बीते 5 वर्ष से आपके इस सेवक ने सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र पर चलने का प्रयास किया है, स्वच्छ भारत अभियान से लेकर कनेक्टिविटी तक हमारे प्रयासों का बहुत बड़ा लाभ मैसुरू को, इस पूरे क्षेत्र को हुआ है: प्रधानमंत्री मोदी
एक तरफ हमारा ये संकल्प पत्र और दूसरी तरफ कांग्रेस का ढकोसला पत्र, नीति और नीयत, दोनों में अंतर नजर आ जाएगा, जिस पार्टी का विजन और एजेंडा सिर्फ मोदी को हटाने का हो, वो सामान्य मानवी के हित का कैसे सोच सकती है: पीएम मोदी
कांग्रेस की नीयत कभी गरीब का भला करने की नहीं रही है, गरीब के नाम पर योजनाएं शुरू करके, वो जनता का पैसा लूटने की कोशिश में रहती है, यहां कांग्रेस-जेडीएस की कर्नाटक सरकार ने कर्जफाफी का लाभ किसको दिया, ये भी आप अच्छी तरह जानते हैं: प्रधानमंत्री

“आज भारत का हर व्यक्ति आत्मविश्वास से भरा है, क्योंकि देश एक महाशक्ति बनने के रास्ते पर निकल पड़ा है। पांच वर्ष पहले का एक वो दौर था, जब पाकिस्तान के आतंकी हम पर हमला करते थे और फिर पाकिस्तान से ही धमकियां भी मिलती थीं। हमारे जांबाज एक्शन के लिए इजाजत मांगते थे, लेकिन तब की सरकार डरकर बैठ जाती थी। लेकिन, इस चौकीदार ने उस स्थिति को बदल दिया है। अब अगर डर है, तो सीमा के उस पार है। वहां सत्ता में बैठे लोगों को तरह-तरह के डरावने सपने आते हैं। आज धमकी देने वाले दुबक गए हैं और बालाकोट के प्रहार से आतंकी खौफ में हैं।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने मंगलवार को कर्नाटक के चित्रदुर्ग और मैसूर में सभाओं को संबोधित किया। चित्रदुर्ग में लोगों से मजबूत सरकार के लिए वोट करने की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इस चुनाव में आपको सिर्फ सांसद नहीं चुनना है, सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं चुनना है, बल्कि एक मजबूत भारत के लिए मजबूत सरकार चुननी है। मजबूत सरकार ही देशहित में बड़े फैसले ले सकती है। कुछ लोग चाहते हैं कि ऐसी कमजोर सरकार दिल्ली में बैठे, जिसका रिमोट एक दर्जन लोगों के हाथ में हो। लेकिन, दिल्ली में ऐसी सरकार बननी चाहिए, जिसका हाइकमान 130 करोड़ हिन्दुस्तानी हों।” 

पीएम मोदी ने कहा कि जाति-पंथ से ऊपर उठकर उनका मंत्र ‘सबका साथ सबका विकास’ है। इसी मंत्र पर चलते हुए वे नए भारत के निर्माण के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की उपलब्धियों और दोबारा सरकार बनने पर विकास के अपने संकल्पों को जनता के बीच रखते हुए उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प हर गरीब को पक्का घर देने का है। हमारा संकल्प हर घर को बिजली और हर घर तक एलपीजी गैस कनेक्शन पहुंचाने का है। हमारा संकल्प देश की हर बड़ी पंचायत में हेल्थ और वेलनेस सेंटर खोलने का है। हमारा संकल्प किसानों की आय दोगुनी करने का है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए हम ‘बीज से लेकर बाजार’ तक नई व्यवस्थाएं बना रहे हैं। एक तरफ मेगा फूड पार्क, फर्टिलाइजर और इथेनॉल के प्लांट लगाने का काम किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ किसानों को सीधी मदद दी जा रही है। पीएम किसान योजना के तहत कर्नाटक के करीब 75 लाख छोटे किसान परिवारों को सीधी मदद मिलनी तय हुई है। कल ही हमने अपने संकल्प पत्र में एलान किया है कि हमारी सरकार दोबारा बनेगी तो अभी के नियम में बदलाव किया जाएगा। हमने सभी किसान परिवारों को पीएम किसान योजना का लाभ देने का निर्णय किया है।”

कर्नाटक के मैसूर में पीएम मोदी ने कहा, “स्वच्छ भारत के अभियान से लेकर कनेक्टिविटी तक हमारे प्रयासों का बहुत बड़ा लाभ मैसूर को, इस पूरे क्षेत्र को मिला है। मैसूर-बेंगलुरु हाइवे का काम पूरा होने के बाद इस पूरे क्षेत्र का विकास और तेज गति से होगा। ‘उड़ान योजना’ के तहत फ्लाइट्स की बढ़ती संख्या का लाभ भी आप सभी को मिल रहा है। देश का पहला पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट केंद्र भी इसी मैसूर में खुला है।“  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारा संकल्प है कि भारत की सुरक्षा को, देश की सेना को और मजबूत करेंगे। हमारा संकल्प है कि वर्ष 2030 तक भारत दुनिया की टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल हो जाए। हमारा संकल्प है कि नए भारत के नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करेंगे और देश के 50 शहरों में मेट्रो लाइन बिछाएंगे। 

 

 हमारा संकल्प है कि अगले पांच वर्ष में फंक्शनल एयरपोर्ट की संख्या को दोगुनी कर देंगे। जो सत्तर साल में हुआ, वो पांच साल में कर देंगे।“

 

 

 

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “मैसूर भारत की समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है। मैसूर हमारी आस्था, हमारे दर्शन का मजबूत हिस्सा है। सबरीमाला हमारा तीर्थस्थल है। सबरीमाला को लेकर देश के अंदर जो भावनाएं हैं, वही भावना भाजपा की भी है। हमारा पूरा प्रयास होगा कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सबरीमाला की आस्था, परंपरा और पूजा-पद्धति का विषय विस्तार से रखा जाए। हमारी कोशिश होगी कि आस्था और विश्वास के विषयों को संवैधानिक संरक्षण मिले।”

चित्रदुर्ग का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

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प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा
July 03, 2026

इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी और मई 2018 में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किए जाने के बाद उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। जकार्ता में प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। इन विशेष संबंधों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के एक प्रमुख यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे।

इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई, 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथोनी अल्बानीज़ एमपी के निमंत्रण पर मेलबर्न की यात्रा करेंगे। मेलबर्न में प्रधानमंत्री अल्बानीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल माननीय सुश्री सैम मोस्टिन एसी से भी मुलाकात करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे जहां वे दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक मजबूत स्तंभ है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मेलबर्न से 10-11 जुलाई, 2026 को ऑकलैंड की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में, प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे जिनमें पिछले दो वर्षों में विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री प्रमुख व्यापार और खेल जगत की हस्तियों से भी बातचीत करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत जन-संबंधों को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासी भारतीयों की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे।