1. हम, ब्राजील संघ गणराज्‍य, रूसी संघ, भारत गणराज्य, चीन गणराज्‍य और दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के राष्‍ट्र प्रमुखों ने जी-20 शिखर सम्मेलन के इत्तर जापान के ओसाका में 28 जून 2019 को मुलाकात की। हमने जी-20 जापानी प्रेसीडेंसी को बधाई दी और हमें दिए गए आतिथ्य के लिए हमने उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

2. हम जापान द्वारा उसकी प्रेसीडेंसी तथा व्‍यापार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवप्रवर्तन, बुनियादी ढांचे, जलवायु परिवर्तन, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, उम्रदार आबादी और टिकाऊ विकास के लिए चुनी गई प्राथमिकताओं से अवगत हैं।

3. विश्व आर्थिक विकास स्थिर प्रतीत होता है और यह अनुमान है कि इस वर्ष के अंत तक और 2020 में इसमें मामूली रूप से वृद्धि होगी। तथापि, व्‍यापार, भौगोलिक तनाव, कमोडिटी मूल्य अस्थिरता, असमानता और अपर्याप्त समावेशी संवृद्धि तथा वित्तीय स्थितियों के साथ संवृद्धि को मजबूती प्रदान करना अनिश्चित सा प्रतीत होता है। वैश्विक स्‍तर पर काफी असंतुलन लगातार बने हुए हैं जिनके लिए पूरी तरह से मॉनिटरिंग और समय पर नीतिगत प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता होती है। हम अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निरंतर संवृद्धि के लिए एक अनुकूल वैश्विक आर्थिक वातावरण के महत्व पर बल देते हैं।

4. इस परिदृश्य में, हम इस बात पर संतोष व्‍यक्‍त करते हैं कि ब्रिक्स देश पिछले एक दशक में वैश्विक संवृद्धि के मुख्य चालक रहे हैं, और वर्तमान में वैश्विक उत्पादन में उनका योगदान एक तिहाई के करीब हैं। अनुमानों से संकेत मिलता है कि 2030 तक कुल वैश्विक आर्थिक विकास में आधा योगदान ब्रिक्स का होगा। संरचनात्मक सुधारों के निरंतर कार्यान्वयन से हमारी विकास संभावना में वृद्धि होगी। ब्रिक्स सदस्यों के बीच संतुलित व्यापार विस्तार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रवाह को और अधिक मजबूत करने में योगदान देगा।

5. चुनौतियों का समाधान करने और अवसरों का पूरी तरह से लाभ उठाने में मदद करने के लिए, हम अन्‍य विषयों के साथ खुले बाजार; मजबूत आर्थिक लचीलापन; वित्तीय स्थिरता; उपयुक्त रूप से डिजाइन की गई एवं सुविचारित समन्वित मैक्रो आर्थिक नीतियां; संरचनात्मक सुधार; मानव पूंजी में पर्याप्त निवेश; गरीबी के स्तरों और असमानता में कमी; निवेश और नवप्रवर्तन को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी प्रतिस्‍पर्धा; खुला, निष्पक्ष, न्यायपूर्ण और गैर-भेदभावपूर्ण कारोबारी माहौल; सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) में सहयोग; और बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और विकास की महत्ता को समझते हैं। इन क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय तथा घरेलू उपाय स्थायी एवं समावेशी आर्थिक विकास में योगदान करेंगे। हम वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में विकासशील देशों की अधिक भागीदारी का आह्वान करते हैं। हम व्यापार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के बीच इंटरफेस के महत्व को पहचानते हैं। हम विकास के लिए डेटा की भूमिका को भी समझते हैं।

