जब भी महामिलावटी सरकार होती है, तो वो राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डाल देती है, याद कीजिए जब थर्ड फ्रंट की महामिलावटी सरकार थी, यही समाजवादी पार्टी मंत्रिमंडल में शामिल थी, तब इन्होंने देश का क्या हाल कर दिया था: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों ने 3 शब्दों के आधार पर देश चलाया है, उनका मंत्र है - "हुआ तो हुआ": पीएम मोदी
आजादी के बाद हमारी पहली ऐसी सरकार है जिसने महिलाओं के लिए इतने काम किए हैं, जीवन के हर पड़ाव में महिलाओं की आवश्यकताओं को देखते हुए हमारी सरकार ने योजनाएं लागू की हैं: प्रधानमंत्री

“मां विंध्यवासिनी, ज्वाला देवी और आपके आशीर्वाद के लिए मैं इस सोन अंचल में आया हूं। मैं रॉबर्ट्सगंज में ऐसे समय आया हूं, जब देश ने फिर एक बार...मोदी सरकार बनाने का फैसला ले लिया है। अब पूरे पूर्वांचल को, शक्ति के इस क्षेत्र को अपने इस सेवक के लिए आगे आना है और पहले से मजबूत सरकार बनाने के लिए मतदान करना है। कमजोर सरकार के रहते कभी देश शक्तिशाली नहीं बन सकता। जितनी ज्यादा मजबूत सरकार होगी, उतना ही ज्यादा मजबूत और सुरक्षित हिन्दुस्तान होगा। आपका एक वोट भारत में एक शक्तिशाली सरकार का गठन करेगा- एक ऐसी सरकार, जो देश का गौरव उस ऊंचाई पर ले जाएगी, जिसका हिन्दुस्तान हमेशा से हकदार रहा है।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने शनिवार को उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज और गाजीपुर में जनसभाओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “विज्ञान की शक्ति और राजनीतिक इच्छाशक्ति के मेल से क्या कुछ हो सकता है, वैज्ञानिकों के सामर्थ्य और सरकार के साहसिक कदम का क्या प्रतिफल हो सकता है- आज का दिन यानि 11 मई इस बात का जीता-जागता सबूत है। 21 साल पहले आज ही का वो दिन था, जब भारत ने परमाणु परीक्षण किया था। ऑपरेशन शक्ति को सफलतापूर्वक पूरा किया था। मैं उन सभी वैज्ञानिकों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपनी मेहनत से अपने देश को गौरव दिलाया था। वर्ष 1998 की यह ऐतिहासिक घटना बताती है कि एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति देश की सुरक्षा के लिए क्या कुछ कर सकती है। इसी परीक्षण से यह साफ हो गया कि भारत के पास कितना बड़ा सामर्थ्य पहले भी था। लेकिन, वाजपेयी जी की सरकार से पहले की सरकार में वो हिम्मत नहीं थी कि वो ऐसा फैसला ले सके। ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि तब हासिल होती है, जब राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि हो। तभी आपमें परमाणु परीक्षण जैसे बड़े फैसले करने की हिम्मत पैदा होती है। तभी आप अंतरिक्ष में भी मिशन शक्ति की हिम्मत दिखाते हैं। तभी आप आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दे पाते हैं। भाजपा ने, एनडीए ने हमेशा इसी मूलमंत्र को अपनाए रखा है।”

 

 

गाजीपुर की सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज गाजीपुर और पूर्वांचल सहित समूचा पूर्वी भारत विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। गांव में सड़कें बन रही हैं, हाइवे के काम चल रहे हैं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बन रहा है। रेलवे में अभूतपूर्व काम हुआ है। इसके अलावा कार्गो सेंटर, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज जैसी जरूरी सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।”

श्री मोदी ने कहा, “21वीं सदी के युवा के सपने अलग हैं। वो एक नया हिन्दुस्तान चाहता है, जहां उसकी आकांक्षाओं को उड़ान मिले। यही कारण है कि आज पूरा देश कह रहा है, जी भरकर कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार। विकास और राष्ट्र को लेकर हमारी भावना मजबूत रहे, इसके लिए दिल्ली में मजबूत सरकार फिर से बनानी है, हर बूथ पर आपको कमल खिलाना है।”

 

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प्रधानमंत्री ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ वार्ता की
June 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता की।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात पर सम्मानित महसूस करता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राष्ट्रपति ने बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर भारत में अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।

 

वार्ता के दौरान, दोनों राजनेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

चर्चाओं में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन-संपर्क, धरोहर संरक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के अवसर शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में निकटता से काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने म्यांमार के साथ भारत के संबंधों के महत्त्व की पुन: पुष्टि की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

 

“म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक बैठक हुई। भारत में हम सम्मानित महसूस करते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह भी है कि उन्होंने यह यात्रा बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर शुरू की। हमने भारत-म्यांमार संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की। म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।”

 

“हमारी बातचीत में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन-संपर्क, धरोहर पुनर्स्थापना और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के तरीके शामिल थे। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी निकटता से काम करने पर सहमति व्यक्त की।”