प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नमो ऐप के जरिए बिहार के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। अपने शुरुआती संबोधन में उन्होंने कहा कि ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर भाजपा की सफलता की सबसे मजबूत कड़ी है। जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही जब हर बूथ सबसे मजबूत रहता है तभी पार्टी को सफलता मिलती है। यह खुशी की बात है कि बिहार भाजपा का हर कार्यकर्ता मेरा बूथ सबसे मजबूत का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश बूथ जीतने पर होनी चाहिए। बूथ जीत गए तो चुनाव जीत गए। मैं तो हमेशा कहता हूं कि चुनाव नेता नहीं लड़ते। चुनाव तो बूथ का कार्यकर्ता लड़ता है और चुनाव नेता नहीं जीतते, बल्कि बूथ का कार्यकर्ता ही जीतता है। प्रचार, मतदान और वोटों की गिनती से विजय की जो त्रिवेणी बनती है, यह हमारे कार्यकर्ताओं के पसीने, उनके त्याग और तपस्या से बनती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर पटना के दिलीप पासवान, पूर्णिया की मेघा देवी, बोधगया के ओमप्रकाश कुमार, दरभंगा की रेखा देवी और मोतिहारी के कैलाश कुमार सहनी से कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में लोकतंत्र के महाउत्सव की शुरुआत हो चुकी है। बिहार के घर-घर से एक ही आवाज सुनाई दे रही है- एकजुट एनडीए, एकजुट बिहार, फिर से बनेगी सुशासन की सरकार। उन्होंने कहा कि हमें यह भी याद रखना है कि हर बूथ में हमारे साथ एनडीए के अन्य दलों के कार्यकर्ता भी होंगे। इन सभी के साथ हमारा तालमेल बेहतरीन होना चाहिए। एनडीए के हर उम्मीदवार के साथ पूरी मजबूती से जुड़ना है। हमें अपने संगठन की पूरी ताकत दिखानी है। जब फिर से एनडीए की एक मजबूत सरकार बिहार में बनेगी तो इससे बिहार के हर भाजपा कार्यकर्ता का सम्मान बढ़ेगा।
भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत में पीएम ने कहा कि जिन परिवारों को सरकार से जो लाभ मिला है, कार्यकर्ताओं को बूथ के हिसाब से उसकी सूची बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बूथ कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजना, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन आदि योजनाओं के सभी लाभार्थियों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। विभिन्न योजनाओं की अच्छी वीडियो मोबाइल फोन या लैपटॉप में डालें और जब लोगों से मिलने जाएं तो उन्हें जरूर दिखाएं। पीएम ने कहा कि मेरे लिए हर बूथ का कार्यकर्ता मेरा मोदी है। जब बूथ पर आप स्वयं मोदी बन जाएंगे, तो जिनको अभी किसी स्कीम का लाभ नहीं मिला है, उन्हें मेरी तरफ से गारंटी देना कि उन्हें भी लाभ जरूर मिलेगा।
पीएम मोदी ने जीएसटी बचत उत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि दिवाली आने वाली है, छठ पूजा का महापर्व भी आने वाला है, नवरात्रि के दिनों से जीएसटी बचत उत्सव चल रहा है। एक तो नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी के कारण लोगों ने दिवाली मनाई। अब 20 अक्टूबर को दिवाली मनाने जा रहे हैं। इस बार बिहार की जनता-जनार्दन को 14 नवंबर को एनडीए की ‘विजय वाली दिवाली’ भी मनानी है। इसमें हर बार की तरह बिहार की बहन-बेटियों की बड़ी भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में मुझे नीतीश जी के साथ एक बड़ी योजना को लॉन्च करने का सौभाग्य मिला। इसके तहत बिहार की 1 करोड़ 20 लाख बहनों के खातों में दस-दस हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। आप इन बहनों को यह जरूर बताइए कि यह पैसा सिर्फ एक बार की मदद नहीं है। यह नया रोजगार करने का प्रोत्साहन है। इस पैसे से वह जो काम शुरू करेंगी उसे आगे बढ़ाने के लिए हम और भी मदद करने वाले हैं। मुझे विश्वास है कि माताओं-बहनों और बेटियों के साथ ही वरिष्ठ जनों का भी पूरा आशीर्वाद हम पर है।