6. हम पारदर्शी, गैर-भेदभावपूर्ण, खुले, मुक्त और समावेशी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए प्रतिबद्ध हैं। संरक्षणवाद और एकतरफावाद विश्व व्यापार संगठन की भावना और नियमों के विपरीत कार्य करते हैं। हम बहुपक्षवाद और अंतर्राष्ट्रीय कानून के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पुन: रेखांकित करते हैं, और हम उसके केंद्र में विश्व व्यापार संगठन के साथ नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के लिए अपने समर्थन को दोहराते हैं। हम संगठन के आवश्यक सुधार पर सभी डब्ल्यूटीओ सदस्यों के साथ रचनात्मक रूप से काम करेंगे ताकि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को बेहतर ढंग से हल किया जा सके तथा डब्‍ल्‍यूटीओ की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके। अन्य बातों के साथ, सुधारों में विश्व व्यापार संगठन की केंद्रीयता, मूल मूल्यों और बुनियादी सिद्धांतों को संरक्षित किया जाना चाहिए, और विकासशील देशों और एलडीसी सहित सभी सदस्यों के हितों पर विचार किया जाना चाहिए। यह आवश्यक है कि विश्व व्यापार संगठन वार्ता का एजेंडा संतुलित हो और उस पर खुले, पारदर्शी और समावेशी तरीके से चर्चा की जाए।

7. विश्व व्यापार संगठन विवाद निपटान तंत्र बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का एक अनिवार्य स्तंभ है और संगठन के उचित एवं प्रभावी कामकाज के लिए एक अपीलीय निकाय आवश्यक है। हम विश्व व्यापार संगठन में विवादों के लिए एक दो-चरणीय आबद्धकारी न्‍यायिक प्रणाली के कार्यकरण के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व व्यापार संगठन अपीलीय निकाय के सदस्यों की नियुक्ति में गतिरोध को हल करने की तात्कालिकता को ध्‍यान में रखते हुए, हम अपील करते हैं कि अपीलीय निकाय चयन प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।

8. हम वैश्विक वित्तीय सुरक्षा नेट के केंद्र में एक मजबूत, कोटा-आधारित और पर्याप्त रूप से संसाधनयुक्‍त अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर पुन: जोर देते हैं। हम आईएमएफ कोटा के कार्यान्वयन और 2010 में सहमत सिद्धांतों के आधार पर, शासन सुधार के लिए कार्यकारी बोर्ड के साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। हम 2019 की वार्षिक बैठकों में ही कोटा के 15th General Review of Quotas को संपन्‍न करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

9. हम अवसंरचना वित्तपोषण और सतत विकास में न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की भूमिका की सराहना करते हैं और मजबूत, संतुलित एवं उच्च-गुणवत्ता वाली परियोजनाओं के पोर्टफोलियो के निर्माण के लिए निरंतर एवं सतत प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हैं। हम सदस्य देशों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निवेश में बैकलॉग का समाधान करने के लिए एक केंद्रित प्रयास के महत्व पर जोर देते हैं। न्यू डेवलपमेंट बैंक को क्षेत्रीय कार्यालयों की स्थापना के द्वारा मजबूत किया जाएगा। हम एनएनडीबी द्वारा अपने सभी सदस्यों की घरेलू मुद्राओं में संसाधनों को जुटाने के लिए चीन में शुरुआत के साथ, दक्षिण अफ्रीका और रूस में आगामी बांड कार्यक्रम सहित उसकी प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं। हम एनडीबी प्रोजेक्‍ट प्रिपेरेशन फंड के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए तत्पर हैं और उम्मीद करते हैं कि यह परियोजनाओं को तैयार करने के लिए एक दक्ष साधन बने, जो एनडीबी के सदस्य देशों को तकनीकी सहायता प्रदान करे।

