"Shri Modi attacks Congress led UPA for misuse of CBI"
"CBI is Congress Bureau of Investigation: Shri Modi"
"In front of the youth I tell the Government in Delhi- do not show us the fear of CBI: Shri Modi"
"Do not spread lies to defame Gujarat: Shri Modi"
"Nation has lost faith in the CBI: Shri Modi"
"Rather than spending time on politicization of CBI, spend time in relief work in Uttarakhand, serve those who are suffering: Shri Modi"
"I am not the one to be scared of CBI: Shri Modi"
"You can do anything but by the fear of the CBI we will not deviate from the path of development: Shri Modi"
"I know what turns things will take but we are prepared: Shri Modi"

सीबीआई को गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की चेतावनी

केन्द्र में हमेशा कांग्रेस की सरकार ही नहीं रहने वाली, इसका राजनैतिक हथियार क्यों बन रहे हो?

कांग्रेस शासित केन्द्र सरकार को चेतावनी: गुजरात पर सीबीआई का जुल्म करवाने के बजाए उत्तराखंड के आपदा पीड़ितों की मदद करो

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज केन्द्र की कांग्रेस शासित सरकार और केन्द्रीय जांच ब्युरो, सीबीआई को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि गुजरात के पुलिस अधिकारियों, मंत्रियों और नेताओं को प्रताड़ित करने, जेल भेजने के षड्यंत्र बन्द किए जाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई का डर मोदी को ना दिखाओ। हम सीबीआई से डरने वाले नहीं हैं और गुजरात के विकास को रोकने के लिए युपीए की कांग्रेस सरकार जिस तरह सीबीआई का कांग्रेस ब्युरो ऑफ इनवेस्टिगेशन बनाकर दुरुपयोग कर रही है जिसे गुजरात बर्दाश्त नहीं करेगा। गुजरात के नौजवानों के भाग्य को तबाह करने नहीं दिया जाएगा। श्री मोदी ने चुनौती देते हुए कहा कि हम आनेवाले दिनों में कांगेस के षड्यंत्रों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे।

श्री मोदी ने केन्द्र के सीबीआई अधिकारियों को केन्द्र सरकार का राजनैतिक हथियार नहीं बनने की गम्भीर चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली की वर्तमान कांग्रेस की केन्द्र सरकार स्थायी- यावत् चन्द्र दिवाकरौ- राज करने वाली नहीं है। सीबीआई ने सत्य की खोज करने के बजाए कांग्रेस के झूठ के आधार पर गुजरात के पुलिस अधिकारियों और राज्य के मंत्रियों को जेल भेजने के कांग्रेस के षड्यंत्र हाथ में लिए हैं। इसलिए सीबीआई पर से देश की जनता का भरोसा उठ गया है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार को गुजरात को तबाह करने, गुजरात की जनता द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधियों की गुजरात सरकार को बदनाम करने, जुल्म करने और सीबीआई का खुद के षड्यंत्रों में राजनैतिक इस्तेमाल करने के बजाए उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा का शिकार बने लोगों की सहायता करने को कहा। आज गांधीनगर में युवाओं की भारी संख्या में मौजूदगी के बीच युवा रोजगार नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के विकास में युवाओं को भागीदार बनाने के अभियान को केन्द्र सरकार जुल्म करके भी रोक नहीं सकती। उन्होंने केन्द्र सरकार को युवाओं को रोजगार दिए जाने के मामले में स्पर्धा करने की चुनौती दी।

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विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, संस्कृत में सुभाषितम् साझा किया
March 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-

"निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"

उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।

श्री मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा-

विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।

एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।

"आज विश्व वन्यजीव दिवस है। हमारे शास्त्रों में सभी जीवों के कल्याण की कामना की गई है। उनसे हमें प्राणियों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील होने की प्रेरणा भी मिलती है। उसका एक उदाहरण यह है...

निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।

तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥”