जनवरी 2020 में संग्रहित सकल जीएसटी राजस्व रुपये 1,10,828 करोड़ है जिसमें से सीजीएसटी रुपये 20,944 करोड़, एसजीएसटी रुपये 28,224 करोड़ (आयातों पर संग्रहित रुपये 23,481 करोड़) और सेस रुपये 8,637 करोड़ (आयातों पर संग्रहित रुपये 824 करोड़) है। 31 जनवरी, 2020 तक दिसम्बर महीने के लिए फाइल किए गए जीएसटीआर 3बी रिटर्न की कुल संख्या 83 लाख (अनंतिम) है।

सरकार ने नियमित निपटान के रूप में सीजीएसटी को रुपये 24,730 करोड़ और आईजीएसटी से एसजीएसटी को रुपये 18,199 करोड़ का निपटान किया है। जनवरी 2020 में नियमित निपटान के बाद केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा अर्जित कुल राजस्व सीजीएसटी के लिए रुपये 45,674 करोड़ और एसजीएसटी के लिए  रुपये 46,433 करोड़ है।

घरेलू कारोबार से जनवरी 2020 के दौरान जीएसटी राजस्वों ने जनवरी 2019 के राजस्व की तुलना में 12 प्रतिशत की प्रभावी वृद्धि दर्ज की है।

चार्ट वर्तमान वर्ष के दौरान राजस्व का रूझान प्रदर्शित करता है। सारणी जनवरी 2019 की तुलना में जनवरी 2020 के दौरान प्रत्येक राज्य में संग्रहित जीएसटी के राज्य-वार आंकड़े प्रदर्शित करती है।

 

जनवरी 2020 के लिए राज्य-वार आंकड़े


 राज्य

जनवरी-19

जनवरी-20

वृद्धि

1

जम्मू और कश्मीर

331

371

12%

2

हिमाचल प्रदेश

647

675

4%

3

पंजाब

1,216

1,340

10%

4

चण्डीगढ

159

195

22%

5

उत्तराखण्ड

1,146

1,257

10%

6

हरियाणा

4,815

5,487

14%

7

दिल्ली

3,525

3,967

13%

8

राजस्थान

2,776

3,030

9%

9

उत्तर प्रदेश

5,485

5,698

4%

10

बिहार

1,039

1,122

8%

11

सिक्किम

176

194

11%

12

अरूणाचल प्रदेश

38

52

36%

13

नागालैंड

17

32

84%

14

मणिपुर

24

35

48%

15

मिजोरम

26

24

-8%

16

त्रिपुरा

52

56

8%

17

मेघालय

104

128

24%

18

असम

787

820

4%

19

पश्चिम बंगाल

3,495

3,747

7%

20

झारखण्ड

1,965

2,027

3%

21

ओडिशा

2,338

2,504

7%

22

छत्तीसगढ़

2,064

2,155

4%

23

मध्य प्रदेश

2,414

2,674

11%

24

गुजरात

6,185

7,330

19%

25

दमन एवं दीव

101

117

16%

26

दादर एवं नागर हवेली

173

165

-5%

27

महाराष्ट्र

15,151

18,085

19%

29

कर्नाटक

7,329

7,605

4%

30

गोवा

394

437

11%

31

लक्ष्यद्वीप

1

3

150%

32

केरल

1,584

1,859

17%

33

तमिलनाडू

6,201

6,703

8%

34

पुड्डुचेरी

159

188

18%

35

अण्डमान एवं निकोबार द्वीप समूह

35

30

-13%

36

तेलंगाना

3,195

3,787

19%

37

आन्ध्र प्रदेश

2,159

2,356

9%

97

अन्य क्षेत्र

194

139

-28%

99

केन्द्र अधिकार क्षेत्र

45

119

166%

 

कुल योग

77,545

86,513

12%

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s AI moment: Sarvam turns unicorn at $1.5 billion valuation

Media Coverage

India’s AI moment: Sarvam turns unicorn at $1.5 billion valuation
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।