1. महामहिम प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोरिया राज्‍य के राष्‍ट्रपति महामहिम एममे पार्क गियुन हाई के आमंत्रण पर 18-19 मई, 2015 को कोरिया राज्‍य की राजकीय यात्रा की इस भाग के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के राष्‍ट्रपति पार्क के साथ शिखर बैठक की।
  2. प्रधानमंत्री मोदी और राष्‍ट्रपति पार्क ने परस्‍पर हित के क्षेत्रों में सार्थक बातचीत की।  दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में तेजी से विस्‍तार और विविधता का स्‍वागत किया। दोनों पक्षों ने यह माना कि राष्‍ट्रपति पार्क की जनवरी,2014 में भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों के विकास में व्‍यापक गति मिली। दोनों नेताओं ने ''विशेष रणनीतिक साझेदारी'' के स्‍तर पर द्विपक्षीय संबंध को ले जाने पर सहमति व्‍यक्‍त की।
  3. दोनों देशों की जनता के बीच एतिहासिक एवं सांस्‍कृतिक संबंधों को याद करते हुए दोनों पक्षों ने माना कि लोकतंत्र के मूल्‍य, मुक्‍त समाज तथा उदार अंतर्राष्‍ट्रीय आर्थिक व्‍यवस्‍था से कोरिया गणराज्‍य –भारत विशेष रणनीतिक साझेदारी के आधार को और मजबूती मिली है। दोनों नेताओं ने विदेशी मामलें, रक्षा और व्‍यापार और  निवेश, विज्ञान एवं टेक्‍नोलॉजी, संस्‍कृति तथा दोनों देशों की जनता के बीच आदान-प्रदान सहित अनेक विषयों में साझेदारी की गति को तेज करने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की।

राजनीति तथा सुरक्षा संबंध

  1. भारत ''एक्‍ट ईस्‍ट'' रणनीति में कोरिया गणराज्‍य को अभिन्‍न सहयोगी मानता है। कोरिया गणराज्‍य और भारत द्विपक्षीय साझेदारी के महत्‍व तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा सुरक्षा में योगदान को मानते हैं। राष्‍ट्रपति पार्क ने कोरिया गणराज्‍य के उत्‍तर-पूर्व एशिया शांति तथा सहयोग प्रयास (एनएपीसीआई) के बारे में प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग और सुरक्षा बढ़ाने की कोरिया गणराज्‍य की इच्‍छा का स्‍वागत किया। दोनों नेता साझा लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए एनएपीसीआई तथा एक्‍ट ईस्‍ट नीति के बीच का पूरक मार्ग तलाशने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
  2. दोनों पक्ष द्विपक्षीय उच्‍च स्‍तरीय आदान-प्रदान में तेजी लाने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों की राय में द्विपक्षीय रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग में विकास की अपार क्षमता है।
  3. मई, 2015 में कोरिया की राष्‍ट्रीय असेम्‍बली की स्‍पीकर की भारत यात्रा का स्‍वागत करते हुए दोनों पक्षों ने भारत-कोरिया संसदीय शिष्‍टमंडलों के आदान-प्रदान में वृद्धि की आशा व्‍यक्‍त की। दोनों पक्ष सहमत हैं कि भारत-कोरिया संसदीय शिष्‍टमंडलों के एक-दूसरे के यहां जाने से दोनों संसदों के बीच संवाद और साझेदारी बढ़ेगी।
  4. विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने निम्‍नलिखित बातों पर सहमति व्‍यक्‍त की :-

क.   एक-दूसरे देश में वार्षिक शिखर बैठक आयोजित करना या बहुपक्षीय आयोजनों के बीच शिखर बैठक का आयोजन।

ख.   दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के नेतृत्‍व में वार्षिक रूप से संयुक्‍त आयोगों की बैठक।

ग.    अपने-अपने क्षेत्रों में लोकतांत्रित संस्‍थानों को मजबूत बनाने के लिए संसदीय शिष्‍टमंडलों के आदान-प्रदान को सुगम बनाना।

घ.    एक-दूसरे देशों में सैन्‍य अधिकारियों को भेजकर नेशनल डिफेंस कॉलेज ऑफ इंडिया तथा नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी ऑफ कोरिया सहित भारत तथा कोरिया की रक्षा शिक्षा में साझेदारी को मजबूत बनाना।

