क्र.सं.

समझौता ज्ञापन/करार का नाम

आदान-प्रदान में शामिल भारतीय पक्ष

आदान-प्रदान में शामिल डेनिश पक्ष

1

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद- राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद; आरहूस विश्वविद्यालय, डेनमार्क और जियोलाजिकल सर्वे ऑफ डेनमार्क एंड ग्रीनलैंड के बीच भूजल संसाधनों और एक्वीफर्स के मानचित्रण से संबंधित समझौता ज्ञापन।

डॉ. वी.एम. तिवारी, निदेशक

सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान

उप्पल रोड,

हैदराबाद (तेलंगाना)

राजदूत फ्रेडी स्वेन

2

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद और डेनिश पेटेंट एवं ट्रेडमार्क कार्यालय के बीच पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी पहुंच समझौता।

डॉ. विश्वजननी जे सत्तीगेरी

प्रमुख, सीएसआईआर-पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी यूनिट

14, सत्संग विहार मार्ग, नई दिल्ली

राजदूत फ्रेडी स्वेन

 

3


संभावित अनुप्रयोगों के साथ उष्णकटिबंधीय जलवायु के लिए प्राकृतिक प्रशीतकों (रेफ्रिजरेंट) के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलुरु और डैनफॉस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन।

 

प्रो. गोविंदन रंगराजन निदेशक

भारतीय विज्ञान संस्थान

बंगलुरु

श्री रविचंद्रन पुरुषोत्तमन,

अध्यक्ष, डैनफॉस इंडिया

4

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत गणराज्य की सरकार और किंगडम ऑफ डेनमार्क की सरकार के बीच संयुक्त आशय-पत्र।

श्री राजेश अग्रवाल

सचिव,

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

राजदूत फ्रेडी स्वेन

 

 

 

 

 

उपरोक्त के अलावा, निम्नलिखित वाणिज्यिक समझौतों की भी घोषणा की गई है: -

A.

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र के विकास और उसके बाद भारत में हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र के उत्पादन तथा तैनाती से संबंधित रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और स्टिस्डल फ्यूल टेक्नोलॉजीज के बीच समझौता ज्ञापन।

B.

डेनमार्क में 'सततता संबंधी समाधानों के लिए उत्कृष्टता केंद्र' स्थापित करने के लिए इंफोसिस टेक्नोलॉजीज और आरहूस विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन।

 

C.

समाधान से संबंधित ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था के हरित बदलावों से जुड़े अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए रणनीतिक सहयोग से संबंधित ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ और ‘स्टेट ऑफ ग्रीन’ के बीच समझौता ज्ञापन।

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पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् के जरिए ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश दिया
May 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इसका अर्थ है कि धरती माता समस्त मानवता को एक परिवार मानती है। श्री मोदी ने कहा कि धरती मां के लिए यह संपूर्ण विश्व एक घर के समान है, जहां प्रत्येक संस्कृति का अपना महत्व और सम्मान है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"धरती माता पूरी मानवता को एक परिवार मानती हैं। उनके लिए यह पूरा संसार एक घर की तरह है, जहां हर संस्कृति का अपना महत्त्व और सम्मान है।

जनं बिभ्रती बहुधा विवाचसं नानाधर्माणं पृथिवी यथौकसम्।

सहस्रं धारा द्रविणस्य मे दुहां ध्रुवेव धेनुरनपस्फुरन्ती ॥"

धरती माता विभिन्न भाषाएं बोलने वाले और विभिन्न धर्मों और परंपराओं का पालन करने वाले लोगों को एक ही परिवार के सदस्य के रूप में अपनाती है। ईश्वर करे कि यह धरती मां हमारे लिए समृद्धि की हजारों धाराएं प्रवाहित करती रहे, ठीक उसी प्रकार जैसे एक शांत और स्‍नेहमयी गौ माता दूध प्रदान करती है।