फ्रांस के विदेश एवं अंतर्राष्ट्रीय विकास मंत्री श्री लॉरेंट फेबियस ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हाल ही में फ्रांस में हुए आतंकी हमलों के शिकार हुए लोगों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की। इसके साथ ही उन्होंने फ्रांस की जनता के साथ भारत की एकजुटता जताई।

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पिछले साल ब्रिस्बेन में आयोजित किए गए जी-20 के शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति होलैंड के साथ हुई अपनी बैठक की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वह अप्रैल महीने में फ्रांस की अपनी यात्रा को लेकर आशान्वित हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में खासकर उदार एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) व्यवस्था के मद्देनजर फ्रांस की कंपनियों को विभिन्न क्षेत्रों में भारत के "मेक इन इंडिया" कार्यक्रम से लाभ उठाने का न्यौता दिया।

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प्रधानमंत्री श्री मोदी और श्री फेबियस ने द्विपक्षीय सहयोग वाले विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर गहन चर्चा की। इन क्षेत्रों में अंतरिक्ष, रक्षा, रेलवे, स्मार्ट सिटी, पर्यटन, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा शामिल हैं।

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प्रधानमंत्री ने पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
March 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषितम् को साझा किया, जिसमें पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित किया गया है।

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि पृथ्वी, जो महासागरों के रूप में जल से परिपूर्ण है और बाहरी रूप से जल से घिरी है, जिसे विद्वानों ने अपने ज्ञान से जाना है और जिसका हृदय विशाल आकाश में शाश्वत सत्य से ओत-प्रोत है - वह पृथ्वी एक महान राष्ट्र के रूप में हमारी ऊर्जा और शक्ति को बनाए रखे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपनी पोस्‍ट में लिखा;

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”