10. हम सदस्य देशों में भुगतान दबावों को कम करने के लिए ब्रिक्‍स कंटिन्‍जेंट रिजर्व अरेन्‍जमेंट (सीआरए) के निरंतर महत्व पर बल देते हैं। 2018 में सफल परीक्षण को ध्यान में रखते हुए, हम उसके और अधिक गहन परीक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि संसाधानों पर, यथा आवश्‍यकता, किसी सदस्‍य देश से अनुरोध आने पर उसे सहायता प्रदान करने में सीआरए की परिचालन तैयारी सुनिश्चित की जा सके। हम मैक्रो इकोनॉमिक इन्फॉर्मेशन (SEMI) में CRA सिस्टम ऑफ एक्सचेंज के कामकाज का स्वागत करते हैं। हम ब्रिक्स स्थानीय मुद्रा बॉन्ड फंड की स्थापना के लिए निरंतर प्रयासों का स्वागत करते हैं और इसके संचालन को शुरू करने के लिए तत्पर हैं। हम सीआरए और आईएमएफ के बीच सहयोग का समर्थन करते हैं।

11. हम ब्रिक्स देशों सहित आतंकवादी हमलों को उसके सभी रूपों एवं स्‍फुटनों की कड़ी निंदा करते हैं, चाहे घटनाओं को कहीं भी और किसी के द्वारा अंजाम दिया गया हो। हम एकजुट अंतरराष्ट्रीय कानूनी आधार पर संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए ठोस प्रयासों और व्यापक दृष्टिकोण का आग्रह करते हैं। हम दोहराते हैं कि यह सभी राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे आतंकवादी नेटवर्क के वित्तपोषण और अपने क्षेत्रों से आतंकवादी कार्रवाइयों को रोकें। हम आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के शोषण से लड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। यह स्वीकार करते हुए कि आईसीटी के उपयोग में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों की अग्रणी भूमिका है, हम टेक्‍नोलॉजी कंपनियों से, लागू कानून के अनुसार, सरकारों के साथ अपना सहयोग देने का आह्वान करते हैं ताकि आतंकवादियों द्वारा अपने सहयोगियों को प्रोत्‍साहित करने, उनकी भर्ती करने, आंतकवादी हमले में सुविधा देने या उसे अंजाम देने में डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग करने की क्षमता को समाप्त किया जा सके।

12. हम भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में एकीकरण को बढ़ावा देना जारी रखेंगे। इसलिए, हम विशेष रूप से संपत्ति की वसूली के संबंध में, भ्रष्टाचार के मामलों को और अधिक प्रभावी ढंग से हल करने के लिए, यथा उपयुक्त, अंतरराष्ट्रीय एंटीकोऑपरेशन सहयोग और कानूनी ढांचे को मजबूत करने को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे। हम भ्रष्टाचार से संलिप्‍त व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन में अपने आपसी प्रयासों को बढ़ाने की कोशिश करेंगे। हम सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को रोकने और उसका मुकाबला करने के लिए विसल ब्‍लोअर की भूमिका को तथा उन्‍हें संरक्षण दिए जाने हेतु उपायों में सुधार की आवश्‍यकता को समझते हैं।

13. हम स्वीकार करते हैं कि भ्रष्टाचार, अवैध धन और वित्तीय प्रवाह तथा विदेशी अधिकार क्षेत्रों में एकत्र संपत्ति एक वैश्विक चुनौती है, जो आर्थिक विकास और सतत विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हम अपने दृष्टिकोण को समन्वित करने और इस संबंध में एक मजबूत वैश्विक प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करने का प्रयास करेंगे। हम भ्रष्टाचार विरोधी कानून प्रवर्तन; भगोड़े, आर्थिक और भ्रष्टाचार अपराधियों के प्रत्यर्पण और चुराई गई संपत्तियों की वसूली में घरेलू कानूनी प्रणालियों के अधीन सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता को भी समझते हैं। हम फाइनेंसियल टास्‍क फोर्स (FATF), विश्व सीमा-शुल्क संगठन और अन्य प्रासंगिक बहुपक्षीय तंत्र के भीतर सहयोग सहित अवैध वित्तीय प्रवाह का मुकाबला करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

