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आज आतंकवाद और radicalisation पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, यह न केवल शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है, यह आर्थिक विकास के लिए भी एक चुनौती है: प्रधानमंत्री मोदी
आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों के विरुद्ध हमें मिलकर काम करने की आवश्यकता है: पीएम मोदी
BRICS देश वैश्विक स्थिरता और विकास में योगदान देते रहे हैं, हमने विश्व की आर्थिक और राजनैतिक संरचना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है: प्रधानमंत्री

Your Excellency President Cyril Ramaphosa, 
Your Excellency President Michel Temer, 
Your Excellency President Vladimir Putin , 
Your Excellency President Xi Jinping ,
 

  • मैं President Ramaphosa को जुलाई में Johannesburg में BRICS Summit की सफलता और इस बैठक के आयोजन के लिए धन्यवाद देता हूं।
  • हम BRICS में विश्व की 42% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछले कुछ वर्षों से BRICS ग्लोबल ग्रोथ का इंजन बना हुआ है। हालांकि, अभी भी विश्व GDP (23%) और trade (16%) में हमारे हिस्से के बढ़ने की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। वह जनसंख्या के अनुरूप नहीं हैं।

Excellencies,
 

  • Globalisation ने लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। हालांकि, globalisation के फायदों के समान वितरण को लेकर हमारे सामने चुनौतियां हैं। Multilateralism और नियम-आधारित विश्व-व्यवस्था के सामने निरंतर कठिनाइयाँ आ रही हैं और Protectionism बढ़ रहा है। Currency अवमूल्यन और तेल कीमतों में तेज बढ़ोत्तरी पिछले कुछ वर्षों में अर्जित लाभ को चुनौती दे रहे हैं।
  • BRICS देश वैश्विक स्थिरता और विकास में योगदान देते रहे हैं। हमने विश्व की आर्थिक और राजनैतिक संरचना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • हमने global economic governance के architecture को और अधिक प्रतिनिधित्व वाला और लोकतांत्रिक बनाने में सार्थक योगदान दिया है और इस दिशा में आगे भी कार्य करते रहेंगे।
  • हमें संयुक्त राष्ट्र और इसकी सुरक्षा परिषद सहित multilateral institutions में विकासशील देशों को और अधिक प्रतिनिधित्व दिए जाने पर एक सुर में बात करनी चाहिए। यह वही मकसद है जिसके लिए हम BRICS में एक साथ आए हैं।
  • हमें नियम-आधारित विश्व-व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए UN, WTO, यु.एन.एफ़.सी.सी., World Bank इत्यादि जैसे multilateral institutions के साथ मिलकर काम करना होगा जिससे इनकी प्रासंगिकता बनी रहे और वह समय की वास्तविकताओं को दर्शाए। इस संबंध में, मैंने जोह्नेस्बर्ग की अपनी मुलाकात में ‘Reformed Multilateralism’ का सुझाव दिया है।
  • नए Industrial Revolution, कार्य के भविष्य, आदि विषयों के G20 एजेंडा में समावेश ने वैश्विक विकास की चर्चा को समृद्ध किया है। हम BRICS देश नए Industrial Revolution में सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं।
  • इस संदर्भ में, वैश्वीकरण और migration के विषयों को बेहतर बहुपक्षीय समन्वय और सहयोग के द्वारा संबोधित करना होगा। ग्लोबल सप्लाई चेन में लेबर मुद्दों का प्रबंधन, पूरी वैल्यू चेन में उत्कृष्ट काम को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी होगा। विश्व भर में कामगारों की सामाजिक संरक्षण योजनाओं की पोर्टेबिलिटी और मजदूरों की सहज आवाजाही महत्वपूर्ण है।
  • महिलाओं के सशक्तिकरण और sustainable food future जैसे सामाजिक-आर्थिक मामले G20 Summit में उठाए जाएंगे। पहले मैंने sustainable development और infrastructure पर disaster resilient infrastructure की जरूरत का सुझाव दिया था। इसे आगे बढ़ाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। 

 

Excellencies,
 

  • भारत BRICS political exchanges को बढ़ाने में हो रही प्रगति को महत्व देता है और उसकी सराहना करता है। इस संबंध में हमारे विदेश मंत्रियों, NSAs और Middle East के विशेष दूतों की मुलाकातों ने अहम योगदान दिया है।
  • हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि आज आतंकवाद और radicalisation पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। यह न केवल शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा है, यह आर्थिक विकास के लिए भी एक चुनौती है।
  • हमने सभी देशों से FATF मानकों के कार्यान्वयन का आग्रह किया है। आतंकवादियों के नेटवर्क, उनकी फाइनेंसिंग और उनकी आवाजाही को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र के Counter Terrorism Framework को मजबूत करने हेतु BRICS और G20 देशों को साथ मिलकर काम करना होगा।
  • आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों के विरुद्ध हमें मिलकर काम करने की आवश्यकता है। यह समस्या विश्व की आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर ख़तरा बन सकती है।

