1. हम, ब्राजील संघ गणराज्‍य, रूसी संघ, भारत गणराज्य, चीन गणराज्‍य और दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के राष्‍ट्र प्रमुखों ने जी-20 शिखर सम्मेलन के इत्तर जापान के ओसाका में 28 जून 2019 को मुलाकात की। हमने जी-20 जापानी प्रेसीडेंसी को बधाई दी और हमें दिए गए आतिथ्य के लिए हमने उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

2. हम जापान द्वारा उसकी प्रेसीडेंसी तथा व्‍यापार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवप्रवर्तन, बुनियादी ढांचे, जलवायु परिवर्तन, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, उम्रदार आबादी और टिकाऊ विकास के लिए चुनी गई प्राथमिकताओं से अवगत हैं।

3. विश्व आर्थिक विकास स्थिर प्रतीत होता है और यह अनुमान है कि इस वर्ष के अंत तक और 2020 में इसमें मामूली रूप से वृद्धि होगी। तथापि, व्‍यापार, भौगोलिक तनाव, कमोडिटी मूल्य अस्थिरता, असमानता और अपर्याप्त समावेशी संवृद्धि तथा वित्तीय स्थितियों के साथ संवृद्धि को मजबूती प्रदान करना अनिश्चित सा प्रतीत होता है। वैश्विक स्‍तर पर काफी असंतुलन लगातार बने हुए हैं जिनके लिए पूरी तरह से मॉनिटरिंग और समय पर नीतिगत प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता होती है। हम अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निरंतर संवृद्धि के लिए एक अनुकूल वैश्विक आर्थिक वातावरण के महत्व पर बल देते हैं।

4. इस परिदृश्य में, हम इस बात पर संतोष व्‍यक्‍त करते हैं कि ब्रिक्स देश पिछले एक दशक में वैश्विक संवृद्धि के मुख्य चालक रहे हैं, और वर्तमान में वैश्विक उत्पादन में उनका योगदान एक तिहाई के करीब हैं। अनुमानों से संकेत मिलता है कि 2030 तक कुल वैश्विक आर्थिक विकास में आधा योगदान ब्रिक्स का होगा। संरचनात्मक सुधारों के निरंतर कार्यान्वयन से हमारी विकास संभावना में वृद्धि होगी। ब्रिक्स सदस्यों के बीच संतुलित व्यापार विस्तार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रवाह को और अधिक मजबूत करने में योगदान देगा।

5. चुनौतियों का समाधान करने और अवसरों का पूरी तरह से लाभ उठाने में मदद करने के लिए, हम अन्‍य विषयों के साथ खुले बाजार; मजबूत आर्थिक लचीलापन; वित्तीय स्थिरता; उपयुक्त रूप से डिजाइन की गई एवं सुविचारित समन्वित मैक्रो आर्थिक नीतियां; संरचनात्मक सुधार; मानव पूंजी में पर्याप्त निवेश; गरीबी के स्तरों और असमानता में कमी; निवेश और नवप्रवर्तन को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी प्रतिस्‍पर्धा; खुला, निष्पक्ष, न्यायपूर्ण और गैर-भेदभावपूर्ण कारोबारी माहौल; सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) में सहयोग; और बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और विकास की महत्ता को समझते हैं। इन क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय तथा घरेलू उपाय स्थायी एवं समावेशी आर्थिक विकास में योगदान करेंगे। हम वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में विकासशील देशों की अधिक भागीदारी का आह्वान करते हैं। हम व्यापार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के बीच इंटरफेस के महत्व को पहचानते हैं। हम विकास के लिए डेटा की भूमिका को भी समझते हैं।

6. हम पारदर्शी, गैर-भेदभावपूर्ण, खुले, मुक्त और समावेशी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए प्रतिबद्ध हैं। संरक्षणवाद और एकतरफावाद विश्व व्यापार संगठन की भावना और नियमों के विपरीत कार्य करते हैं। हम बहुपक्षवाद और अंतर्राष्ट्रीय कानून के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पुन: रेखांकित करते हैं, और हम उसके केंद्र में विश्व व्यापार संगठन के साथ नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के लिए अपने समर्थन को दोहराते हैं। हम संगठन के आवश्यक सुधार पर सभी डब्ल्यूटीओ सदस्यों के साथ रचनात्मक रूप से काम करेंगे ताकि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को बेहतर ढंग से हल किया जा सके तथा डब्‍ल्‍यूटीओ की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके। अन्य बातों के साथ, सुधारों में विश्व व्यापार संगठन की केंद्रीयता, मूल मूल्यों और बुनियादी सिद्धांतों को संरक्षित किया जाना चाहिए, और विकासशील देशों और एलडीसी सहित सभी सदस्यों के हितों पर विचार किया जाना चाहिए। यह आवश्यक है कि विश्व व्यापार संगठन वार्ता का एजेंडा संतुलित हो और उस पर खुले, पारदर्शी और समावेशी तरीके से चर्चा की जाए।