14. हम स्‍वच्‍छ, उदारवादी ऊर्जा दक्ष प्रणालियों की दिशा में परिवर्तन में सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत हैं, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के साथ विकास को जोड़ती हैं और ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा से पहुंच, स्थिरता और सामर्थ्य जैसे विषयों को सुनिश्चित करती है। हम सौर ऊर्जा, टिकाऊ बायोएनर्जी और परिवहन में प्राकृतिक गैस सहित एक न्‍यून उत्सर्जन वाले भविष्य को साकार करने हेतु ऊर्जा और तकनीकी विकासों के विभिन्न स्रोतों के महत्व को स्वीकार करते हैं। इस संबंध में, हम ब्रिक्स देशों द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हैं और टिकाऊ ऊर्जा पर संयुक्त अध्ययन में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्‍य के साथ ब्रिक्स ऊर्जा अनुसंधान सहयोग मंच को मजबूत करने के लिए तथा उन्नत ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को साझा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

15. हम यूएनएफसीसीसी के सिद्धांतों के तहत अपनाए गए पेरिस समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें भिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर कॉमन लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं के सिद्धांत शामिल हैं। हम विकसित देशों से आग्रह करते हैं कि वे मिटिगेशन और अडेप्‍टेशन में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए विकासशील देशों को वित्तीय, तकनीकी और क्षमता-निर्माण सहायता प्रदान करें। हम सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिए इस वर्ष सितंबर में आयोजित होने वाले यूएन क्लाइमेट एक्‍शन समिट के लिए तत्पर हैं।

16. सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा को ध्‍यान में रखते हुए, हम सतत विकास के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम अदीस अबाबा एक्शन एजेंडा के अनुसार शासकीय विकास सहायता प्रतिबद्धताओं और विकास संसाधनों के प्रावधान को पूरी तरह से सम्मानित करने के महत्व पर बल देते हैं। हम 2030 एजेंडा पर एक्शन प्लान, अफ्रीका और कम विकसित देशों में औद्योगीकरण सपोर्ट पर जी-20 की पहल और अफ्रीका के साथ कॉम्पैक्ट सहित जी-20 अफ्रीका भागीदारी का समर्थन करते रहेंगे ।

17. हम 2019 की प्रेसिडेंसी के विषय के रूप में, एक नवप्रवर्तन व उज्‍जवल भविष्य के लिए आर्थिक विकास की पहचान करने हेतु ब्राजील की सराहना करते हैं। यह स्वीकार करते हुए कि नवप्रवर्तन विकास के लिए एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है, हम ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की आबादी सहित डिजिटलकरण और उभरती प्रौद्योगिकियों के लाभों को अधिकतम करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम इंटरनेट-संचालित गरीबी उन्मूलन और औद्योगिक क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन पर अच्छी प्रथाओं को साझा करने के संयुक्त प्रयासों को प्रोत्साहित करते हैं। हम ब्रिक्स वैज्ञानिक, तकनीकी, नवप्रवर्तन और उद्यमिता सहयोग, नई औद्योगिक क्रांति पर ब्रिक्‍स भागीदारी (पार्ट एनआईआर), आई ब्रिक्स नेटवर्क, ब्रिक्स इंस्टीट्यूट ऑफ फ्यूचर नेटवर्क्स और यंग साइंटिस्ट्स फोरम को जारी रखने की आवश्‍यकता पर जोर देते हैं।

18. हम ब्राजील की ब्रिक्स चेयरशिप 2019 के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हैं और नवंबर में ब्रासीलिया में सफल 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तत्पर हैं।

