प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि कैसे 1970 के दशक में लेफ्ट के वरिष्ठ नेता श्री ज्योति बसु ने भ्रष्टाचार और नोटबंदी के बारे में अपने विचार रखे थे। श्री मोदी ने कहा कि श्री बसु ने वांगचु समिति की रिपोर्ट पर बहस के लिए उसे सदन में पेश किया था। उन्होंने आगे कहा कि श्री ज्योति बसु ने 1970 के दशक में अपने संबोधन में कहा था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार और काला धन के दम पर चल रही है।
Published By : Admin |
February 8, 2017 | 18:05 IST
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प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
February 06, 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए एक प्रार्थना का संदर्भ दिया, जो राष्ट्र की स्वास्थ्य, दीर्घायु और सेवा के प्रति समर्पण की सामूहिक आकांक्षा को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत की उस भावना को दर्शाता करता है, जिसमें धरती के प्रति आदर, लोक कल्याण के प्रति समर्पण और सेवा का भाव राष्ट्रीय विकास के मूल स्तंभ बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा:
“उपस्थास्ते अनमीवा अयक्ष्मा अस्मभ्यं सन्तु पृथिवि प्रसूताः।
दीर्घं न आयुः प्रतिबुध्यमाना वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम॥”
उपस्थास्ते अनमीवा अयक्ष्मा अस्मभ्यं सन्तु पृथिवि प्रसूताः।
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2026
दीर्घं न आयुः प्रतिबुध्यमाना वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम॥ pic.twitter.com/VBPacr8tbj


