प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री श्री शिंजो आबे के बीच टोक्यो स्थित आकासाका महल में एक सिंतबर, 2014 को एक बैठक हुई।


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री श्री शिंजो आबे के बीच टोक्यो स्थित आकासाका महल में एक सिंतबर, 2014 को एक बैठक हुई।


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कृषि हमारी समृद्धि की नींव है और किसान भाई-बहन देश के अन्नदाता हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कठोर परिश्रम और समर्पण देश की प्रगति सुनिश्चित करता है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-
“कृषिर्धन्या कृषिर्मेध्या जन्तूनां जीवनं कृषिः।
अन्नदः सर्वदश्चैव तस्माच्छ्रेष्ठतरो हि सः॥”
सुभाषित का भाव यह है कि कृषि धन देने वाली है, बुद्धि को पवित्र करने वाली है और सभी जीवों का आधार है। जो किसान फसल उगाकर संसार को अन्न देता है, वह वास्तव में सबको सब कुछ देने वाला है, क्योंकि अन्न के बिना कोई भी अन्य दान या वस्तु काम नहीं आती, इसलिए वह कृषि करने वाला किसान सबसे श्रेष्ठ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स(X) पर लिखा;
“कृषि हमारी समृद्धि की आधारशिला है और हमारे किसान भाई-बहन देश के अन्नदाता। इनका परिश्रम और समर्पण ही राष्ट्र की प्रगति को सुनिश्चित करता है।
कृषिर्धन्या कृषिर्मेध्या जन्तूनां जीवनं कृषिः।
अन्नदः सर्वदश्चैव तस्माच्छ्रेष्ठतरो हि सः॥”
कृषि हमारी समृद्धि की आधारशिला है और हमारे किसान भाई-बहन देश के अन्नदाता। इनका परिश्रम और समर्पण ही राष्ट्र की प्रगति को सुनिश्चित करता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 20, 2026
कृषिर्धन्या कृषिर्मेध्या जन्तूनां जीवनं कृषिः।
अन्नदः सर्वदश्चैव तस्माच्छ्रेष्ठतरो हि सः॥ pic.twitter.com/QRfQ8GyAlL