जनहित, जनभावना और जनता की इच्छा ही हमारे लिए सर्वोपरि है: प्रधानमंत्री मोदी
पहले सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह जाते थे क्योंकि सरकार और जनता के बीच बहुत बड़ी खाई थी, आपका ये सेवक इस खाई को पाटने में निरंतर जुटा है और इसमें अभूतपूर्व सफलता भी मिली है: पीएम मोदी
संथाली भाषा और साहित्य देश के प्राचीनतम ज्ञान के संसाधनों में से एक है, ज्ञान का ऐसा अद्भुत खजाना यहां छुपा है, जिस पर रिसर्च ज़रूरी है: प्रधानमंत्री

"यह जनभागीदारी का ही परिणाम है, जिसके कारण पिछले 60 महीने में देशभर में 11 करोड़ से अधिक शौचालय बने। झारखंड में भी 36 लाख शौचालय तैयार हुए। पांच साल पहले झारखंड की आधी से ज्यादा आबादी खुले में शौच करने को मजबूर थी। चिंता थी कि सफलता कैसे मिलेगी? लेकिन झारखंड के आदिवासी भाइयों-बहनों ने इसे सरकारी कार्यक्रम नहीं रहने दिया और इस अभियान को अपना बनाकर आगे बढ़ाया। सरकार ने सिर्फ प्रोत्साहन दिया, बाकी काम जनता जनार्दन ने कर दिखाया। यही तो स्वराज है, यही तो सुशासन का आधार है। "

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें झारखंड के दुमका में रविवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। श्री मोदी ने कहा कि झारखंड में उज्ज्वला योजना के तहत बड़ा काम हुआ है। यहां 33 लाख लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं। इनमें आदिवासी और दलित बहनों को 12 लाख गैस के कनेक्शन मिले हैं। उन्होंने कहा, "जिसे पहले कोई सोच नहीं सकता था,उसे हमने करके दिखाया है। भाजपा की सरकार का काम करने का तरीका यही है।"

पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मालिकों के मन मुताबिक घर तैयार किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत पिछले चार साल में झारखंड में 10 लाख घर बने हैं, जबकि 8 लाख घरों का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा, "2022 तक देश में एक भी व्यक्ति नहीं बचेगा, जिसके पास अपना पक्का मकान नहीं होगा। 2014 से पहले झारखंड के मुख्यमंत्री 30-35 हजार घर बनाने का दावा करते थे लेकिन पिछले पांच सालों में झारखंड में 10 लाख घर बने हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने हर घर जल पहुंचाने का संकल्प लिया है। पानी और सिंचाई की समस्या से हम भलीभांति अवगत हैं। इसी के तहत जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई है। इस काम में ग्राम समितियों और जल समितियों की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आजादी के कई दशकों के बाद भी झारखंड के सिर्फ 12-15 फीसदी गांवों और कस्बों तक ही पाइपलाइन पहुंची थी। भाजपा की सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है। पिछले 5 सालों में पाइपलाइन का दोगुना विस्तार हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार आपको पूछे बगैर, आपकी अनुमति के बगैर, कोई भी कदम नहीं उठा सकती है। जनहित, जनभावना और आपकी इच्छा ही हमारे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, "हम ऐसी सरकार चलाते हैं जिसका कोई रिमोट कंट्रोल नहीं होता है। हम ऐसी सरकार चलाते हैं, जिसका एक ही हाईकमान होता है और हाईकमान ये हमारी जनता जनार्दन होती है, मेरे देशवासी होते हैं। संवदेनशीलता, जन समस्याओं के प्रति सजगता और उनके निराकरण के लिए ईमानदार प्रयास ही भाजपा सरकार की पहचान रही है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी नागरिकता कानून के खिलाफ आगजनी फैला रहे हैं। ये लोग कौन हैं, यह उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है। हिंसा फैलाने वालों को देश देख रहा है और देश को पक्का विश्वास हो चला है कि पार्लियामेंट ने नागरिकता का कानून बनाकर देश को बचा लिया है। उन्होंने कहा, "मैं असम के भाइयों-बहनों का सिर झुकाकर अभिनंदन करता हूं कि इन्होंने हिंसा करने वालों को अपने से अलग कर दिया है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात बता रहे हैं। देश का मान-सम्मान बढ़े, ऐसा व्यवहार असम, नार्थ ईस्ट कर रहा है।"

पीएम मोदी ने कहा कि पहले सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाती थीं क्योंकि सरकार और जनता के बीच बहुत बड़ी खाई थी। ये खाई राजनीति अफसरशाही, भ्रष्टाचार और असंवेदनशीलता की थी। आपका ये सेवक इस खाई को पाटने में निरंतर जुटा है और इसमें अभूतपूर्व सफलता भी मिली है। उन्होंने कहा, "झारखंड के 20 जिले ऐसे हैं, जहां कांग्रेस और उसके साथी दल, सालों तक शासन करने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंचा पाए। ये भाजपा की ही सरकार है, जिसने झारखंड के इन 20 जिलों को पिछड़े के बजाय आकांक्षी घोषित किया और आज ये जिले विकास के रास्ते पर अग्रसर हैं।"

पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड के आदिवासी बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए ज्यादा दूर तक ना जाना पड़े, इसके लिए हर ब्लॉक में एकलव्य मॉडल स्कूल बनाने का संकल्प भी भाजपा का ही है। झारखंड में IIT, AIIMS जैसे उच्च शिक्षा संस्थान खोलने का काम भाजपा ने किया है। उन्होंने कहा, "जिस झारखंड को JMM और कांग्रेस ने पिछड़ेपन का प्रतीक बनाया। उसी झारखंड को हम बदलते भारत की नई पहचान से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। बीते 5 वर्षों में देश की सबसे बड़ी और करोड़ों लोगों का जीवन बदलने वाली आयुष्मान भारत जैसी कई योजनाओं की शुरुआत झारखंड से हुई है।"

 प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से भारी तादाद में मतदान कर झारखंड में भाजपा की दोबारा सरकार बनाने की अपील की।  

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.