ङ.     सुरक्षा, रक्षा तथा साईबर संबंधी विषयों पर दोनों देशों की सुरक्षा परिषदों के बीच नियमित विचार विमर्श को और सुदृढ़ बनाना।

च.    ''2+2'' रूप में रक्षा तथा विदेशी मामलों पर संयुक्‍त उपमंत्री स्‍तरीय बातचीत।

छ.   रक्षा आवश्‍यकताओं के लिए एक दूसरे देश के पोतों के बीच बेहतर सहयोग।

ज.   दोनों देशों की जल सेना के बीच अधिकारी स्‍तरीय बातचीत तथा दोनों देशों की सशस्‍त्र सेनाओं के अधिकारियों की नियमित यात्राओं से रक्षा सहयोग को और प्रगाढ़ बनाना।

झ.   पारदेशीय साईबर खतरों से निपटने में तैयारी के लिए साईबर सुरक्षा सहयोग के उपाय तलाशना।

ञ.    संयुक्‍त राष्‍ट्र शांति अभियान के क्षेत्र में उचित सहयोग तथा

ट.     कोरिया गणराज्‍य के विदेशी मामलों तथा राष्‍ट्रीय सुरक्षा संस्‍थान और इंडिया काउंसिल ऑफ वर्ल्‍ड अफेयर्स (आईसीडब्‍ल्‍यूए) के बीच वार्षिक रूप से ट्रैक 1.5 वार्ता आयोजित करना।

व्‍यापार और निवेश

  1. राष्‍ट्रपति पार्क ने भारत के ''मेक इन इंडिया'' पहल का स्‍वागत किया, क्‍योंकि इससे द्विपक्षीय संबंधों को ठोस बनाने के नये रास्‍ते मिलते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ''मेक इन इंडिया'' में विशेष साझेदार बनने के लिए कोरिया गणराज्‍य को आमंत्रित किया। इस पर राष्‍ट्रपति पार्क ने सहमति व्‍यक्‍त की। दोनों नेताओं ने स्‍वीकार किया कि आगे विकास के लिए दोनों देशों के बीच व्‍यापार और निवेश की अपार संभावनायें हैं। दोनों नेताओं ने अपने अधिकारियों को कोरिया गणराज्‍य तथा भारत गणराज्‍य के बीच व्‍यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) से लाभ उठाने तथा सीईपीए के अंतर्गत संयुक्‍त समिति जैसी विचार-विमर्श व्‍यवस्‍था का पूरा उपयोग करने के लिए व्‍यापक विचार-विमर्श करने को कहा।
  2. द्विपक्षीय साझेदारी में व्‍यापार और निवेश के महत्‍व को स्‍वीकार करते हुए दोनों नेताओं ने भारत तथा कोरिया के व्‍यावसायिक समुदाय से पारस्‍परिक समृद्धि के लिए दोनों देशों की अर्थव्‍यवस्‍थाओं के बीच अधिक तालमेल का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने निम्‍नलिखित समझौतों का स्‍वागत किया :-

क.   दोहरे कराधान से बचने संबंधी समझौते पर हस्‍ताक्षर।

ख.   कोरिया के वित्‍त मंत्रालय तथा कोरियाई निर्यात आयात बैंक ने अवसंरचना क्षेत्र में परस्‍पर सहयोग के लिए 10 बिलियन डॉलर की सहायता की पेशकश की। इसमें आर्थिक विकास सहयोग निधि (1 बिलियन डॉलर) तथा स्‍मार्ट सिटी, रेलवे, बिजली उत्‍पादन और सम्‍प्रेषण तथा अन्‍य क्षेत्रों सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्यात ऋण (9 बिलियन डॉलर) शामिल है। दोनों देशों की सरकारें तथा दोनों देशों के एक्सिम बैंक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए वित्‍तीय सहयोग की रूपरेखा तैयार करने के लिए विचार-विमर्श करेंगे।

ग.    सहमत रूपरेखा के माध्‍यम से मात्रा और गुण की दृष्टि से व्‍यापार बढ़ाने का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए जून, 2016 तक भारत-कोरिया सीईपीए में संशोधन पर बातचीत प्रारम्‍भ करना।

घ.    आवासीय माहौल की गुणवत्ता सुधारने तथा सतत आर्थिक विकास पर स्मार्ट शहरों के प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए स्मार्ट सिटी बनाने के लिए स्मार्ट ग्रिड सहित उन्नत टेक्नोलॉजी सम्पन्न शहरों में परस्पर सहयोग की संभावना तलाशना।

