प्रधानमंत्री देशभर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले हजारों अमृत कलश यात्रियों को संबोधित करेंगे
प्रधानमंत्री देश के प्रत्येक भाग से एकत्र की गई मिट्टी से विकसित अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक का उद्घाटन करेंगे
यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव का समापन समारोह भी होगा
प्रधानमंत्री युवाओं के लिए 'मेरा युवा भारत' (माय भारत) प्लेटफॉर्म का शुभारंभ करेंगे
देश के युवाओं के लिए ‘माय भारत’, एक ही स्थान पर सम्पूर्ण-सरकार का प्लेटफॉर्म होगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 अक्टूबर 2023 को शाम लगभग 5 बजे कर्तव्य पथ पर मेरी माटी मेरा देश अभियान की अमृत कलश यात्रा के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव का समापन समारोह भी होगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक का उद्घाटन करेंगे। वे देशभर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले हजारों अमृत कलश यात्रियों को संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देश के युवाओं के लिए 'मेरा युवा भारत' (माय भारत) प्लेटफॉर्म का शुभारंभ भी करेंगे।

मेरी माटी मेरा देश

मेरी माटी मेरा देश अभियान उन वीरों और वीरांगनाओं को एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। जन भागीदारी की भावना के साथ, इस अभियान में देश भर के पंचायत/गांव, प्रखंड, शहरी स्थानीय निकाय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कई गतिविधियां और समारोह शामिल थे। गतिविधियों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी बहादुर व्यक्तियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने के लिए शिलाफलकम (स्मारक) का निर्माण; शिलाफलकम में लोगों द्वारा 'पंच प्राण' प्रतिज्ञा लेना; स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाना और 'अमृत वाटिका' (वसुधा वंदन) विकसित करना तथा स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों (वीरों का वंदन) के सम्मान के लिए अभिनन्दन समारोह शामिल थे।

इस अभियान को भारी सफलता मिली; 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 2.3 लाख से अधिक शिलाफलकमों का निर्माण हुआ; लगभग 4 करोड़ पंच प्राण प्रतिज्ञा सेल्फी अपलोड की गईं; देशभर में 2 लाख से अधिक 'वीरों का वंदन' कार्यक्रमों का आयोजन हुआ; 2.36 करोड़ से अधिक स्वदेशी पौधे लगाए गए और देशभर में वसुधा वंदन थीम के तहत 2.63 लाख अमृत वाटिकाएं विकसित कीं गईं।

'मेरी माटी मेरा देश' अभियान में अमृत कलश यात्रा भी शामिल है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के 6 लाख से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों से मिट्टी और चावल का संग्रह किया गया है। गांवों की मिट्टी को प्रखंड स्तर पर मिश्रित किया जाता है और फिर इसे राज्य की राजधानी तक पहुंचाया जाता है। हजारों अमृत कलश यात्रियों के साथ राज्य स्तर से मिट्टी राष्ट्रीय राजधानी भेजी जाएगी।

30 अक्टूबर, 2023 को, अमृत कलश यात्रा के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रखंड और शहरी स्थानीय निकाय 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना के तहत अपने कलश से मिट्टी को एक विशाल अमृत कलश में मिश्रित करेंगे। 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री देशभर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले हजारों अमृत कलश यात्रियों को संबोधित करेंगे।

अमृत वाटिका और अमृत महोत्सव स्मारक, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा, देश के प्रत्येक भाग से एकत्र की गई मिट्टी से कर्तव्य पथ पर विकसित व निर्मित किया गया है।

मेरी माटी मेरा देश अभियान की परिकल्पना 'आजादी का अमृत महोत्सव' के समापन कार्यक्रम के रूप में की गई थी। भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने का उत्सव मनाने के क्रम में आजादी का अमृत महोत्सव 12 मार्च 2021 को शुरू हुआ। इसके बाद से, पूरे देश में उत्साहपूर्ण जन-भागीदारी के साथ दो लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

माय भारत

देश के युवाओं को एक ही स्थान पर संपूर्ण-सरकार प्लेटफार्म के रूप में सेवा प्रदान करने के लिए मेरा युवा भारत (माय भारत) को स्वायत्त निकाय के रूप में स्थापित किया जा रहा है। देश के प्रत्येक युवा को समान अवसर प्रदान करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, माय भारत, सरकार के सभी आयामों के सन्दर्भ में एक सक्षम व्यवस्था प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाएगा, ताकि वे अपनी आकांक्षाओं को साकार कर सकें और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान दे सकें। माय भारत का उद्देश्य युवाओं को सामुदायिक परिवर्तन के अग्रदूत और राष्ट्र निर्माता बनने के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें सरकार और नागरिकों के बीच 'युवा सेतु' के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाना है। इस अर्थ में, 'माय भारत' देश में 'युवा के नेतृत्व में विकास' को बढ़ावा देगा।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the power of determination and positive thinking
July 09, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that firm conviction, continuous effort and positive thinking are the true keys to success. He noted that the youth of the country, guided by these very qualities, are working with complete dedication towards the realization of a Viksit Bharat.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“अनिर्वेदः श्रियो मूलमनिर्वेदः परं सुखम्।
अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः॥”

The Subhashitam conveys that progress is founded on enthusiasm, firm faith and persistent effort. A person who continues striving toward their goal without giving in to discouragement ultimately achieves success. Therefore, one should keep working with unwavering faith and dedication, for these qualities lead a person toward progress, success and excellence in life.

The Prime Minister’s Office posted on X;

“दृढ़ विश्वास, सतत प्रयास और सकारात्मक सोच सफलता की असली कुंजी है। हमारे युवा साथी इन्हीं गुणों के साथ पूरे समर्पण भाव से विकसित भारत के निर्माण में जुटे हैं।

अनिर्वेदः श्रियो मूलमनिर्वेदः परं सुखम्।

अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः॥”