर हमारे विरोधियों को खाए जा रहा है।‘’

श्री मोदी ने कहा कि यू टर्न लेने में माहिर राज्य के नेता ने पूरी ईमानदारी से जनता को दिया वचन निभाया होता तो आज उनको मोदी पर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा, ’’यहां के नेता मुझे इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि मैं बिचौलियों, दलालों, भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई कर रहा हूं। वह मुझे इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि आज देशहित में और देशहित के बड़े फैसले लिए जा रहे हैं और नए हिंदुस्तान की रीति और नीति दोनों बदल रही है।‘’

श्री मोदी ने कहा कि महामिलावट का खेल अब देश पूरी तरह समझ गया है। देश आज मजबूत सरकार के काम को अनुभव कर रहा है जिसके लिए देश का हित सबसे ऊपर होता है। इसी मजबूत सरकार की वजह से हमारा विरोधी देश ऐसा बर्ताव कर रहा है जिसकी पहले कल्पना भी मुश्किल थी। प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों को आत्मचिंतन करने की सलाह दी जो गलत बयानबाजी करते हुए देश के सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसी सियासत क्यों कर रहे हैं जिसका फायदा पाकिस्तान और देश के विरोधी उठा रहे हैं।
जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह मजबूत सरकार का ही परिणाम है कि किसानों के लिए सीधी मदद वाली ऐतिहासिक ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ योजना बनाई गई। इसके तहत हर 4 महीने बाद देश के 12 करोड़ किसानों को 2,000 रु की सीधी मदद बैंक खाते में मिलनी शुरू हो चुकी है। इस रकम से अब छोटा किसान अपनी फसल के लिए बीज, खाद, दवा जैसी चीजें खरीद पाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार समुद्र तट की क्षमताओं के अधिकतम इस्तेमाल के लिए ‘Ports for Prosperity’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर 2035 तक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। इस सेक्टर को ध्यान में रखते हुए ही उससे जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने का काम किया जा रहा है। नए हार्बर बनाए और फिश लैंडिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी ने ब्लू रिवॉल्यूशन योजना के तहत मछुआरे भाई बहनों के लिए डीप सी फिशिंग बोट में अपग्रेडेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा अपग्रेडेशन किए जाने की वजह से मछुआरों के लिए समुद्र के बीच में जाकर मछली पकड़ना संभव हुआ है और मछुआरों की आय भी बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि डीप सी फिशिंग को प्रोफेशनल ढंग से करने के लिए केंद्र सरकार मछुआरे भाइयों की ट्रेनिंग भी करा रही है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि मछुआरे भाई-बहनों को इसरो की मदद से बना ‘नाविक डिवाइस’ देने का काम भी तेजी से चल रहा है। ‘नाविक डिवाइस’ ना सिर्फ मछुआरों को फिशिंग जोन के बारे में बताता है बल्कि उन्हें चक्रवात, सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी भी देता है। इसकी मदद से मछुआरों के रास्ता भटकने की आशंकाओं में बहुत कमी आ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि मछली पालन से जुड़ी तमाम आवश्यकताओं पर ध्यान देने के लिए साढ़े सात हजार करोड़ रुपए का एक फंड भी बनाया गया है। इसके साथ ही इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे मछुआरे बहन-भाइयों को दूसरे लोगों से कर्ज लेने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

पीएम मोदी ने सरकार द्वारा बड़े फैसले लिए जाने का श्रेय जनता को दिया और कहा कि इसके पीछे आपका एक वोट है। वही वोट जिसने 2014 में एक मजबूत केंद्र सरकार बनाई थी। इसके साथ ही उन्होंने जनता से 2014 के जनादेश को और मजबूत करने की अपील की ताकि देश के विकास की गति इससे भी तेज हो सके।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.