सउदी अरब के ऊर्जा, उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री महामहिम श्री खालिद बिन अब्‍दुलाजीज़ अल फलीह ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी से मुलाकात की।

श्री खालिद बिन अब्‍दुलाजीज़ अल फलीह ने सउदी अरब के सुल्‍तान और युवराज की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने भी मंत्री महोदय से उनकी ओर से सउदी अरब के सुल्‍तान और युवराज को शुभकामनाएं देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके मार्गदर्शन तथा इस वर्ष के जनाद्रिया उत्‍सव में भारत को ‘सम्‍मानीय अतिथि’ का दर्जा देने के लिए उनका आभार व्‍यक्‍त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सउदी अरब के लोगों और निजी निवेशकों के लिए भारत में काफी अवसर है। भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था तेजी से बढ़ रही है तथा इसके परिणामस्‍वरूप ऊर्जा, कृषि और खाद्य प्रसंस्‍करण, औषधीय तथा चिकित्‍सीय उपकरण, उवर्रक, पेट्रोकैमिकल्‍स और खनन जैसे क्षेत्रों में कई लाभदायक अवसर उपलब्‍ध है। उन्‍होंने कहा कि सउदी विजन 2030 के उद्देश्‍यों और भारत के आर्थिक विकास के लिए सरकार के विभिन्‍न कार्यक्रमों के बीच काफी समानता है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को द्विपक्षीय व्‍यापार और निवेश को बढ़ाने तथा विविधता के तरीकों पर विचार तथा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप आर्थिक सहयोग के सभी पहलुओं का विस्‍तार किया जाना चाहिए।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s contribution to BRICS: Nari Shakti moves from promise to delivery

Media Coverage

India’s contribution to BRICS: Nari Shakti moves from promise to delivery
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बातचीत
June 30, 2026
राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों से अवगत कराया
प्रधानमंत्री ने बनी सहमति का स्वागत किया और स्थायी शांति एवं स्थिरता के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को दोहराया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ईरान के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेशकियान के साथ टेलीफोन पर वार्ता की।

राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रमों और आगे की संभावनाओं के बारे में अवगत कराया।

प्रधानमंत्री ने बनी सहमति का स्वागत किया और भारत के इस सैद्धांतिक दृष्टिकोण को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा समुद्री आवाजाही एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा समुद्री आवाजाही एवं आर्थिक गतिविधियों की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।