किसी भी तराजू पर देख लीजिए आज देश में एकमात्र भारतीय जनता पार्टी है, जो बिना भेदभाव के, बिना मेरे-तेरे के,बिना अपने-पराये के, किसी भी प्रकार के भेद किए बिना ‘सबका साथ सबका विकास’ के एक मंत्र को लेकर के चल रही है: प्रधानमंत्री मोदी
हमें साथ भी सबका चाहिए और हमें विकास भी सबका करना है: पीएम मोदी
अटल जी ने मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ बनाया, यह एक शांतिपूर्ण विभाजन था और दोनों राज्य आज तेजी से प्रगति कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
कांग्रेस एक ‘चायवाले’ को प्रधानमंत्री चुनने का श्रेय लोगों को नहीं देना चाहती: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस इस देश के 1.25 करोड़ लोगों को श्रेय देने के लिए तैयार नहीं है कि एक चायवाला प्रधानमंत्री बन गया: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि गरीब के लिए कैसे काम होता है, ये मौजूदा सरकार ने करके दिखाया है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की अपनी जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने गरीबों के नाम पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया लेकिन गरीब के लिए बैंक के दरवाजे बंद रहे थे। उनकी चार पीढ़ियों ने शासन किया लेकिन आधी जनसंख्या के पास कोई बैंक अकाउंट नहीं था। आज जन धन में 33 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट खुल चुके हैं। इनमें से अकेले छत्तीसगढ़ में सवा करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट खुले हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नागरिकों के लिए सरकार चुनने का यही मानदंड होता है कि सरकार वैसी हो, जो अपने-पराये का भेद ना करे, मेरी बिरादरी-तेरी बिरादरी को अपने कामकाज का आधार ना बनाए। इस मानदंड पर मौजूदा सरकार हर प्रकार से खरी उतरी है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’ किसी भी तराजू पर देख लीजिए आज देश में एकमात्र भारतीय जनता पार्टी है, जो बिना भेदभाव के, बिना मेरे-तेरे के, बिना अपने-पराये के, किसी भी प्रकार के भेद किए बिना ‘सबका साथ सबका विकास’ के एक मंत्र को लेकर के चल रही है। हमें साथ भी सबका चाहिए और हमें विकास भी सबका करना है। सिर्फ उनका नहीं जो हमें वोट देते हैं, जो हमें वोट नहीं दे पाते हैं, वो भी मेरे छत्तीसगढ़ के हैं। इस विचार को लेकर के हमने काम किया है।‘’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, जो छत्तीसगढ़ के विकास के लिए आगे आए और जिनके चलते बिना बम-बंदूक चले छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जब मध्य प्रदेश का हिस्सा था और जब विभाजन के बाद भी तीन वर्षों तक यहां कांग्रेस का राज था, उस दौरान हर तरह से उसकी उपेक्षा की गई। श्री मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने से पहले इस पूरे क्षेत्र समेत मध्यप्रदेश के लिए कांग्रेस पार्टी ने जो वादे किए थे, उनमें से 62 प्रतिशत चुनावी वादों को उन्होंने खोल करके देखा तक नहीं था। उनके वादे खोखले निकले थे, जिससे कांग्रेस का कल्चर आसानी से समझा जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गरीब मां का बेटा सत्ता की कुर्सी पर बैठे, ये कांग्रेस के गले उतरने वाली बात नहीं। इसलिए अब उसके नेता ये कहने पर भी उतर आए हैं कि पंडित नेहरू के कारण मोदी ‘चायवाला’ प्रधानमंत्री बन गया। श्री मोदी ने चुनौती देते हुए कहा, ‘’अगर नेहरू जी ने ऐसी परंपरा विकसित की थी जिससे मोदी प्रधानमंत्री बन गया तो पांच साल के लिए अपने परिवार के बाहर के किसी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर दिखा दीजिए, तो मैं मान लूंगा कि कोई समर्पित कांग्रेसी, कांग्रेस का अध्यक्ष बन गया।‘’  प्रधानमंत्री ने कहा कि चाय वाला प्रधानमंत्री बन गया इसके लिए भी कांग्रेस सवा सौ करोड़ देशवासियों को क्रेडिट देने को तैयार नहीं हैं, यह उसके अलोकतांत्रिक रवैये को सिद्ध करता है।   