ङ.     दोनों देशों के इस्पात उद्योग को पारस्परिक लाभ की परियोजनाएं विकसित करने में प्रोत्साहन देकर इस्पात क्षेत्र में सहयोग।

च.    एलएनजी वाहकों जैसे भारतीय जहाज निर्माण सहित पोत बनाने के क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों देशों में दिलचस्पी। भारत सरकार ने भारतीय पोत निर्माण उद्योग को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कोरिया के साथ साझेदारी पर विचार-विमर्श की आशा व्यक्त की। दोनों देशों की सरकारों ने इस क्षेत्र में निजी सहयोग को समर्थन देने का निर्णय लिया। पोत निर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए सरकारी तथा निजी क्षेत्र को मिलाकर एक संयुक्त कार्य समूह बनाया जाएगा।  

छ.   समुद्री परिवहन, शिपिंग और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में संयुक्त व्यावसायिक परियोजनाओं की संभावना तथा दोनों देशों की नाविकों के रोजगार संवर्द्धन के लिए सहयोग।

ज.   ताजा फलों तथा बागवानी उत्पादों के पारस्परिक निर्यात के लिए आवश्यक प्रक्रिया में तेजी पर सहयोग।

झ.   राजस्थान में कोरियाई औद्योगिक पार्क बनाने का कार्य प्रगति पर। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि औद्योगिक पार्क से कोरिया के छोटे तथा मझौले उद्यमियों को 'मेक इन इंडिया' पहल से लाभ उठाने में मदद मिलेगी। दोनो देशों ने व्यापार, निवेश तथा औद्योगिक सहयोग के लिए कोटरा सहित दोनों देशों की व्यापार एजेंसियों के और कार्यालय स्थापित करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।

ञ.    19 मई, 2015 को सोल में कोरिया-भारत सीईओ फोरम की पहली बैठक होगी। सीईओ फोरम दोनों देशों की कंपनियों के बीच आदान-प्रदान और संवाद में तेजी लाने, परस्पर निवेश बढ़ाने और भविष्य में द्विपक्षीय व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  1. दोनों देशों की साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में भारत और कोरिया के लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संपर्क के महत्व को दोहराते हुए दोनों नेताओं ने हवाई संपर्क बढ़ाने तथा अधिक शहरों में विमान सेवा के लिए द्विपक्षीय वायु सेवा समझौते में संशोधन के लिए नागर विमानन सहयोग सम्मेलन सहित अन्य जारी प्रयासों का स्वागत किया और प्रोत्साहन दिया।

टेक्नोलॉजी ऊर्जा तथा पर्यावरण

  1. राष्ट्रपति पार्क ने भारत परिवर्तन के प्रयास के रूप में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की प्रसंशा की। 1970 के दशक में कोरिया के सफल ग्रामीण विकास कार्यक्रम साइमॉल उनदोंग (एसएमयू) के स्वच्छ भारत अभियान में योगदान को मानते हुए दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दोनों पक्ष एक-दूसरे देशों के विकास अनुभवों को मिलाकर सहयोग बढ़ाएंगे।
  2. आर्थिक विकास, पर्यावरण एवं स्वच्छ ऊर्जा संरक्षण के बीच अभिन्न संपर्क को स्वीकार करते हुए भारत और कोरिया अपने मंत्रालयों तथा एजेंसियों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमत हुए।
  3. कोरिया की हरित अर्थव्यवस्था प्रयास की सराहना करते हुए भारत ने शहरी जल तथा वायु गुणवत्ता में सुधार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए नवाचारी नीतियों तथा तकनीक लागू करने में पारस्परिक लाभ साझेदारी के लिए कोरिया के साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की।
  4. दोनों नेताओं ने विज्ञान और टेक्नोलॉजी में जारी सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा, मेटेरियल साइंस, रोबटिक एवं इंजीनियरिंग विज्ञान तथा स्वास्थ्य विज्ञान जैसे फोकस वाले क्षेत्रों में लागू की जा रही है। दोनों नेताओं ने स्वच्छ टेक्नोलॉजी रोबोटेक्स तथा ऑटोमेशन और इलेक्टॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में आकादमी-उद्योग संपर्क कार्यक्रमों को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
  5. दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। दोनों पक्षों ने चन्द्रमा की खोज, सेटेलाइट नैविगेशन और अंतरिक्ष विज्ञान तथा निम्मलिखित एप्लिकेशन को जारी रखने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र (इसरो) तथा कोरिया एरोस्पेस अनुसंधान संस्थान (केएआरआई) के बीच समझौते का स्वागत कियाः