7. विश्व व्यापार संगठन विवाद निपटान तंत्र बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का एक अनिवार्य स्तंभ है और संगठन के उचित एवं प्रभावी कामकाज के लिए एक अपीलीय निकाय आवश्यक है। हम विश्व व्यापार संगठन में विवादों के लिए एक दो-चरणीय आबद्धकारी न्‍यायिक प्रणाली के कार्यकरण के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व व्यापार संगठन अपीलीय निकाय के सदस्यों की नियुक्ति में गतिरोध को हल करने की तात्कालिकता को ध्‍यान में रखते हुए, हम अपील करते हैं कि अपीलीय निकाय चयन प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।

8. हम वैश्विक वित्तीय सुरक्षा नेट के केंद्र में एक मजबूत, कोटा-आधारित और पर्याप्त रूप से संसाधनयुक्‍त अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर पुन: जोर देते हैं। हम आईएमएफ कोटा के कार्यान्वयन और 2010 में सहमत सिद्धांतों के आधार पर, शासन सुधार के लिए कार्यकारी बोर्ड के साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। हम 2019 की वार्षिक बैठकों में ही कोटा के 15th General Review of Quotas को संपन्‍न करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

9. हम अवसंरचना वित्तपोषण और सतत विकास में न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की भूमिका की सराहना करते हैं और मजबूत, संतुलित एवं उच्च-गुणवत्ता वाली परियोजनाओं के पोर्टफोलियो के निर्माण के लिए निरंतर एवं सतत प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हैं। हम सदस्य देशों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निवेश में बैकलॉग का समाधान करने के लिए एक केंद्रित प्रयास के महत्व पर जोर देते हैं। न्यू डेवलपमेंट बैंक को क्षेत्रीय कार्यालयों की स्थापना के द्वारा मजबूत किया जाएगा। हम एनएनडीबी द्वारा अपने सभी सदस्यों की घरेलू मुद्राओं में संसाधनों को जुटाने के लिए चीन में शुरुआत के साथ, दक्षिण अफ्रीका और रूस में आगामी बांड कार्यक्रम सहित उसकी प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं। हम एनडीबी प्रोजेक्‍ट प्रिपेरेशन फंड के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए तत्पर हैं और उम्मीद करते हैं कि यह परियोजनाओं को तैयार करने के लिए एक दक्ष साधन बने, जो एनडीबी के सदस्य देशों को तकनीकी सहायता प्रदान करे।

10. हम सदस्य देशों में भुगतान दबावों को कम करने के लिए ब्रिक्‍स कंटिन्‍जेंट रिजर्व अरेन्‍जमेंट (सीआरए) के निरंतर महत्व पर बल देते हैं। 2018 में सफल परीक्षण को ध्यान में रखते हुए, हम उसके और अधिक गहन परीक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि संसाधानों पर, यथा आवश्‍यकता, किसी सदस्‍य देश से अनुरोध आने पर उसे सहायता प्रदान करने में सीआरए की परिचालन तैयारी सुनिश्चित की जा सके। हम मैक्रो इकोनॉमिक इन्फॉर्मेशन (SEMI) में CRA सिस्टम ऑफ एक्सचेंज के कामकाज का स्वागत करते हैं। हम ब्रिक्स स्थानीय मुद्रा बॉन्ड फंड की स्थापना के लिए निरंतर प्रयासों का स्वागत करते हैं और इसके संचालन को शुरू करने के लिए तत्पर हैं। हम सीआरए और आईएमएफ के बीच सहयोग का समर्थन करते हैं।

