- भारत के माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम श्री नरेंद्र मोदी ने रवांडा गणराज्य के राष्ट्रपति,महामहिम पॉल कागामे के निमंत्रण पर 23-24 जुलाई 2018 को रवांडा गणराज्य की राजकीय यात्रा की । उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था जिसमे भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी थे । इस यात्रा में भारत का एक बड़ा व्यापार शिष्टमंडल भी था। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा रवांडा की पहली यात्रा थी।
- राष्ट्रपति पॉल कागामे ने 2017 में भारत की राजकीय यात्रा की और क्रमशः वाइब्रेंट गुजरात और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के संस्थापन सम्मेलन में भाग लिया । भारत के उपराष्ट्रपति ने2017 में रवांडा का दौरा किया।
- प्रधानमंत्री मोदी का उनके आगमन पर औपचारिक स्वागत किया गया था। यात्रा के दौरान,उन्होंने महामहिम के साथ राष्ट्रपति पॉल कागामे के साथ स्टेट हाउस, किगाली में सोमवार, 23जुलाई, 2018 को द्विपक्षीय चर्चाएं की। राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के सम्मान में एक भोज का आयोजन किया गया ।
- प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शिष्टमंडल स्तरीय वार्ता , भारतीय समुदाय के साथ बातचीत और फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स (एफआईसीसीआई) और रवांडा डेवलपमेंट बोर्ड (आरडीबी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक व्यापार कार्यक्रम को संबोधित करना शामिल था। प्रधानमंत्री ने गिसोज़ी नरसंहार मेमोरियल का भी दौरा किया और तुत्सी के विरुद्ध 1994के नरसंहार के पीड़ितों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने 24 जुलाई को किगाली के बाहर रवारू मॉडल गांव में 'गिरिंका कार्यक्रम' , एक परिवार एक गायं की एक सामाजिक संरक्षण योजना में भाग लिया और इस योजना में भारत के योगदान के रूप में गायों का उपहार दिया। इस उपहार की अत्यंत सराहना की गई ।
- वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के पूरे तालमेल की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी के समग्र संदर्भ में रवांडा और भारत के बीच उत्कृष्ट संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि वर्ष 2018 में अफ्रीका में खोले जाने वाले 18 निवासी भारतीय मिशनों में से रवांडा प्रथम था, जो भारत द्वारा रवांडा के साथ अपने संबंधों के महत्व को रेखांकित करता है । राष्ट्रपति पॉल कागामे ने इस विकास का स्वागत किया। 2018 में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के संस्थापक सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति कागामे की हालिया भारत यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रवांडा द्वारा आईएसए संधि की त्वरित हस्ताक्षर और अनुमोदन की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रपति कगामे के नेतृत्व में रवांडा के उल्लेखनीय विकास और परिवर्तन की भी प्रशंसा व्यक्त की।प्रधानमंत्री मोदी ने 44 देशों द्वारा हस्ताक्षरित अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र समझौते को अंतिम रूप देने में अफ्रीकी संघ अध्यक्ष के रूप में उनके द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए राष्ट्रपति कागामे का धन्यवाद किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में महाद्वीप के आर्थिक एकीकरण को आगे बढ़ने का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने अफ्रीकी संघ के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने की मंशा व्यक्त की ।
- राष्ट्रपति कागामे ने रवांडा के साथ और वास्तव में, अन्य अफ्रीकी देशों के साथ पुष्ट विकास सहयोग के लिए भारत का धन्यवाद किया। वास्तव में रवांडा और अन्य अफ़्रीकी देश एक्जिम बैंक के माध्यम से भारतीय लाइन ऑफ क्रेडिट के अंतर्गत कार्यान्वित लगभग 400 मिलियन डॉलर की परियोजनाओं (जलविद्युत, कृषि, कौशल विकास, बुनियादी ढांचा), अनेक अनुदान परियोजनाओं (वीटीसी, सौर विद्युतीकरण) और प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों (आईटीईसी,आईसीसीआर, आईएएफएस) से लाभान्वितहुए हैं । उन्होंने रवांडा में डिजिटल समावेशन के लिए भारत की कुछ पहलों को दोहराने की मंशा व्यक्त की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना की अगुआई में भारत के नेतृत्व की सराहना की।
- प्रधानमंत्री ने ई-पुस्तकालय के प्रावधान सहित डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक टास्क फोर्स की स्थापना की घोषणा की। राष्ट्रपति कागामे ने रवांडा के शिक्षा क्षेत्र में होने वाले फायदों के लिए इसकी सराहना की।
- प्रधानमंत्री ने दीर्घकालिक व्यापार वीज़ा और भारतीयों के लिए वर्क परमिट का सुझाव दिया और राष्ट्रपति कागामे ने आश्वासन दिया कि वे भारतीय निवेशकों के लिए रवांडा की सुगम यात्रा हेतु इस मामले पर विचार करेंगे।