क.    गहन अंतरिक्ष कॉर्स ट्रैकिंग तथा कोरिया तथा भारत के गहन अंतरिक्ष मिशनों के लिए संचार समर्थन।

ख.   चन्द्रमा की सतह का डाटा तथा चन्द्रायन-1 द्वारा एकत्रित रैडिएशन डाटा साझा करना।

ग.    गगन-कास (केएएसएस) इंटरोपैराबिलिटी तथा गगन (जीपीएस सहायता युक्त जियोऑगोमेंटेड नैविगेशन प्रणाली) तथा केएएसएस (कोरिया ऑगोमेंटेशन सेटेलाइट सिस्टम) में अनुभवों को साझा करना।

घ.    अंतरिक्ष विज्ञान तथा एप्लिकेशन, सेटेलाइट लांच तथा अन्य सहमत क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग।

ङ.     उपरोक्त क्षेत्रों में सहयोग के तरीकों को मजबूत बनाने के लिए इसरो तथा केएआरआई के बीच नियमित कार्य स्तरीय संवाद करना।

संस्कृति, शिक्षा और जनसंपर्क आदान-प्रदान

  1. भारत तथा कोरिया के लोगों के बीच पुराने ऐतिहासिक संपर्क को देखते हुए राष्ट्रपति पार्क ने 2015 शरद ऋतु में कोरिया में भारत उत्सव के लिए प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय का स्वागत किया। भारत ने भी 2016 में भारत में कोरिया उत्सव के आयोजन के अवसर का स्वागत किया। इस संदर्भ में दोनों नेताओं ने अयोध्या से कोरियाई लोगों के संपर्कों को बढ़ाकर और अयोध्या में रानी सूरी रत्न/हूर ह्वांग-पोक की स्मारक को उन्नत बनाकर ऐतिहासिक संपर्कों को मजबूत बनाने के लिए किये जा रहे प्रयासों का भी स्वागत किया। राष्ट्रपति पार्क ने पवित्र बोधि वृक्ष का पौध उपहार देने के लिए कोरिया के लोगों की ओर से आभार व्यक्त किया।
  2. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के युवाओं के बीच समझदारी और सहयोग बढ़ाने के लिए युवा शिष्टमंडलों में तेजी लाने का आह्वान किया। भारतीय पक्ष ने तकनीक संस्थानों तथा भाषा शिक्षण संस्थानों सहित दोनों देशों के शैक्षिक संस्थानों में सहयोग बढ़ाने की दिलचस्पी व्यक्त की।
  3. दोनों देशों के लोगों के बीच आदान-प्रदान मजबूत बनाने के लिए दोनों नेता ट्विन सिटी तथा ट्विन प्रांत/राज्य बनाने में प्रोत्साहन देने पर सहमति व्यक्त की।
  4. कोरिया ने भारत को कोरिया के राष्ट्रीय संग्रहालय की 10वीं वर्षगाठ पर आयोजित 'मास्टरपीसेज ऑफ अर्ली बुद्धिस्ट स्कल्प्चर, 100 बीसीई-700 सीई' शीर्षक से आयोजित प्रदर्शनी में भाग लेने का आमंत्रण दिया। भारत ने आमंत्रण का स्वागत किया और प्रदर्शनी के लिए सक्रिय सहयोग पर सहमति दी। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच पारस्परिक समझदारी बढ़ेगी और सांस्कृतिक संबंध व्यापक होंगे। इसके अतिरिक्त दोनों नेता दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासतों के क्षेत्र में संरक्षण, पुनःस्थापन तथा संयुक्त अनुसंधान पर सहयोग की संभावना तलाशने पर सहमति हुए।
  5. भारत ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली के सहयोग से भारत-कोरिया संबंधों में नये अध्याय के रूप में साझी विरासत तथा अयोध्या की राज कुमारियों के गौरव को इतिहासबद्ध करने के बारे में आयोजित दो दिन की गोष्ठी में कोरिया को भाग लेने का आमंत्रण दिया। कोरिया ने आमंत्रण का स्वागत किया।