11. हम ब्रिक्स देशों सहित आतंकवादी हमलों को उसके सभी रूपों एवं स्‍फुटनों की कड़ी निंदा करते हैं, चाहे घटनाओं को कहीं भी और किसी के द्वारा अंजाम दिया गया हो। हम एकजुट अंतरराष्ट्रीय कानूनी आधार पर संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए ठोस प्रयासों और व्यापक दृष्टिकोण का आग्रह करते हैं। हम दोहराते हैं कि यह सभी राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे आतंकवादी नेटवर्क के वित्तपोषण और अपने क्षेत्रों से आतंकवादी कार्रवाइयों को रोकें। हम आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के शोषण से लड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। यह स्वीकार करते हुए कि आईसीटी के उपयोग में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों की अग्रणी भूमिका है, हम टेक्‍नोलॉजी कंपनियों से, लागू कानून के अनुसार, सरकारों के साथ अपना सहयोग देने का आह्वान करते हैं ताकि आतंकवादियों द्वारा अपने सहयोगियों को प्रोत्‍साहित करने, उनकी भर्ती करने, आंतकवादी हमले में सुविधा देने या उसे अंजाम देने में डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग करने की क्षमता को समाप्त किया जा सके।

12. हम भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में एकीकरण को बढ़ावा देना जारी रखेंगे। इसलिए, हम विशेष रूप से संपत्ति की वसूली के संबंध में, भ्रष्टाचार के मामलों को और अधिक प्रभावी ढंग से हल करने के लिए, यथा उपयुक्त, अंतरराष्ट्रीय एंटीकोऑपरेशन सहयोग और कानूनी ढांचे को मजबूत करने को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे। हम भ्रष्टाचार से संलिप्‍त व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन में अपने आपसी प्रयासों को बढ़ाने की कोशिश करेंगे। हम सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को रोकने और उसका मुकाबला करने के लिए विसल ब्‍लोअर की भूमिका को तथा उन्‍हें संरक्षण दिए जाने हेतु उपायों में सुधार की आवश्‍यकता को समझते हैं।

13. हम स्वीकार करते हैं कि भ्रष्टाचार, अवैध धन और वित्तीय प्रवाह तथा विदेशी अधिकार क्षेत्रों में एकत्र संपत्ति एक वैश्विक चुनौती है, जो आर्थिक विकास और सतत विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हम अपने दृष्टिकोण को समन्वित करने और इस संबंध में एक मजबूत वैश्विक प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करने का प्रयास करेंगे। हम भ्रष्टाचार विरोधी कानून प्रवर्तन; भगोड़े, आर्थिक और भ्रष्टाचार अपराधियों के प्रत्यर्पण और चुराई गई संपत्तियों की वसूली में घरेलू कानूनी प्रणालियों के अधीन सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता को भी समझते हैं। हम फाइनेंसियल टास्‍क फोर्स (FATF), विश्व सीमा-शुल्क संगठन और अन्य प्रासंगिक बहुपक्षीय तंत्र के भीतर सहयोग सहित अवैध वित्तीय प्रवाह का मुकाबला करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

14. हम स्‍वच्‍छ, उदारवादी ऊर्जा दक्ष प्रणालियों की दिशा में परिवर्तन में सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत हैं, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के साथ विकास को जोड़ती हैं और ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा से पहुंच, स्थिरता और सामर्थ्य जैसे विषयों को सुनिश्चित करती है। हम सौर ऊर्जा, टिकाऊ बायोएनर्जी और परिवहन में प्राकृतिक गैस सहित एक न्‍यून उत्सर्जन वाले भविष्य को साकार करने हेतु ऊर्जा और तकनीकी विकासों के विभिन्न स्रोतों के महत्व को स्वीकार करते हैं। इस संबंध में, हम ब्रिक्स देशों द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हैं और टिकाऊ ऊर्जा पर संयुक्त अध्ययन में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्‍य के साथ ब्रिक्स ऊर्जा अनुसंधान सहयोग मंच को मजबूत करने के लिए तथा उन्नत ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को साझा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

15. हम यूएनएफसीसीसी के सिद्धांतों के तहत अपनाए गए पेरिस समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें भिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर कॉमन लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं के सिद्धांत शामिल हैं। हम विकसित देशों से आग्रह करते हैं कि वे मिटिगेशन और अडेप्‍टेशन में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए विकासशील देशों को वित्तीय, तकनीकी और क्षमता-निर्माण सहायता प्रदान करें। हम सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिए इस वर्ष सितंबर में आयोजित होने वाले यूएन क्लाइमेट एक्‍शन समिट के लिए तत्पर हैं।

16. सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा को ध्‍यान में रखते हुए, हम सतत विकास के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम अदीस अबाबा एक्शन एजेंडा के अनुसार शासकीय विकास सहायता प्रतिबद्धताओं और विकास संसाधनों के प्रावधान को पूरी तरह से सम्मानित करने के महत्व पर बल देते हैं। हम 2030 एजेंडा पर एक्शन प्लान, अफ्रीका और कम विकसित देशों में औद्योगीकरण सपोर्ट पर जी-20 की पहल और अफ्रीका के साथ कॉम्पैक्ट सहित जी-20 अफ्रीका भागीदारी का समर्थन करते रहेंगे ।

17. हम 2019 की प्रेसिडेंसी के विषय के रूप में, एक नवप्रवर्तन व उज्‍जवल भविष्य के लिए आर्थिक विकास की पहचान करने हेतु ब्राजील की सराहना करते हैं। यह स्वीकार करते हुए कि नवप्रवर्तन विकास के लिए एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है, हम ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की आबादी सहित डिजिटलकरण और उभरती प्रौद्योगिकियों के लाभों को अधिकतम करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हम इंटरनेट-संचालित गरीबी उन्मूलन और औद्योगिक क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन पर अच्छी प्रथाओं को साझा करने के संयुक्त प्रयासों को प्रोत्साहित करते हैं। हम ब्रिक्स वैज्ञानिक, तकनीकी, नवप्रवर्तन और उद्यमिता सहयोग, नई औद्योगिक क्रांति पर ब्रिक्‍स भागीदारी (पार्ट एनआईआर), आई ब्रिक्स नेटवर्क, ब्रिक्स इंस्टीट्यूट ऑफ फ्यूचर नेटवर्क्स और यंग साइंटिस्ट्स फोरम को जारी रखने की आवश्‍यकता पर जोर देते हैं।

18. हम ब्राजील की ब्रिक्स चेयरशिप 2019 के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हैं और नवंबर में ब्रासीलिया में सफल 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तत्पर हैं।

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परिणामों की सूची: 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
July 02, 2026

क्रम संख्‍या

परिणाम

विवरण

1.

आर्थिक सुरक्षा पर भारत-जापान संयुक्त घोषणा

यह सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा तथा औषधि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त सुदृढ़ता बढ़ाने के लिए परियोजना-आधारित सहयोग को बढ़ावा देती है। भारत-जापान तथ्य पत्रक 2.0 इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारत-जापान के बीच सरकार-से-सरकार (जी2जी) तथा व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) सहभागिता के बढ़ते दायरे को रेखांकित करता है।

2.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त वक्तव्य

यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत-जापान संबंधों को रणनीतिक अनुसंधान एवं विकास साझेदारी के स्तर तक ले जाता है। भारत-जापान एआई पहल पर आधारित यह संयुक्त वक्तव्य सुरक्षित, संरक्षित, विश्वसनीय, समावेशी तथा मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साझा दृष्टिकोण को साकार करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी स्टैक के समूचे दायरे में अधिक सहयोग हेतु एक रोडमैप प्रदान करता है।

3

ऊर्जा क्षेत्र में मज़बूती पर संयुक्त वक्तव्य (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा जापान के एमईटीआई के बीच)

कच्चे तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों के लिए रणनीतिक भंडारण एवं आरक्षित तंत्र में सहयोग को सुदृढ़ करता है। समुद्री ऊर्जा परिवहन मूल्य श्रृंखला में संयुक्त निवेश के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देता है।

4.

भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का उत्सव

वर्ष 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ को भारत-जापान साझा क्षितिज वर्ष (इंडिया-जापान इयर ऑफ़ शेयर्ड हॉराइज़न्‍स) के रूप में मनाने के लिए आयोजित किए जाने वाले स्मारक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

5.

भारत-जापान को-ऑपरेटिव बायोगैस फॉर ग्रोथ (सीबीजी) पहल के लिए सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन

डेयरी सहकारी समितियों के व्यापक नेटवर्क का लाभ उठाते हुए पूरे भारत में 1,000 बायोगैस तथा जैविक उर्वरक संयंत्रों की स्थापना के लक्ष्य की दिशा में सहयोग को बढ़ावा देता है।

6.

