प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान के तहत नमो ऐप के जरिए पश्चिम बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि जनता-जनार्दन ने बंगाल में परिवर्तन लाने का दृढ़ निश्चय कर लिया है। इस बार विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता परिवर्तन से राज्य से “भय जाएगा, भरोसा आएगा” यह तय है। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के हर कोने में भाजपा के प्रति जो ऊर्जा, उत्साह और विश्वास दिखाई दे रहा है, वह बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की मेहनत का ही परिणाम है और यही शक्ति आने वाले समय में बड़े बदलाव का आधार बनेगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ के मंत्र के साथ जुट जाएं।
प्रधानमंत्री ने सबसे पहले बंगाल की जनता-जनार्दन और सभी कार्यकर्ताओं को पोइला बैसाख और शुभो नववर्षो की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य में परिवर्तन की लहर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कस्बा विधानसभा की रीना डे, दार्जिलिंग जिले के जुड़ाकिंडो, बांकुरा जिले के निलोत्पल विराट, सालबनी विधानसभा के चंदन प्रधान और नदिया दक्षिण जिले के राकेश सरकार सहित विभिन्न बूथों के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस संवाद को राज्यभर के लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी सुना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दिनों उन्हें बंगाल के विभिन्न हिस्सों में जाने और लोगों से मिलने का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने भाजपा के प्रति अभूतपूर्व समर्थन और विश्वास देखा है। उन्होंने कहा कि ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ के मंत्र के साथ कार्यकर्ता जिस तरह से जनता के बीच जा रहे हैं, वह टीएमसी के भय और भाजपा के भरोसे के बीच स्पष्ट अंतर को लोगों तक पहुंचा रहे हैं। भाजपा के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसको जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है, क्योंकि इसमें हर वर्ग के विकास और कल्याण की ठोस योजनाएं ही नहीं बल्कि क्रियान्वयन का पूरा रोडमैप भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र का गहन अध्ययन कर उसे जन-जन तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए जो योजनाएं बनाई गई हैं, उनकी जानकारी लोगों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि उन्हें यह समझ में आए कि भाजपा का दृष्टिकोण विकास और सुरक्षा पर आधारित है।
बंगाल सरकार की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में भय, हिंसा और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर संकट है और युवा वर्ग रोजगार के अभाव में पलायन के लिए मजबूर है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी समाज के लिए बेहद चिंताजनक है और इसे बदलना आवश्यक है। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल को भय और भ्रष्टाचार के चक्रव्यूह में फंसा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध, राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक विफलता ने आम नागरिक का जीवन कठिन बना दिया है। बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर उनके परिजन चिंतित हैं और यह स्थिति राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को सच्चाई से अवगत कराएं। जनता को टीएमसी के भय और भाजपा के भरोसे के बारे में विस्तार से बताएं। उन्होंने कहा कि हर बूथ पर पिछले वर्षों में हुए अपराधों की सूची तैयार करें और लोगों को बताएं कि यह सब किस प्रकार सत्ता के संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के बीच संपर्क बढ़ाने और छोटी-छोटी बैठकों के माध्यम से उन्हें जागरूक करने पर जोर दिया।
तृणमूल सरकार के सिंडिकेट राज के भ्रष्टाचार पर पीएम ने कहा कि बंगाल में सरकारी योजनाओं का लाभ भी बिना ‘कटमनी’ के नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था गरीबों का शोषण कर रही है और इसे समाप्त करना बेहद ही जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता, जबकि बिचौलियों को लाभ पहुंचाया जाता है। एक समय बंगाल व्यापार और उद्योग का प्रमुख केंद्र था, लेकिन आज भय और अस्थिरता के कारण उद्योग-व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि फैक्ट्रियां वहीं चलती है जहां भय नहीं होता है। सरकार का काम तो लोगों को भय से बचाने का होता है। बंगाल में सरकार खुद ही भय पैदा करती है। जीना मुश्किल कर देती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे व्यापारियों, किसानों और श्रमिकों के बीच जाकर यह संदेश दें कि भाजपा सरकार में उन्हें सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलेगा।
केंद्र की कई योजनाओं को राज्य सरकार द्वारा लटकाने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस कुनीति के चलते सबसे ज्यादा नुकसान गरीब जनता का हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं, जैसे पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन योजना बंगाल के लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही हैं, क्योंकि राज्य सरकार उन्हें लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने कहा कि यह राजनीति नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। कार्यकर्ता जनता को उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करें।
घुसपैठ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का भी प्रश्न है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता इस विषय पर लोगों को जागरूक करें और यह बताएं कि भाजपा सरकार हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार को एक प्रणाली के रूप में स्थापित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न घोटालों ने जनता का विश्वास तोड़ा है और अब लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इन मुद्दों को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखें और उन्हें सच्चाई से अवगत कराएं।
बीजेपी की संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव में जीत का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है। इसलिए कार्यकर्ताओं को ना सिर्फ बीजेपी की योजनाओं के लाभ के बारे में बताना है, बल्कि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित कर बूथ तक लाना है। उन्होंने कहा कि वे प्रत्येक मतदाता तक पहुंचें, विशेषकर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और महिलाओं से जरूर संपर्क करें। इनके साथ छोटे समूहों में संवाद को निरंतर बनाए रखना है। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में इस बार परिवर्तन निश्चित है।