क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय सहयोग

  1. दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति और स्थिरता के महत्व को रेखांकित किया। इस संबंध में दोनों नेताओं ने डीपीआरके द्वारा विकसित किये जा रहे परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन मानते हुए इस पर चिंता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने डीपीआरके से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव सहित अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पूरी तरह से पालन करने और 2005 के 6 दलीय वार्ता के अंतर्गत प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरियाई प्रायद्वीप में विश्वास का माहौल बनाने तथा कोरियाई प्रायद्वीप का शांतिपूर्ण पुनर्एकीकरण का आधार तैयार करने के प्रयासों के लिए राष्ट्रपति पार्क को समर्थन व्यक्त किया।
  2. विश्व शांति तथा स्थिरता के लिए अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को खतरा मानते हुए दोनों नेताओं ने सभी प्रकार और रूपों में आतंकवाद की समाप्ति के लिए प्रतिबद्धता दोहराई और इस चुनौती से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से घनिष्ठता के साथ काम करने का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक समझौता संबंधी बातचीत पर शीघ्र समाप्त करने को कहा। दोनों नेताओं ने प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र परिषद प्रस्तावों को लागू करके तथा चरमपंथी हिंसा का मुकाबल कर आतंकियों के सुरक्षित पनाहों, संरचना, उनके नेटवर्क, उनके वित्तपोषण स्रोत तथा आंतकवादियों के सीमा पार करने जैसी कार्रवाई को समाप्त करने की आवश्यकता को स्वीकार किया। दोनों नेताओं ने सभी देशों से इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए गंभीरता से काम करने का आग्रह किया।
  3. राष्ट्रपति पार्क ने अपने यूरेसिया प्रयास तथा उत्तर-पूर्व एशिया शांति और सहयोग प्रयास (एनएपीसीआई) पर प्रकाश डाला तथा क्षेत्र की समान समृद्धि के लिए भारत की ऐक्ट ईस्ट तथा मध्य एशिया संपर्क नीति के साथ कार्य करने की संभावना तलाशने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी क्षेत्र की समान समृद्धि के लिए एनएपीसीआई तथा यूरेसिया प्रयास में कार्य करने की संभावना तलाशने की इच्छा व्यक्त की।
  4. भारत तथा कोरिया गणराज्य ने वैश्विक अ-प्रसार उद्देश्यों को मजबूत बनाने में समान दिलचस्पी व्यक्त की। कोरिया गणराज्य ने अंतर्राष्ट्रीय निर्यात व्यवस्था में शामिल होने में भारत की इच्छा पर ध्यान दिया तथा इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत के प्रवेश से वैश्विक अ-प्रसार व्यवस्था मजबूत बनाने में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कोरिया गणराज्य ने 4 बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं- परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह, मिसाइल टेक्नोलॉजी व्यवस्था, ऑस्ट्रेलियाई समूह तथा वासेनार व्यवस्था में भारत की प्रारंभिक सदस्यता के लिए समर्थन व्यक्त किया।
  5. संयुक्त राष्ट्र को और अधिक प्रतिनिधिमूलक, उत्तरदायित तथा कारगर बनाने के लिए व्यापक संयुक्त राष्ट्र सुधार की आवश्यकता स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों ने समकालीन वास्तविकताओं तथा प्रमुख विकासशील देशों की सोच संपन्न संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार की दिशा में कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।
  6. प्रधानमंत्री मोदी ने आतिथ्य सत्कार के लिए राष्ट्रपति पार्क तथा कोरिया गणराज्य की सरकार और जनता को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि इस शिखर बैठक से साझेदारी अगले स्तर पर पहुंची है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पार्क को एक बार फिर शीघ्र भारत आने का आमंत्रण दिया ताकि साझेदारी की गति बनाई रखा जा सके। राष्ट्रपति पार्क ने प्रधानमंत्री मोदी का आमंत्रण स्वीकार कर लिया।
  7. दोनों नेताओं की मौजूदगी में निम्मलिखित समझौते और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गयेः

क.   दोहरे कराधान से बचने तथा आयकर संबंधी वित्तीय चोरी रोकने के लिए भारत गणराज्य की सरकार तथा कोरिया गणराज्य सरकार के बीच समझौता।

ख.   ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन के क्षेत्र में सहयोग पर भारत गणराज्य की सरकार तथा कोरिया गणराज्य सरकार के बीच समझौता।

ग.    भारत गणराज्य के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय तथा कोरिया गणराज्य के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय के बीच सहयोग के लिए सहमति पत्र।

