"Narendra Modi addresses Golden Jubilee celebrations of JN Medical College in Belgaum"
"Narendra Modi talks about the importance of health and education in the growth of any society"
"Narendra Modi calls for more research and use of technology in health sector"
"Jan Bhagidari crucial to success in health sector: Narendra Modi"
"Let us take up a movement to create a clean India when Mahatma Gandhi’s 150th birth anniversary will be celebrated: Narendra Modi"

2019 गांधी 150 के अवसर पर स्वच्छ हिन्दुस्तान का अभियान चलाएं

2022 आजादी अमृतपर्व पर स्वस्थ हिन्दुस्तान का संकल्प साकार करें

हॉस्पिटल के प्रत्येक बेड पर उपचार लेने वाला रोगी हेल्थ इंश्योरेंस का हकदार बने: श्री मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कर्नाटक में कर्नाटक लिंगायत एज्युकेशन सोसायटी संचालित जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के स्वर्णिम जयंती महोत्सव का शुभारम्भ करते हुए कहा कि गांधी 150 (महात्मा गांधी की 150 वीं जन्म जयंती) को केन्द्र में रखकर स्वच्छ हिन्दुस्तान का अभियान चलाने और 2022 में आजादी के अमृतपर्व को निमित्त बनाकर स्वस्थ हेल्दी इंडिया का संकल्प पूरा करने का प्रेरक आह्वान किया।

कर्नाटक लिंगायत एज्युकेशन सोसायटी के 100 वर्ष की मानव सेवा और समाज सेवा की प्रवृत्तियों की सराहना करते हुए श्री मोदी ने कहा कि मेडिकल सेक्टर में देश की वर्तमान परिस्थिति चिंताजनक है। रोग और रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टर्स और पेरा मेडिकल स्टाफ की भारी कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता है। मेडिकल इक्वीपमेंट का भारी पैमाने पर आयात अर्थव्यवस्था पर बोझ है। हमें लाखों की तादाद में स्वास्थ्य क्षेत्रों में चिकित्सकों और पेरा मेडिकल स्टाफ के मानव संसाधन विकास तथा मेडिकल रिसर्च के मामले में बड़ी छलांग लगाने की जरूरत है।

Narendra Modi addresses Golden Jubilee celebrations of JN Medical College in Belgaum

मुख्यमंत्री ने प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के बारे में देश में हवा, पानी, आहार की शुद्धता और सोश्यल हाईजीन के लोकशिक्षण पर बल देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का महंगा उपचार गरीबों के लिए कर्ज का बोझ बन जाता है। उन्होंने नवीन सुझाव देते हुए कहा कि हेल्थ इंश्योरेंस के लिए प्रत्येक बेड पर उपचार लेने वाला रोगी हेल्थ इंश्योरेंस का हकदार बनना चाहिए। इसके साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस के साथ ही हेल्थ एश्योरेंस ज्यादा महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने माता और बाल मृत्यु दर में कमी के लिए गुजरात में चिकित्सकों की जनभागीदारी प्रेरित चिरंजीवी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए समाजशक्ति को इसमें शामिल करना होगा।

भारत विश्व में ज्ञान की शक्ति का प्रभाव केन्द्र बन सके इतना सामर्थ्यवान है। सदियों से भारत के ज्ञानी मनीषियों ने ज्ञान सम्पदा की महान विरासत हमें दी है और 21 वीं सदी में भारत वैश्विक दृष्टिकोण से नयी शक्ति के रूप में उभर सकता है।श्री मोदी ने मेडिकल युनिवर्सिटी की नवीनतम टेक्नॉलॉजीयुक्त लेबोरेटरी का शुभारम्भ किया। कर्नाटक लिंगायत एज्युकेशन सोसायटी के ट्रस्टी मंडल और प्रमुख ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर हजारों की तादाद में मेहमान और विद्यार्थी उपस्थित थे।

इससे पूर्व बेलगाम विमानतल पर गुजराती समाज सहित कई समाजों के लोगों अग्रणियों ने श्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

Narendra Modi addresses Golden Jubilee celebrations of JN Medical College in Belgaum

Narendra Modi addresses Golden Jubilee celebrations of JN Medical College in Belgaum

Jan Bhagaidari can play a key role in creating better health services: Narendra Modi in Belgaum

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आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।