बैटरियों के क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन

बैटरी संबंधी परियोजनाओं में सहयोग को बढ़ावा देता है तथा विश्वसनीय, सुदृढ़ और स्‍थायी बैटरी आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण के उद्देश्य से व्यावसायिक अवसरों का विस्तार करता है।

7.

औषधि तथा चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन

द्विपक्षीय निवेश एवं व्यावसायिक संपर्कों, तकनीकी सहयोग तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देकर सक्रिय औषधीय संघटकों (एपीआई) तथा प्रमुख प्रारंभिक सामग्रियों (केएसएम) सहित औषधि आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करता है।

8.

भूविज्ञान तथा खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन

तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से महत्वपूर्ण खनिजों के अपस्ट्रीम अन्वेषण में सहयोग को सुदृढ़ करता है।

9.

इंडियाएआई मिशन तथा जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय (एमईटीआई) के बीच सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन

व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) संपर्क स्थापित करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी नीतियों एवं चुनौतियों पर वेबिनार आयोजित करने तथा कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच के माध्यम से संयुक्त परियोजनाओं को समर्थन प्रदान करके इंडियाएआई मिशन और जापान की जेनिएक (GENIAC) पहल के बीच संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देता है।

10.

अगली पीढ़ी की गतिशीलता साझेदारी (एनजीएमपी) पर सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन

अगस्त 2025 में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में घोषित अगली पीढ़ी की गतिशीलता साझेदारी (एनजीएमपी) को क्रियान्वित करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है। एनजीएमपी रेल, मोटर वाहन एवं सड़क अवसंरचना, विमानन, जहाज निर्माण एवं बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स तथा शहरी विकास सहित गतिशीलता क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले सहयोग एवं निवेश में तेजी लाएगा, जिससे भारत को तीसरे देशों के लिए "मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड" निर्यात के एक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

11.

भारत के सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (सी-कैंप) तथा जापान के राइकेन के बीच समझौता ज्ञापन

डीप-टेक तथा जीवन विज्ञान के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा, कृषि तथा पर्यावरण को शामिल करते हुए शैक्षणिक, ट्रांस्‍लेश्‍नल रिसर्च तथा स्टार्टअप-उन्मुख नवाचार में सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।

12.

नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज़-टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च तथा जापान के राइकेन के बीच समझौता ज्ञापन

दोनों अग्रणी अनुसंधान संस्थानों के बीच मूलभूत जीवविज्ञान तथा तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान में सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करता है।

13.

आईआईटी बॉम्बे, भारतजेन टेक्नोलॉजी फाउंडेशन तथा जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेटिक्स के बीच समझौता ज्ञापन

संयुक्त अनुसंधान विनिमय के माध्यम से उन्नत वैज्ञानिक तर्क क्षमता के लिए लार्ज लैंग्‍वेज मॉडल (एलएलएम) के विकास पर विशेष ध्यान देते हुए लार्ज लैंग्‍वेज मॉडल (एलएलएम) के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाता है।

14.

सरवमएआई तथा प्रिफर्ड नेटवर्क के बीच एलएलएम विकास पर समझौता ज्ञापन

फाउंडेशन मॉडल सहित कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी स्टैक के समूचे दायरे में सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करता है।

15.

नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनआईएक्सआई) तथा जापान नेटवर्क इन्फॉर्मेशन सेंटर (जेपीएनआईसी) के बीच समझौता ज्ञापन

राष्ट्रीय इंटरनेट रजिस्ट्री संचालन, आईपीवी6 को अपनाने, इंटरनेट सुरक्षा में सुधार, क्षमता विकास, छात्र/पेशेवर आदान-प्रदान तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मंचों पर इंटरनेट शासन से संबंधित विचारों के आदान-प्रदान में सहयोग को बढ़ावा देता है।

16.

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) तथा जापान की वित्तीय सेवा एजेंसी (जेएफएसए) के बीच पत्रों का आदान-प्रदान

वित्तीय सेवाओं के विकास, विनियमन तथा पर्यवेक्षण के साथ-साथ वित्तीय बाजार के रुझानों एवं सर्वोत्तम पद्धतियों, विशेष रूप से फिनटेक (FinTech) तथा रेगटेक (RegTech) के क्षेत्र में सूचना के आदान-प्रदान संबंधी सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।