घ.    बिजली ऊर्जा विकास तथा नवीन ऊर्जा उद्योग क्षेत्रम में भारत गणराज्य के बिजली मंत्रालय तथा कोरिया गणराज्य के व्यापार उद्योग तथा ऊर्जा मंत्रालय के बीच सहमति पत्र।

ङ.     युवा मामलों में सहयोग के लिए भारत गणराज्य के युवा मामले मंत्रालय तथा कोरिया गणराज्य के लैंगिक समानता तथा परिवार मंत्रालय के बीच सहमति पत्र।

च.    सड़क परिवहन तथा राजमार्ग में सहयोग के लिए भारत गणराज्य के सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय तथा कोरिया गणराज्य के भूमि संरचना तथा परिवहन मंत्रालय के बीच सहयोग ढांचा।

छ.   भारत गणराज्य के शिपिंग मंत्रालय और कोरिया गणराज्य के समुद्र तथा मछली पालन मंत्रालय के बीच समुद्री परिवहन तथा लॉजिस्टिक क्षेत्र में सहयोग पर सहमति पत्र।

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जय केरलम... जय केरलम...

जय विकसिता केरलम... जय विकसिता केरलम

केरलत्तिले एंडे प्रियप्पेट्टा….

सहोदरी सहोदरनमारे, एल्लावर्कम एंडे नमस्कारम।

सर्वप्रथम मैं भगवान श्रीवल्लभन के चरणों में प्रणाम करता हूं।

तिरुवल्ला की इस पवित्र धरती से मैं सबरीमला तीर्थ को, और स्वामी अय्यप्पा को भी प्रणाम करता हूं।

मैं सबसे पहले तो छोटी बिटिया को आशीर्वाद देता हूं जो बढ़िया चित्र बनाकर मुझे भेंट किया है। उधर भी एक नौजवान ने मेरी मां का चित्र मुझे दिया है। मैं इन सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस बेटी को आशीर्वाद देता हूं। मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले इस चुनाव में जो कैंडिडेट है उनसे आग्रह करता हूं कि कैंडिडेट सारे आगे आ जाएं। कैंडिडेट वहां खड़ें हो जाएं जरा। मैं एक दो मिनट जाकर के आता हूं आपके पास।

आज तिरुवल्ला में इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति...NDA पर आप लोगों का ये भरोसा... मेरी माताओं-बहनों का ये स्नेह और विश्वास...पूरे केरलम में आज ऐसा ही माहौल दिख रहा है। मुझे निकट से केरलम के चुनाव देखने का अवसर मिला है। मैं पहले भी आया हूं लेकिन इस बार हवा का रूख कुछ और है। लोगों का मिजाज कुछ और है। केरलम में अब सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। 9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को दशकों के कुशासन का अंत की घोषणा....अब ये पक्का हो चुका है....LDF सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है...केरलम में पहली बार बीजेपी और NDA की सरकार आने वाली है।

इस चुनाव में केरलम का तो फायदा होने वाला है लेकिन मेरा एक निजी नुकसान होने वाला है। आपको लगता होगा ऐसी क्या बात है कि केरलम का फायदा होगा और मोदी का नुकसान होगा। जी मेरा व्यक्तिगत नुकसान होने वाला है। आपके मन में होता होगा क्या है बताऊं... बताऊं आपको। ऐसा है ये जो अनूप लड़ रहा है ना चुनाव आपके यहां.. ये पिछले पांच साल से मेरे साथ काम करता है। और देश भर में घूमकर के चीजें खोज कर के लाता है। यानि एक प्रकार से मेरा डेडिकेटेड साथी रहा है। एक प्रकार से ऐसे कामों के लिए वो मेरा बांया हाथ बन गया है। और कभी भी, शायद यहां भी कई लोगों को पता नहीं होगा कि अनूप मेरे साथ इतने सालों से है। कभी बोलता नही है और मैंने इसकी शक्तियों को जाना है। चूपचाप काम करना। अपने काम के लिए दिन रात जुटे रहना। मैंने ऐसा नौजवान मुझे मिला मेरा बहुत काम हो गया। लेकिन मैंने देखा कि जब केरलम को इस नौजवान की सेवाओं का फायदा होगा तो मैंने कहा मेरा भले ही नुकसान हो जाए लेकिन मैं आज अनूप को आपको सुपुर्द करने के लिए आया हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

