प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर वहां के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं हैं।
प्रधानमंत्री ने इन क्षेत्र के सभी भाइयों और बहनों को अपनी हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे अपने प्रयासों से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने निरंतर प्रयास और प्रगति की भावना को दर्शाने वाले एक संस्कृत सुभाषित को साझा किया।
संस्कृत श्लोक-
“चरैवेति चरैवेति चरन्वै मधु विन्दति।
सूर्यास्य पश्य श्रेमाणं न मामार न जीर्यति॥” का अर्थ है निरंतर आगे बढ़ते रहना, क्योंकि केवल निरंतर परिश्रमी व्यक्ति ही प्रगति का आनंद प्राप्त कर सकता है, ठीक उसी प्रकार जैसे सूर्य अपनी ऊर्जा से निरंतर और अनंत काल तक संसार को प्रकाशित करता है।
श्री मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा;
“आज नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर यहां के अपने सभी भाई-बहनों को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। अपने प्रयासों से जीवन के हर क्षेत्र में उन्हें सफलता मिले, यही कामना है।
चरैवेति चरैवेति चरन्वै मधु विन्दति।
सूर्यास्य पश्य श्रेमाणं न मामार न जीर्यति॥”
आज नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर यहां के अपने सभी भाई-बहनों को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। अपने प्रयासों से जीवन के हर क्षेत्र में उन्हें सफलता मिले, यही कामना है।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 21, 2026
चरैवेति चरैवेति चरन्वै मधु विन्दति।
सूर्यास्य पश्य… pic.twitter.com/N7WIyxV60d