बिहार के कार्यकर्ताओं के जोश और उल्लास देखकर पीएम ने कहा कि अपने बूथ पर दीदियों के जो समूह हैं, जीविका दीदियां है, लखपति दीदी हैं डेयरी से जुड़ी बहनें हैं। उनसे मिलें और उनकी उत्साहजनक बातों को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लोगों तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन हर मोहल्ले और सोसाइटी से 10-15 लोगों का समूह बनाकर एक साथ थाली बजाते और गीत गाते हुए जाना चाहिए। ऐसा लगे कि लोकतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। कार्यकर्ता बूथ की बहनों का टिफिन भोज भी रख सकते हैं। 23 अक्टूबर को भैया दूज पर बूथ में बहनों के लिए विशेष कार्यक्रम होने चाहिए। इस बार भैया दूज लोकतंत्र का उत्सव बन जाना चाहिए। आपके बूथ में समूह की बहनें जो उत्पाद बनाती हैं उनके उत्पाद खरीदें और रिश्तेदारों को उपहार दें। इससे स्वदेशी के संदेश के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल का हमारा मंत्र भी सशक्त होगा।
बिहार में बह रही विकास की धारा का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि आज राज्य में बेहतर माहौल बना है। इसका सबसे अधिक फायदा हमारे नौजवानों को हो रहा है। आज जो नौजवान हैं, इन्होंने वो दौर नहीं देखा, जिसने बिहार को तबाह कर दिया था। हम लोगों ने बिहार में वह दौर देखा है, जब यहां बहुत बड़ा हिस्सा नक्सलवाद से प्रभावित था। लोग शाम होते ही अपने घरों से निकलने से डरते थे। सरकारी अफसर भी यदि एक इलाके से दूसरे इलाके में जाते थे, तो उन्हें सीआरपीएफ और पुलिस का एस्कॉट लेना पड़ता था। यह तो आप सब जानते ही हैं कि एनडीए सरकार ने बिहार की स्थिति बहुत मेहनत करके बदली है। आज हम नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की स्थिति में आ गए हैं।
नारीशक्ति की महत्ता बताते हुए पीएम ने कहा कि मेरे भारत की जो मातृशक्ति है, आप जैसी दीदी हैं, वही मेरी सबसे बड़ी सुरक्षा कवच और प्रेरणा हैं। वही मेरी सबसे बड़ी शक्ति और ऊर्जा हैं। उन्होंने कहा कि जैसे किसान एक दाने से हजारों दाने पैदा कर लेते हैं, उसी तरह महिलाएं भी सरकार से मिले दस हजार रुपयों को 10 लाख बना लेंगी। उन्होंने कहा कि आज बिहार में शानदार सड़कें और पुल बन रहे हैं। अभी पटना में मेट्रो चली है। आपके बूथ में भी रेल, रोड या दूसरे प्रोजेक्ट बने हैं या कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कई नई ट्रेनें चली हैं। रेलवे स्टेशन का आधुनिकरण हुआ है। बिहार में किसी भी दिशा में आप 25-50 किमी जाएंगे तो कोई ना कोई डेवलपमेंट का काम चलता हुआ दिख जाएगा। मतदाताओं से मुलाकात के दौरान आप इसकी विस्तार से चर्चा जरूर करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संवाद के अंत में कहा कि हमारे लिए विकास सर्वोपरि है। इसे आप आंकड़ों के साथ लोगों को बताएं। जैसे मैं आपको एक आंकड़ा बताता हूं। 2004 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस-आरजेडी की सरकार थी। तब बिहार को सिर्फ दो लाख करोड़ मिले थे। लेकिन आपने मुझे मौका दिया तो हमने 2014 से 2024 इन 10 सालों में 9 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। आपको यह जानकर खुशी होगी कि 4 लाख करोड़ तो सिर्फ रोड, पुल, रेल, एयरपोर्ट, मेट्रो ऐसे प्रोजेक्ट में लगे हैं। इससे सुविधाएं तो बढ़ ही रही हैं, बिहार के युवाओं को भी निरंतर रोजगार मिल रहे हैं।
पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!
आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।
साथियों,
आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,
BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।
साथियों,
बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।
साथियों,
दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,
इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।
साथियों,
स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!
बहुत-बहुत धन्यवाद!
मर्सी बोकू!
जय स्वामीनारायण!