तिरुवल्ला केरलम में विकास के नए युग की शुरुआत का केंद्र बनकर उभरा है। मैं इस जनसमर्थन के लिए तिरुवल्ला की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। तिरुवल्ला के लोगों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। तिरुवल्लयिले जनंगलुडे विश्वासमाण्, यंगलुडे एट्टवुं वलिय शक्ति।

एंडे सुहुर्तगले,

अभी दो-तीन दिन पहले जब मैं दिल्ली में था...मेरी केरलम के बीजेपी कार्यकर्ताओं से फोन पर लंबी चर्चा हुई। मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र, इतने छोटे केरलम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र में बीजेपी के एक लाख 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मेरे साथ फोन पर जुड़े थे। और तीस-चालीस मिनट इस चर्चा में मैंने देखा, साफ दिखा कि केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है। इस चुनाव में मेहनत कर रहे सभी बीजेपी-एनडीए कार्यकर्ताओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं, उनका बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं केरलम की ताकत को देख रहा हूं। अभी मेरा हेलीकॉप्टर जहां लैंड हुआ, हेलीपैड से यहां तक मैं आया, जितने लोग यहां हैं ना इससे ज्यादा लोगो वहां रोड शो में खड़े थे। मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था... रोड शो का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन पूरे रास्ते भर मैं देख रहा था। लोग ह्यूमन चेन की बात करते हैं लेफ्ट के लोग, आज यहां के लोगों ने ह्यूमल वॉल बनाकर के दिखा दिया।

एंडे सुहुर्तगले,

हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएं दी हैं।
यहाँ समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहाँ उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में कितना बड़ा potential है। लेकिन फिर भी, केरलम विकास की दौड़ में बाकी राज्यों से लगातार पिछर रहा है..पिछरते-पिछरते जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगले,

LDF-UDF की सरकारों ने कभी इस क्षेत्र की परवाह नहीं की।
यहाँ कनेक्टिंग रोड्स का हाल बेहाल है। मुझे आपके ही साथी बता रहे थे कि यहां कई बरसों से एक भी बड़ा पुल नहीं बना है। कोट्टयम में मेडिकल कॉलेज की हालत इतनी खराब है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है। जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी कमी हो, वहां आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ कैसी होगी, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में कभी BJP सरकार नहीं रही। लेकिन, आप सब के आशीर्वाद से, देश की जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम केंद्र सरकार के जरिए केरलम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी.. और एलडीएफ-यूडीएफ दोनों मिलकर के दिल्ली में सरकार चलाते थे, उस समय जो केरलम को मदद मिली.उसकी तुलना में NDA सरकार ने मोदी सरकार ने 5 गुना ज्यादा पैसा केरलम को भेजा है।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी-एनडीए को आपकी Ease of Living और क्वालिटी ऑफ लाइफ, दोनों की चिंता है। हमने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिये हैं। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइप से पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यहां रबर के किसान बड़ी संख्या में रहते हैं...केरलम के किसानों को हमने पीएम-किसान सम्मान निधि के जरिए Around thirteen thousand करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई है। इससे रबर के किसानों को भी मदद मिली है।

साथियों,

नॉर्थ-ईस्ट में ईसाई समाज की संख्या बहुत अधिक है। एक राज्य को छोड़कर के नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में एनडीए की सरकार है और वहां पिछले 50-60 साल में जो काम नही हुआ है वो हमने कर के दिखाया है। गोवा में ईसाई समाज निर्णायक है। गोवा के अंदर लगातार बिजेपी की एनडीए की सरकार है, गोवा विकास के नए ऊंचाइयों को छू रहा है।
केरलम में भी NDA सरकार बनेगी तो विकास की नई ऊंचाइयों को पाएंगे, स्थानीय किसानों और फिशरमेन की हर समस्या का हम समाधान करेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

केंद्र की NDA सरकार ही केरलम में आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ज़ोर दे रही है। हम यहाँ नेशनल हाइवेज बनाने को गति दे रहे हैं। रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। यहाँ रेलवे लाइनों की डबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। कोट्यम से अब हाइस्पीड आधुनिक वंदेभारत ट्रेन भी चलाई जा रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

यहां सबरीमला रेलवे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इससे सबरीमला तक सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी... स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी...और मेरे नौजवान मित्रों को मेरे युवा साथियों के लिए रोजगार के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लेकिन साथियों, आपको ये बात हमेशा याद रखनी है। यहां प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जगह उसको लटकाए रखा! तिरुवल्ला को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आएगी, तो ऐसी सभी रुकावटें हटेंगी। और ये मोदी की गारंटी है। NDA की राज्य सरकार में केरलम तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
एनडीए सरकारिनु कीड़िल केरलम
कसनत्तिन्टे पातयिल अतिवेगम मुन्नेरुम।

