पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्विटर के माध्यम से 18वीं राष्ट्रीय ई-शासन सम्मेलन को संबोधित किया। हाँ, ट्विटर के माध्यम से! लाइव ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री ने डिजिटल भारत तथा ई-शासन एवं मोबाइल आधारित शासन के क्षेत्र में अगले स्तर तक जाने के अपने लक्ष्य पर जोर दिया। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन नवीन विचारों के लिए एक केन्द्र बिन्दु के रूप में उभरेगा जो देश के लिए सहायक सिद्ध होगी।

एक बार फिर से इस तरह का नवीन दृष्टिकोण प्रधानमंत्री की विशेषता बन गई है। ऐसी नवीनता अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे से पहले, उसके दौरान एवं दौरे के बाद भी देखने को मिली थी। दरअसल, गणतंत्र दिवस पर अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा ट्विटर की प्रभावी दुनिया (वर्चुअल वर्ल्ड) से शुरू हुई और यहीं समाप्त हुई! प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे की जानकारी दी थी एवं सोशल मीडिया पर ही उनके यहाँ से जाने की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री देश को सोशल मीडिया के माध्यम से पहले की अपनी विदेश यात्राओं और विदेशी नेताओं की भारत यात्रा के बारे में बताते रहे।

प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर व्हाइट हाउस को ट्वीट के माध्यम से अपनी बात बताई।

श्री मोदी के वापस ट्वीट करने को सभी सोशल मीडिया पर सराहा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के भारत से जाने के बाद व्हाइट हाउस को किये गए ट्वीट को ट्विटर पर जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली।

684-Meanwhile…Narendra Modi’s social media outreach continues… (1) यह सब यहीं नहीं रुका। श्री नरेन्द्र मोदी गणतंत्र दिवस से ठीक पहले साउंडक्लाउड से जुड़े। उन्होंने अपने एवं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच ‘मन की बात’ का विशेष संस्करण साउंडक्लाउड के माध्यम से साझा किया। साउंडक्लाउड पर सक्रिय होने के कुछ ही दिनों के अन्दर श्री मोदी के 1500 से अधिक प्रशंसकों ने उन्हें फॉलो किया। यह एक बहुत बड़ी संख्या है। इसे 300,000 से अधिक बार लोगों द्वारा चलाया गया!

केवल साउंड क्लाउड पर ‘मन की बात’ को हजारों लोगों ने डाउनलोड किया और लाखों लोगों ने इसे चलाया। लाखों लोगों ने विभिन्न ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से ‘मन की बात’ का विशेष संस्करण सुना। श्री मोदी ऑडियो-वीडियो ट्वीट भेजने वाले दुनिया के पहले नेता बने जब उन्होंने एनसीसी परेड के अपने भाषण का एक अंश साझा किया। एनसीसी परेड के उनके भाषण का एक अंश नेटिव वीडियो (पूरे समारोह का एक संक्षिप्त वीडियो) के रूप में फेसबुक पर साझा किया गया जो तुरंत काफी प्रसिद्ध हो गया।

ट्विटर इंडिया ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस नवीन सोच की सराहना की।

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पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री इंस्टाग्राम से भी जुड़े। यहाँ भी लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पिछले कुछ समय से वे यहाँ पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। इंस्टाग्राम पर 26 जनवरी का उनका पोस्ट एक जबर्दस्त हिट था। इस पोस्ट को 37,000 से अधिक लोगों ने पसंद किया और इस पर 800 टिप्पणियां भी आईं।

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पिछले कुछ सप्ताह में केवल दस अपडेट के बावजूद प्रधानमंत्री के फेसबुक पेज को देखने वालों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि देखी गई। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अमेरिकी राष्ट्रपति और वहां की प्रथम महिला का स्वागत करते हुए श्री मोदी की फोटो काफी चर्चित हुई एवं फेसबुक पर इसे सबसे ज्यादा पसंद एवं साझा किया गया तथा इस पर टिप्पणियां की गईं। यह फोटो लगभग 28, 400,000 लोगों द्वारा देखी गई। इस बेहतरीन पल को फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग ने भी पसंद किया। इसके अलावा, हैदराबाद हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के साथ श्री मोदी की फोटो उनके सभी प्रशंसकों के लिए एक और सुखद पल था। एक मिलियन से अधिक लोगों ने इस फोटो को पसंद किया। श्री मोदी का अलबम, ‘राष्ट्रपति ओबामा के साथ एक कप चाय’ भी एक बड़ा हिट रहा था। इस अलबम पर सबसे ज्यादा क्लिक किया गया और लगभग 15 लाख लोगों ने इसे पसंद किया और इसकी पहुँच 11,000,000 लोगों तक रही।

अन्य डिजिटल माध्यमों पर भी रिकॉर्ड संख्या देखने को मिली। श्री नरेन्द्र मोदी के यूट्यूब चैनल पर सब्सक्राइबर की कुल संख्या काफी बढ़ गई। श्री मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करने एवं राष्ट्रपति ओबामा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन वाली वीडियो को सबसे ज्यादा सराहा गया।

भारी संख्या में लोगों ने श्री नरेन्द्र मोदी की वेबसाइट -  www.narendramodi.in भी देखी। वेबसाइट पर ‘मन की बात’ के लिए विशेष पेज www.narendramodi.in/mannkibaat को 1, 70,000 से ज्यादा लोगों ने देखा।

दुनिया भर में लोगों के साथ बातचीत करने के लिए प्रधानमंत्री सोशल मीडिया एवं तकनीक के प्रयोग में पूर्ण विश्वास रखते हैं। इस तरह श्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी जबर्दस्त पहुँच बना ली है।

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आइए हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन सेंट्रिक और फ्यूचर रेडी बनाएं: भारत-ऑस्ट्रिया जॉइंट प्रेस मीट में पीएम मोदी
April 16, 2026

Your Excellency, चांसलर स्टॉकर

दोनों देशों के delegates,

मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

ग्रूस गॉट

चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।

Friends,

इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।

इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।

Friends,

चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।

हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।

साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।

Friends,

भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।

2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।

हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।

Friends,

आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।

हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।

Your Excellency,

2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।