जीएसटी के रोलआउट के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा के लिए पीएम ने किया मीटिंग का आयोजन
पीएम मोदी ने जीएसटी के रोलआउट के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों पर प्रोग्रेस की करी समीक्षा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 14 सितंबर 2016 को जीएसटी पर तैयारी की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजत की। बैठक में केंद्रीय वित्‍त मंत्री, दोनों वित्‍त राज्‍य मंत्रियों, प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्‍त मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

यह सुनिश्चित करने के क्रम में कि जीएसटी को लागू करने की तिथि पहली अप्रैल, 2017 से कतई आगे न बढ़े, प्रधानमंत्री ने जीएसटी कानूनों और नियमों के प्रारूप तैयार करने, केंद्र और राज्‍यों, दोनों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी सुविधाएं स्‍थापित करने, केंद्र और राज्‍य सरकारों के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने और व्‍यापार और उद्योग संबंधी जागरूकता के लिए पहुंच कायम करने से जुड़े जीएसटी के कार्यान्‍यवन के लिए विभिन्‍न आवश्‍यक कदमों पर आधारित प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि पहली अप्रैल, 2017 से काफी पहले सभी चरण निश्चित तौर पर पूरे किए जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद को जीएसटी कानूनों के प्रारूप, जीएसटी दरों, जीएसटी में शामिल अथवा मुक्‍त जींसों और सेवाओं के बारे में संस्‍तुतियों सहित धारा 279 ए में दिए गए आदेशों से जुड़े सुझाव समयानुसार देने के लिए कई बैठकें आयोजित करने की जरूरत होगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मिले-जुले वार्षिकी आधार पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए सड़क निर्माण के संशोधित परिव्यय की मंजूरी दी
March 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हाइब्रिड वार्षिकी आधार पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए सड़क निर्माण के लिए 3630.77 करोड़ रुपये के संशोधित परिव्यय को स्वीकृति दे दी।

31.42 किलोमीटर लंबा यह गलियारा दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधी और उच्च गति का संपर्क मार्ग होगा जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आर्थिक विकास और प्रचालन दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

यह गलियारा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा जिससे बहुआयामी परिवहन संभव होगा। यह उच्च गलियारा संरचनात्मक सुधार के साथ ही शहरी अवसंरचना परिवर्तन, क्षेत्रीय संपर्क और राष्ट्रीय परिचालन दक्षता का महत्वपूर्ण साधन होगा। जेवर हवाई अड्डे -दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की पूरी क्षमता के उपयोग और फरीदाबाद में सतत शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए इसका निर्माण अत्यंत आवश्यक है।

इस परियोजना का लगभग 11 किलोमीटर लंबा हिस्सा एलिवेटेड मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा जो डीएनडी-बल्लभगढ़ बाईपास और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच नए संपर्क मार्ग का महत्वपूर्ण खंड है और इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ता है। यह गलियारा फरीदाबाद मास्टर प्लान, 2031 के तहत घनी आबादी वाले शहरी विकास और भविष्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार के निर्धारित क्षेत्र से होकर गुजरेगा। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की अतिरिक्त लागत 689.24 करोड़ रुपये है। हरियाणा सरकार ने इसमें 450 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति जताई है।

दिल्ली-मुंबई मार्ग के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना उपमार्ग से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए संपर्क मार्ग की परियोजना का संरेखण मानचित्र