प्रधानमंत्री मोदी ने किशनगंगा जलविद्युत स्टेशन का उद्धाटन किया, श्रीनगर रिंग रोड का शिलान्यास किया
राज्य के लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का संतुलित विकास काफी महत्त्वपूर्ण: पीएम मोदी
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र की अत्यधिक संभावना, हम राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
जम्मू-कश्मीर के युवा देश भर के युवाओं के लिए रोल मॉडल बन रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
‘न्यू इंडिया’ की इस यात्रा में एक ‘न्यू जम्मू-कश्मीर’ का उज्ज्वल स्थान हो सकता है: पीएम मोदी
शांति और स्थिरता का कोई विकल्प नहीं है, मैं जम्मू-कश्मीर के युवाओं से राज्य के कल्याण और विकास में योगदान देने का आग्रह करता हूं: प्रधानमंत्री
ना गाली से, ना गोली से, समस्य सुलझेगी हर कश्मीरी को गले लगाने से: प्रधानमंत्री मोदी
सभी समस्याओं का समाधान विकास है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज श्रीनगर में एक समारोह में किशनगंगा पनबिजली केंद्र राष्‍ट्र को समर्पित किया।

उन्‍होंने श्रीनगर रिंग रोड का शिलान्‍यास भी किया।

जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले चार वर्षों के दौरान उन विभिन्‍न अवसरों का स्‍मरण किया जब उन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य का दौरा किया था।
उन्‍होंने कहा कि रमजान का महीना पैगम्‍बर मोहम्‍मद के उपदेशों एवं संदेशों को याद करने का समय है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 330 मेगावाट की किशनगंगा पनबिजली परियोजना राज्‍य की बिजली आवश्‍यकताओं की आपूर्ति में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्‍होंने राज्‍य के तीनों क्षेत्रों- कश्‍मीर, जम्‍मू एवं लद्दाख के संतुलित विकास की आवश्‍यकता पर बल दिया।

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प्रधानमंत्री ने पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
March 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषितम् को साझा किया, जिसमें पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित किया गया है।

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि पृथ्वी, जो महासागरों के रूप में जल से परिपूर्ण है और बाहरी रूप से जल से घिरी है, जिसे विद्वानों ने अपने ज्ञान से जाना है और जिसका हृदय विशाल आकाश में शाश्वत सत्य से ओत-प्रोत है - वह पृथ्वी एक महान राष्ट्र के रूप में हमारी ऊर्जा और शक्ति को बनाए रखे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपनी पोस्‍ट में लिखा;

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”