दंतेवाडा में प्रधानमंत्री

Published By : Admin | May 9, 2015 | 15:38 IST
दंतेवाडा में प्रधानमंत्री की भटके हुए युवाओं से हिंसा का रास्ता छोडने की अपील
प्रधानमंत्री : युवाओं के कंधे हल के लिए, बंदूकों के लिए नहीं
प्रधानमंत्री रेलवे और इस्पात क्षेत्रों में चार सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर के साक्षी बने

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोडने और विकास की मुख्यधारा से जुडने की अपील की। दंतेवाडा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी भटके हुए युवाओं से हथियार छोडने और नक्सली उग्रवाद के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के साथ कुछ दिन बिताने का आग्रह किया। उन्होनें कहा कि ये बच्चे इन भटके हुए युवाओं को हमेशा के लिए हथियार छोडने के लिए निश्चित रूप से प्रेरित करेगें। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के कंधे पर हल होना चाहिए, हथियार नहीं।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले दंतेवाडा के बच्चों के साथ अपनी बातचीत का जिक्र भी किया और कहा कि इन बच्चों के पास सपने हैं और उन्हें पूरा करने का विश्वास है। उन्होनें कहा कि इन बच्चों और छत्तीसगढ़ को इन सपनों को पूरा करने के लिए शांतिपूर्ण वातावरण चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पंजाब सफलतापूर्वक हिंसा के वातावरण से बाहर निकल पाया और मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ भी नक्सली उग्रवाद से बाहर निकल सकेगा। उन्होनें कहा कि छत्तीसगढ़ में भारत का सबसे विकसित राज्य बनने की क्षमता है। आज रेल और इस्पात क्षेत्र में 24 हजार करोड़ रूपए के निवेश संबधी सहमति पत्रों में हस्ताक्षर होने से लोगों के जीवन में बड़े बदलाव आएगें। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार देश के सभी क्षेत्रों की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हमारी सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम कर रही है। भारत ने भ्रष्टाचार और धीमे विकास के इतिहास को पीछे छोड दिया है। पूरे विश्व ने इस बात को स्वीकार किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढने वाली अर्थव्यवस्था है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार भारत के सभी भागों की पहली और सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और उनकी सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने भ्रष्टाचार और विकास की धीमी गति के अपने अतीत को सफलतापूर्वक पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने आगे कहा कि अब पूरा विश्व भारत को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक मानता है।



प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करने के पहले लाइव्लीहुड कालेज का दौरा किया और छत्तीसगढ सरकार की कौशल विकास प्रयासो के लिए सराहना की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह,केंद्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और श्री विष्णुदेव साई भी उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री ने सांसदों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया, इसे ऐतिहासिक अवसर बताया
April 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है और कल रात ही 1 बजे तक चर्चा चली है।

उन्होंने कहा कि संशोधन से संबंधित जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब देकर समाधान कर दिया गया है और सदस्यों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का हल निकाल लिया गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जहां भी जानकारि‍यों का अभाव था, वहां सभी सदस्यों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है, जिससे विरोध के मुद्दों को स्पष्ट किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा लगभग चार दशकों से राजनीतिक बहसों का विषय रहा है और अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिले।

उन्होंने कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में कम प्रतिनिधित्व उचित नहीं है और इसे सुधारने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि लोकसभा में जल्द ही मतदान होने की उम्मीद है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से महिला आरक्षण संशोधन के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया।

देश की महिलाओं की ओर से अपील करते हुए, उन्होंने सभी सांसदों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कुछ भी ऐसा न करें, जिससे नारी शक्ति की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाएं संसद, उसके उद्देश्य और उसके निर्णयों की ओर देख रही हैं।

प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्‍नी सबका स्‍मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने का आह्वान किया।

उन्होंने इस संशोधन को देश की महिलाओं की सेवा और सम्मान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया और सदस्यों से आग्रह किया कि वे उन्हें नए अवसरों से वंचित न करें।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित हो जाता है, तो यह नारी शक्ति के साथ-साथ देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।

इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए, उन्होंने सभी सदस्यों से भारत की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करके इतिहास रचने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट में लिखा;

“संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है।

जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है।

महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें।

आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं।

अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं...

कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।

मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों।

देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।”

“मैं सभी सांसदों से कहूंगा...

आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...

देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।

उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।

ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा।

आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।”