 

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वो तो अपने चार साल का हिसाब हमेशा जनता को देते रहते हैं, लेकिन कांग्रेस अपनी चार पीढ़ियों का हिसाब भी तो दे। उन्होंने कहा कि जनता का धन जिन लोगों ने बोरियों में बंद करके और बिस्तर के नीचे छुपा करके रखा था, नोटबंदी से वह बाहर आ गया और इससे देश में विकास के कई कार्यों में तेजी आ गई। सड़क बनाने की रफ्तार डबल हुई हो या प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को घर मिलना, नोटबंदी के कारण आए पैसे इसमें काम आ रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अकेले सरगुजा में 22 हजार गरीब परिवारों को घर की चाबी दी जा चुकी है। इसके साथ ही मौजूदा सरकार आठ करोड़ लोगों को घर-घर जाकर मुफ्त गैस कनेक्शन पहुंचा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत अकेले छत्तीसगढ़ में अब तक 80 हजार परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके लिए सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी ही उनका परिवार हैं और उनके हर सुख-दुख को वे अपना सुख-दुख मानते हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी झेलने वाला व्यक्ति ही समझ सकता है कि गरीब के बीमार पड़ने पर उसके घर में कितनी मुसीबत आ जाती है। यही वो बात है जिससे आयुष्मान भारत जैसी योजना पैदा होती है और एक पैसा खर्च किए बिना भी किसी गरीब का अस्पताल में ऑपरेशन संभव होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने झूठ बोलने का रास्ता चुना है, लेकिन उन्होंने जनता के लिए समर्पित जिंदगी जीने का रास्ता चुना है।

 

अंबिकापुर में प्रधानमंत्री को सुनने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी, जिसमें महिलाओं की बड़ी संख्या दिखी। श्री मोदी ने पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान अंबिकापुर की अपनी रैली को याद करते हुए कहा कि तब यहां के कलाकारों ने सभा मंच को लाल किले की प्रतिकृति दी थी, जो यहां के लोगों की भावनाओं का प्रतिबिंब थी। उन्होंने पिछले 12 नवंबर को छत्तीसगढ़ में पहले राउंड के चुनाव में भारी मतदान करने के लिए जनता जनार्दन की काफी सराहना की और कहा कि इससे जाहिर हुआ है कि विकास के लिए वोट देने का जनता का संकल्प कितना दृढ़ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सामने जब मौत के खेल खेले जा रहे थे, फिर भी डरे बिना, झुके बिना इतनी भारी मात्रा में बस्तर के मतदाताओं ने बता दिया कि लोकतंत्र ही जनता की समस्याओं का समाधान करने का उत्तम से उत्तम रास्ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंसा के रास्ते जनता के अधिकारों को दबाचने वालों को जनता ने वोटिंग मशीन पर उंगली दबाके करारा जवाब दिया है, जो दूसरे चऱम के मतदान के लिए भी एक प्रेरणा है। प्रधानमंत्री ने 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के मतदान में अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ देने की भी जनता से अपील की।

I am glad to be among the people of Ambikapur today. I remember when I had campaigned here during Lok Sabha elections, people here had made the background resembling the Red Fort. But a few people got annoyed at this: PM @narendramodi https://t.co/3MrqM6YXeK

 

 

 

 

 

 

 

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कैबिनेट ने SARTHAK-PDS के तहत दो योजनाओं के इंटीग्रेशन और कंटिन्यूएशन को दी मंजूरी
May 27, 2026
केंद्र सरकार अगले 5 वर्षों में सार्थक पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के लिए 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी
खाद्यान्न का अंतिम दूरी तक वितरण सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं को जारी रखा जाएगा और डीलरों का कमीशन बढ़ाया जाएगा
सरकार पीडीएस संचालन में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पीडीएस संचालन को बुद्धिमानी से अनुकूलित करने का प्रयास करेगी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने 16वें वित्त आयोग की आबंटन अवधि में "राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता - सार्वजनिक वितरण में स्वचालन के साथ आय" (सार्थक पीडीएस) योजना को एक व्यापक योजना के रूप में जारी रखने की मंजूरी दे दी है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 25,530 करोड़ रुपये का परिव्यय किया जा रहा है।

