प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार सितंबर 2023 में उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया था
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने सऊदी अरब के 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश को सक्रिय समर्थन प्रदान करने के बारे में भारत सरकार की दृढ़ इच्‍छा को दोहराया
पेट्रोलियम, नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार और नवाचार जैसे क्षेत्रों सहित सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में निवेश के विभिन्‍न अवसरों के बारे में रचनात्मक विचार-विमर्श हुआ

निवेश के बारे में भारत और सऊदी अरब उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की पहली बैठक आज वर्चुअली आयोजित की गई। इसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा और सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने वुर्चअल मोड में की।

दोनों पक्षों ने टास्क फोर्स की तकनीकी टीमों के बीच हुई चर्चाओं की समीक्षा की।

रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल संयंत्र, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली, दूरसंचार, नवाचार सहित विभिन्‍न सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश के विभिन्न अवसरों के बारे में रचनात्मक विचार-विमर्श हुआ।

दोनों पक्षों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए गए उपायों की विस्तृत समीक्षा की।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री श्री मोदी की यात्रा के दौरान किए गए 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के सऊदी निवेश को सक्रिय समर्थन प्रदान करने के बारे में भारत सरकार की दृढ़ इच्‍छा को दोहराया।

दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने और निर्दिष्‍ट निवेशों पर सहमति बनाने के लिए दोनों पक्षों की तकनीकी टीमों के बीच नियमित परामर्श किए जाने पर सहमति व्‍यक्‍त की। पेट्रोलियम सचिव के नेतृत्व में एक उच्‍चाधिकार प्राप्त प्रतिनिधिमंडल तेल और गैस क्षेत्र में पारस्परिक रूप से लाभकारी निवेश पर अनुवर्ती चर्चा के लिए सऊदी अरब का दौरा करेगा। सऊदी पक्ष को भारत में सॉवरेन वेल्थ फंड पीआईएफ का कार्यालय स्थापित करने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।

प्रधान सचिव ने उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की अगले दौर की बैठक के लिए सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री को भारत आने के लिए आमंत्रित किया।

उच्च स्तरीय टास्क फोर्स, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की सितंबर 2023 में हुई भारत की राजकीय यात्रा के दौरान लिए गए निर्णय के बाद द्विपक्षीय निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए गठित एक विशेष निकाय है। इसमें नीति आयोग के सीईओ, भारत के आर्थिक मामले, वाणिज्य, विदेश मंत्रालय, डीपीआईआईटी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बिजली सचिव सहित दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

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प्रधानमंत्री ने शहादत दिवस पर चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित की: जीवन शिक्षाओं को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
February 27, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजाद ने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया और इसी कारण उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

अमर क्रांतिकारी की विरासत को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन यह दर्शाता है कि अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा:

“भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।”

“अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन बताता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते।

शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम् ।।”

“तीनों लोकों में शौर्य से श्रेष्ठ कोई तत्व नहीं है। शौर्य ही वह आधारभूत शक्ति है जो चराचर जगत का पोषण और रक्षण करती है तथा समस्त लोक मर्यादा, समृद्धि व कर्तव्य का आधार बनती है।”