- वार्ता के बाद, दोनों नेताओं ने :
1. द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई;
2. लोगों के आदान-प्रदान के लिए अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने पर सहमति हुई ;
3. अफ्रीका में यूएनपीकेएफ के दो बड़े योगदानकर्ताओं के रूप में संयुक्त राष्ट्र शांति कार्य के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति हुई,
4. ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विचार करने के लिए सहमत हुए,
5. स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए सहमत हुए ;तथा
6. पर्यटन को बढ़ावा देने में अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने का निर्णय लिया
- दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की और पुरजोर कहा कि आतंकवाद के किसी भी कृत्य के लिए कोई औचित्य नहीं हो सकता है, भले ही प्रेरणा स्वरूप हो या कहीं भी और किसी ने भी किया हो। इस संदर्भ में, दोनों नेताओं ने सीमावर्ती आतंकवाद के खतरे पर अपनी साझा चिंताओं को रेखांकित किया और आतंकवाद को रोकने और लड़ने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के महत्व पर बल दिया।
- नेताओं ने जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा, संपोषणीय विकास को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय संस्थानों में अपना अधिक सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- यात्रा के दौरान निम्नलिखित समझौता ज्ञापनों / करारों पर हस्ताक्षर किए गए :
0. रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन ।
1. द्विपक्षीय व्यापार करार ।
2. आईसीएआर (राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान), भारत और रवांडा कृषि और पशु संसाधन विकास बोर्ड, किगाली के बीच डेयरी सहयोग पर समझौता ज्ञापन ।
3. केंद्रीय चमड़ा अनुसंधान संस्थान (सीएलआरआई), भारत और राष्ट्रीय औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास एजेंसी (एनआईआरडीए), रवांडा के बीच समझौता ज्ञापन।
4. सांस्कृतिक विनिमय पर समझौता ज्ञापन ।
5. कृषि और पशु संसाधनों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन में संशोधन
6. औद्योगिक पार्कों के विकास और किगाली एसईजेड के विस्तार के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के एलओसी करार ।
7. कृषि परियोजना स्कीमों के घटकों के वित्तपोषण के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के एलओसी करार ।
13. यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने निम्नलिखित घोषणाएं की:
0. रुवांडा सरकार के गिरिंका कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए रवांडा को 200,000 अमरीकी डॉलर का उपहार देना।
1. राष्ट्रीय शिक्षा अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) की 100,000 किताबें और डिजिटलकरण और शिक्षा पुस्तकों और संबंधित शिक्षण सामग्री की ऑनलाइन अभिगम्यता हेतु समर्थन प्रदान करना ।
2. किगाली में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना जो रवांडा के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में अपने कौशल संवर्धन हेतु प्रशिक्षण प्रदान करेगा ।
3. डेयरी उत्पादन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए लघु अवधि के लिए पूर्णतः वित्त पोषित 25 स्लॉट।
4. किगाली में गिसोज़ी नरसंहार मेमोरियल और लड़कियों की शिक्षा के लिए रवांडा की प्रथम महिला द्वारा संचालित इम्बुटो फाउंडेशन को प्रत्येक को 10,000 अमेरिकी डॉलर का योगदान ।
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति श्री पॉल कागामे को रवांडा में उनके निवास के दौरान उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को प्रदत्त आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और राष्ट्रपति कागामे को भारत आने के लिए आमंत्रित किया।
Published By : Admin |
July 24, 2018 | 23:45 IST
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Prime Minister reflects on Navratri’s journey of unwavering faith
March 21, 2026
Prime Minister Shri Narendra Modi shared his reflections today on the spiritual significance of the holy festival of Navratri, highlighting the transformative power of faith in the Mother Goddess.Shri Modi shared a devotional hymn dedicated to the Goddess on this occasion.
The Prime Minister wrote on X:
"जगतजननी माता पर अटूट विश्वास उनके भक्तों में नई चेतना और स्फूर्ति का संचार करने वाला है।"
जगतजननी माता पर अटूट विश्वास उनके भक्तों में नई चेतना और स्फूर्ति का संचार करने वाला है।https://t.co/kSHuvxatz9
— Narendra Modi (@narendramodi) March 21, 2026