सीसीईए ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा खाद्यान्नों की अंतरराज्यीय आवाजाही और हैंडलिंग तथा एफपीएस डीलरों के मार्जिन पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए केंद्रीय सहायता के मानदंडों को संशोधित करने और केंद्रीय सहायता के मौजूदा वित्तपोषण पैटर्न को जारी रखने का भी निर्णय लिया है।

इस योजना की परिकल्पना एक व्यापक योजना के रूप में की गई है, जो निम्नलिखित मौजूदा योजनाओं: (i) "एनएफएसए के तहत खाद्यान्नों के अंतर-राज्यीय आवागमन और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता" और (ii) "सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार की योजना (स्मार्ट पीडीएस)" को एकीकृत करती है, ताकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के कार्यान्वयन को व्यापक रूप से मजबूत किया जा सके।

सार्थक-पीडीएस योजना का उद्देश्य (ए) अंतरराज्यीय आवागमन, हैंडलिंग और एफपीएस डीलर के मार्जिन के लिए सुनिश्चित वित्तीय सहायता प्रदान करना, और (बी) एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित, बुद्धिमान और अंतरसंचालनीय पीडीएस संरचना प्रदान करना है, जो अंतिम दूरी तक वितरण सुनिश्चित करती है, लीकेज को कम करती है और एनएफएसए के तहत खाद्य सुरक्षा के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। यह एकीकृत योजना 31 मार्च, 2031 तक संचालित रहेगी।

सार्थक-पीडीएस योजना का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), स्‍वाभाविक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पीडीएस संचालन को आधुनिक बनाना, एकीकृत करना और बुद्धिमत्तापूर्वक अनुकूलित करना है। इसके लिए तत्‍क्षण निगरानी के लिए मानकीकृत संरचनाएं और एकीकृत डेटाबेस, एआई-संचालित शिकायत और विश्लेषण प्रणाली, डेटा-संचालित निरीक्षण के लिए राज्य कमांड नियंत्रण केंद्र और पीडीएस संचालन में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आईएसओ-प्रमाणित प्रसंस्‍करण संरचनाएं तैयार की गई हैं।

गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्नों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराकर उन्हें भोजन और पोषण सुरक्षा प्रदान करना भारत सरकार की देशवासियों के प्रति सामाजिक और कानूनी प्रतिबद्धता है, ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित कर सकें। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सहायता (एनएफएस) के अंतर्गत आने वाले 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में कार्य करेगी। वैधानिक और नीतिगत ढांचे पर आधारित, सार्थक-पीडीएस योजना वित्तीय सहायता घटक को बनाए रखते हुए उसे सुव्यवस्थित करती है और साथ ही इसे आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित पीडीएस प्रणाली में समाहित भी करती है।

सरकार ने पिछले एक दशक में टीपीडीएस के संपूर्ण कम्प्यूटरीकरण, पीडीएस के एकीकृत प्रबंधन (आईएम-पीडीएस) और स्मार्ट पीडीएस जैसी कई डिजिटलीकरण पहलों को लागू क‍रने के साथ ही मेरा राशन, अन्न मित्र, राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे नागरिक-केंद्रित पहलों को भी लागू किया है। 1 अप्रैल, 2023 से, स्मार्ट पीडीएस योजना ने 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्डों के पूर्ण डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस के माध्यम से एफपीएस स्वचालन, ऑनलाइन आबंटन और कम्प्यूटरीकृत आपूर्ति-श्रृंखला प्रबंधन को सक्षम बनाकर प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों की आधारशिला के रूप में कार्य किया है।