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क्रम संख्या |
समझौता ज्ञापन/समझौता |
उद्देश्य |
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1 |
भारत और कुवैत के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन। |
यह समझौता ज्ञापन रक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को संस्थागत रूप देगा। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण, कर्मियों और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा उद्योग में सहयोग, रक्षा उपकरणों की आपूर्ति और अनुसंधान एवं विकास में सहयोग आदि शामिल हैं। |
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2. |
भारत और कुवैत के बीच अवधि2025-2029 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी)। |
सीईपी कला, संगीत, नृत्य, साहित्य और रंगमंच में ज्यादा सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सहयोग, संस्कृति के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास तथा उत्सवों के आयोजन में मदद करेगा। |
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3. |
खेल के क्षेत्र में अवधि(2025-2028)हेतु सहयोग के लिए कार्यकारी कार्यक्रम (ईपी) |
कार्यकारी कार्यक्रम भारत और कुवैत के बीच खेल के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगा, जिसमें अनुभव साझा करने के लिए स्पोर्ट्स लीडर्स की यात्राओं को बढ़ावा देना, खेल के क्षेत्र में कार्यक्रमों और परियोजनाओं में भागीदारी, खेल चिकित्सा, खेल प्रबंधन, खेल मीडिया, खेल विज्ञान आदि में विशेषज्ञता का आदान-प्रदान शामिल है। |
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4. |
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) में कुवैत की सदस्यता।
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अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सामूहिक रूप से सौर ऊर्जा के उपयोग को कवर करता है तथा सदस्य देशों को कम कार्बन विकास पथ विकसित करने में सहायता करने के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने में आने वाली प्रमुख आम चुनौतियों को संबोधित करता है। |
प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-
“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम् ।
प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”
यह सुभाषित संदेश देता है कि जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान किसी व्यक्ति के भीतर उसके स्वयं के गुणों के प्रति आत्मविश्वास को गहराई से जगाता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।
त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्।
प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”
स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2026
त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम् ।
प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।। pic.twitter.com/ccsmCUFaXo