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परिणामों की सूची: 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
July 02, 2026
Sl. No.OutcomeDescription
1. India-Japan Joint Declaration on Economic Security Promotes project-based collaboration for enhancing joint resilience in key sectors including semiconductors, critical minerals, information and communication technology including AI, clean energy and pharmaceuticals. India-Japan Fact Sheet 2.0 captures growing India-Japan G2G and B2B engagement in this crucial area.
2. India-Japan Joint Statement on Cooperation in the Field of Artificial Intelligence Elevates the India-Japan relationship to a strategic research and development partnership in the AI domain. Building on the India-Japan AI Initiative, the Joint Statement provides a roadmap for greater cooperation across the entire AI technology stack in pursuit of the shared vision of safe, secure, trusted, inclusive, and human-centric AI.
3 Joint Statement on Energy Resilience (between MoPNG and METI, Japan) Strengthens cooperation in strategic stockpiling and reserve mechanisms for crude oil and petroleum products. Promotes collaboration in joint investments across the maritime energy transport value chain.
4. Celebrating the 75th Anniversary of India-Japan Diplomatic Relations Outlines a series of commemorative events to celebrate 2027, the 75th anniversary of establishment of diplomatic relations, as the India-Japan Year of Shared Horizons
5. Memorandum of Cooperation for India-Japan Cooperative Biogas for Growth (CBG) Initiative Promotes cooperation towards the goal of establishing 1,000 biogas and organic fertilizer plants all across India, leveraging the extensive network of dairy cooperatives.
6. Memorandum of Cooperation in the Field of Batteries Promotes cooperation in battery-related projects and expands business opportunities with an aim of building a trusted, resilient and sustainable battery supply chain.
7. Memorandum of Cooperation in the Field of Pharmaceuticals and Medical Devices Sector Strengthens pharma supply chains, including in Active Pharmaceutical Ingredients (APIs) and Key Starting Materials (KSMs), through promotion of bilateral investment and business linkages, technical collaboration and industry-academia collaboration.
8. Memorandum of Cooperation in the Field of Geology and Mineral Exploration Strengthens cooperation in upstream critical minerals exploration through exchange of technical expertise.
9. Memorandum of Cooperation between IndiaAI Mission and Ministry of Economy, Trade and Industry (METI), Japan Promotes institutional cooperation between IndiaAI Mission and Japan’s GENIAC initiative – through B2B matchmaking, webinars on AI policies and challenges and support for joint projects through access to computing resources
10. Memorandum of Cooperation on Next Generation Mobility Partnership (NGMP) Establishes a framework for operationalizing the Next Generation Mobility Partnership (NGMP) which was announced at the 15th Annual Summit in August 2025. The NGMP would accelerate private sector-led cooperation and investment in mobility sectors including rail, automotive and road infrastructure, aviation, shipbuilding and ports, logistics, and urban development, positioning India as a hub for “Make in India for the World” exports to third countries.
11. Memorandum of Understanding between India’s Centre for Cellular and Molecular Platforms (C-CAMP) and RIKEN, Japan Establishes a framework for academic, translational research and start-up oriented innovation in deep-tech and life sciences, covering healthcare, agriculture and environment.
12. Memorandum of Understanding between National Center for Biological Sciences-Tata Institute of Fundamental Research and RIKEN, Japan Creates a framework for cooperation in basic biological and neuroscience research between the two leading research institutions
13. Memorandum of Understanding between IIT Bombay, BharatGen Technology Foundation and National Institute of Informatics, Japan Furthers collaboration on large language models (LLMs), with a focus on developing LLMs for enhanced scientific reasoning, through joint research exchanges
14. Memorandum of Understanding between SarvamAI and Preferred Network on LLM Development Creates a framework for cooperation across the full AI technology stack, including foundation models.
15. Memorandum of Understanding Between National Internet Exchange of India (NIXI) and Japan Network Information Center (JPNIC) Promotes cooperation in National Internet Registry operations, IPv6 adoption, internet security improvements, capacity building, student/professional exchanges and exchange of views on internet governance at regional and global forums.
16. Exchange of Letters Between International Financial Services Centres Authority (IFSCA) and Financial Services Agency, Japan (JFSA) Establishes a framework for cooperation in development, regulation and supervision of financial services as well as information exchange on financial-market trends and best practices, particularly in FinTech and RegTech.