प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में इकोनोमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस सम्मेलन को संबोधित किया। उनके भाषण का विषय था – नई अर्थव्यवस्था-नए नियम।

यह स्मरण कराते हए कि कुछ ही महीनों में वर्तमान केंद्र सरकार अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करने जा रही है, श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब एक स्पष्ट और सुनिश्चित बदलाव दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक संदर्भ में यह बदलाव नए भारत और नई अर्थव्यवस्था के लिए नए नियमों का सार है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान परिदृश्य बदल गया है, जिसमें भारत जो पहले ‘‘पांच कमजोर’’ अर्थव्यवस्थाओं में से एक था, वह अब ‘‘पांच ट्रिलियन डॉलर’’ की अर्थव्यवस्था बन गया है। प्रधानमंत्री ने समूची वैश्विक वृद्धि में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका दर्शाने के लिए तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि सामान्य संदर्भ में विश्व जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी 2017 में बढ़ कर 3.1 प्रतिशत हो गई, जो 2013 में 2.4 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न बृहत्त-आर्थिक मानदंडों पर बेहतर कार्य निष्पादन कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिवर्तन के पीछे एक नई दृष्टि और एक नई कार्य संस्कृति रही है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिस्पर्धा क्षमता आज समूचे विश्व में स्वीकार की जा रही है।

श्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि पिछली बार जब उन्होंने वैश्विक व्यापार सम्मेलन में हिस्सा लिया था, तो जीएसटी एक संभावना मात्र था। उन्होंने कहा कि आज यह एक वास्तविकता बन गया है, जो एक बेहतर कर अनुपालन प्रणाली और बेहतर राजस्व प्रणाली के रूप में स्थापित हो गया है। प्रधानमंत्री ने इन्सोलवेंसी और बैंक्रप्सी कोड  सहित अन्य सुधारों की चर्चा की।

श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार के कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए गति, आकार और संवेदनशीलता का विशेष महत्व है। उन्होंने गति और ढांचागत क्षेत्र में प्रगति के कुछ उदाहरण पेश किए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बुनियादी ढांचा, कृषि, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश हुआ है।

श्री नरेंद्र नोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में शुरू किए गए उपायों की चर्चा की। इन उपायों में मिशन इंद्रधनुष, जन-औषधि भंडारों और आयुषमान भारत जैसे कार्यक्रमों का उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया।

डिजिटल भारत मिशन के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि सौ करोड़ बैंक खाते, सौ करोड़ आधार और सौ करोड़ मोबाइल फोन की त्रिवेणी से एक बेजोड़ पारिस्थितिकी प्रणाली विकसित हुई है, जो विश्व में अन्यत्र कहीं दिखाई नहीं देती। उन्होंने सूक्षम, लघु और मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में किए गए उपायों की भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले इकोनोमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस सम्मेलन में उन्होंने सबके लिए आवास, सबके लिए बिजली, सबके लिए स्वच्छ ईंधन, सबके लिए स्वास्थ्य और सबके लिए बीमा लाभ की बात की थी। उन्होंने इसके लिए भवन निर्माण, सौभाग्य योजना, उज्ज्वला योजना और बीमा लाभ जैसे कार्यक्रमों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार के उपायों का लक्ष्य निर्धनों को अधिकार प्रदान करना है। प्रधानमंत्री ने शौचालयों के निर्माण मुद्रा योजना के जरिए ऋणों के संवितरण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसे कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में हाल में पेश किए गए बजट में की गई घोषणाओं का भी स्मरण कराया।

प्रधानमंत्री ने विभिन्न वित्तीय संस्थानों में नियम और आचारनीति तय करने का दायित्व निभाने वाले वाले लोगों से अपील की कि उन्हें पूरे समर्पण के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षण और निगरानी करने वाले लोगों का विशेष दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार वित्तीय मामलों में अनियमितताएं करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि लोगों के धन को अवैध तरीके से हड़पने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और यही ‘‘नई अर्थव्यवस्था-नए नियमों’’ का सार है।

 

 

 

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प्रधानमंत्री ने सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दी
July 27, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर इसके सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने अपने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर विशिष्ट पहचान बनाई है।

श्री मोदी ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ करने से लेकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सेवा तक, सीआरपीएफ कर्मियों ने हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के खतरे को समाप्त करने में उनके प्रयास विशेष रूप से सराहनीय हैं और उन्होंने कई लोगों के जीवन में शांति एवं प्रगति में योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में लिखा:

“सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं। सीआरपीएफ ने अपने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर विशिष्ट पहचान बनाई है। आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ करने से लेकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सेवा तक, सीआरपीएफ कर्मियों ने हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि रखा है। माओवाद के खतरे को समाप्त करने में उनके प्रयास विशेष रूप से सराहनीय हैं और उन्होंने कई लोगों के जीवन में शांति एवं प्रगति में योगदान दिया है।

@crpfindia"