    Excellencies, 
     
  • G20 में हमारे सहयोग का आधार मजबूत होने लगा है। हमारे BRICS Sherpas, G20 मामलों में परामर्श और सहयोग करते रहे हैं।
  • G20 Summit की अध्यक्षता एक विकासशील देश कर रहा है. यह एक सुअवसर है कि G 20 के एजेंडा और इसके परिणामों का फोकस विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर लाया जाए।
  • मैं, अंत में एक बार फिर से President रामाफोसा द्वारा जोहान्सबर्ग Summit की सफल मेजबानी और इस बैठक के आयोजन के लिए धन्यवाद करता हूं।
  • मैं आगामी BRICS Chairship के लिए ब्राज़ील और उसके नेतृत्व को भारत के पूर्ण समर्थन और सहयोग का विश्वास भी दिलाता हूं। मुझे भरोसा है कि Brazil की Chairship के अंतर्गत BRICS सहयोग नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगा।

Excellencies,
 

  • में राष्ट्रपति ब्राज़ील का इसलिए भी आभार वयक्त करता हूँ ,पिछले 6 बार से आपका मार्गदर्शन मिलता रहा और आपके साथ काम करने का अवसर मिलता रहा और जैसा आपने कहा कि ये आखरी मीटिंग है हमारी आपके साथ

बहुत बहतु शुभकामनाये 
बहुत बहुत धन्यवाद

 

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संसद सत्र को कार्यों और चर्चाओं के आधार पर तौला जाए, न कि व्यवधानों के आधार पर : पीएम
November 29, 2021
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नमस्कार साथियों,

संसद का यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। हिन्दुस्तान में चारों दिशाओं में से इस आज़ादी के अमृत महोत्सव के नीमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित के लिए, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं, कदम उठा रहे हैं, और आजादी के दिवानों ने जो सपने देखे थे उन सपनों को पूरा करने के लिए सामान्य नागरिक भी इस देश का अपना कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है। यह खबरे अपने आप में भारत के उज्जवल भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

कल हमने देखा है। पिछले दिनों संविधान दिवस भी, नए संकल्प के साथ संविधान के spirit को चरित्रार्थ करने के लिए हर किसी के दायित्व के संबंध में पूरे देश ने एक संकल्प किया है इन सबके परिपेक्ष में हम चाहेगें, देश भी चाहेगा, देश का हर सामान्य नागरिक चाहेगा कि भारत का यह संसद का यह सत्र और आगे आने वाला भी सत्र आजादी के दीवानों की जो भावनाएं थी, जो spirit था, आजादी के अमृत महोत्सव का जो spirit है, उस spirit के अनुकूल संसद भी देश हित में चर्चा करे, देश की प्रगृति के लिये रास्ते खोजे, देश की प्रगृति के लिए नये उपाय खोजें और इसके लिए यह सत्र बहुत ही विचारों की समृद्धि वाला, दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले सकारात्मक निर्णय करने वाला बने। मैं आशा करता हूँ कि भविष्य में संसद को कैसा चलाया, कितना अच्छा contribution किया उस तराजू पर तौला जाएं, ना कि किसने किताना जोर लगाकर के संसद के सत्र को रोक दिया यह मानदंड़ नहीं हो सकता। मानदंड यह होगा कि संसद में कितने घंटे काम हुआ, कितना सकारात्मक काम हुआ। हम चाहते हैं, सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है, खुली चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और आजादी के अमृत महोत्सव में हम यह भी चाहेंगे कि संसद में सवाल भी हो, संसद में शंति भी हो।

हम चाहते हैं, संसद में सरकार के खिलाफ, सरकार की नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज़ प्रखर होनी चाहिए, लेकिन संसद की गरिमा, स्पीकर की गरिमा, चेयर की गरिमा इन सबके विषय में हम वो आचरण करें जो आने वाले दिनों में देश की युवा पीढ़ी के काम आए। पिछले सत्र के बाद करोना की एक विकट परिस्थिति में भी देश ने 100 करोड़ से अधिक डोज़ेज, करोना वैक्सीन और अब हम 150 करोड़ की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नए वैरिएंट की खबरें भी हमें और भी सर्तक करती हैं, और सजग करती है। मैं संसद के सभी साथियों को भी सतर्क रहने की प्रार्थना करता हूँ। आप सभी साथियों को भी सतर्क रहने के लिए प्रार्थना करता हूँ। क्योंकि आप सबका उत्तम स्वास्थ्य, देशवासियों का उत्तम स्वास्थ्य ऐसी संकट की घड़ी में हमारी प्राथमिकता है।

देश की 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को इस करोनाकाल के संकट में और अधिक तकलीफ न हो इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से अनाज मुफ्त में देने की योजना चल रही है। अब इसे मार्च 2022 तक समय आगे कर दिया गया है। करीब दो लाख साठ हजार करोड़ रुपये की लागत से, अस्सी करोड़ से अधिक देशवासियों को गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे इसकी चिंता की गई है। मैं आशा करता हूँ कि इस सत्र में देश हित के निर्णय हम तेजी से करे, मिलजुल करके करें। सामान्य मानव की आश- अपेक्षाओं को पूर्ण करने वाले करें। ऐसी मेरी अपेक्षा है।... बहुत- बहुत धन्यवाद।