एंडे सुहुर्तगले,

NDA की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ अगर किसी वर्ग को होता है, तो वो मेरी माताएं-बहने महिलाओं को होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं का प्रतिनिधित्व....ये हमारी प्राथमिकता है। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान का प्रयास किया है। हमने घर घर शौचालय बनवाए, जनधन खाते खुलवाए, महिलाओं के नाम उनके घर महिलाओं के नाम पर बनवाए...मुद्रा लोन के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में भी बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। उनको बैंक से पैसा मिला है। हम वूमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाखों करोड़ रुपए की मदद दे रहे हैं। लखपति दीदी का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। पहले मैंने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी अब मैंने और नाइनटीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। केरलम में बीजेपी सरकार आएगी, तो यहाँ भी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ मेरी माताओं, बहनों को, बेटियों को, महिलाओं को मिलने वाला है। आपने देखा होगा, अभी हमने एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। भविष्य में माताओ-बहनों को कैंसर ना हो, इसलिए 13-14 साल की बच्चियों को उनकी जांच करके वैक्सीन लेने की योजना है। ये भविष्य में हमारी माताओ-बहनों को, ये बटियां जब बड़ी हो जाएंगी, वो कैंसर से बच पाएगी। इतना बड़ा काम आज देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए, माताओं के लिए एनडीए-भाजपा सरकार कर रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

ये हमारी ही सरकार है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को thirty three percent reservation दिया है। और आप सभी की जानकारी में है कि बजट सत्र का हमने पूर्णाहुति करने वी बजाए उसका विस्तार किया है। तीन दिन के लिए 16-17 और 18 अप्रैल को संसद फिर से मिलने वाली है। आपको पता है क्यों मिलने वाली है। जो कानून हमने पारित किया है। 33 पर्सेंट महिलाओं के लिए 2029 में लोकसबा के चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 पर्सेंट बहनें पार्लियामेंट में आकर बैठे। इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। जैसे पार्लियामेंट ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास किया था बैसे ही 16-17 -18 को दो काम करने हैं। केरल हो तमिलनाडु हो और बाकी राज्य हो, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लोग झूठ फैला रहे हैं कि जनसंख्या कम हो रही हैं तो सीटें कम हो जाएगी। हम इस बार पार्लियामेंट में पक्का करना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में कानून में ठप्पा लगाना चाहते हैं कि केरल हो, तमलनाडु हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो, गोवा हो, तेलंगाना हो कहीं पर भी लोकसभा की सीटें कम ना हो, इसका ठप्पा लगाने के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी वो अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएं इतना बड़ा फायदा हमारे दक्षिण भारत के राज्य को मिले इसके लिए हम कानून संशोधन के लिए हम सत्र बुला रहे हैं। हमने कांग्रेस के लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया। हम आशा करते हैं कि वो हमारी बात मानकर के आएंगे।

हमने इंडिया एलायंस के मित्रों से बात की है। आप ही लोगों को बताइए, कांग्रेस के लोगो को बताइए, एलडीएफ के लोगों को बताएं कि महिलाओं के अधिकार ये कानून निर्विरोध पास होना चाहिए। ये उन से वादा लीजिए आपलोग । और में उनसे भी प्रार्थना करता हूं कि मेरी माताओं-बहनों का ये हक 40 सालों से लटका हुआ है। अब 2029 के चुनाव में फिर से लटकना नहीं चाहिए। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों पर देश की माताएं-बहनें दबाव डालें। सब संसद में आएं और इस कानून को पारित करें। महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या इस विषय को देखते हुए नारीशक्ति वंदन कानून में संशोधन किया जाएगा। ये आवश्यक है कि ये संशोधन सर्वसम्मति से पास हो ताकि साल 2029 में होने वाले चुनाव में ही इसका लाभ हमारी माताओं -बहनों को मिलना शुरू हो जाए। मैं सभी दलों से आग्रह करूंगा कि ये नारीशक्ति से हित से जुड़ा काम है, इसलिए खुले मन से, कोई भी राजनीतिक हिसाब किए बिना पूर्ण समर्थन कर के माताओं-बहनों का विश्वास जीतने में आप भी भागीदान बनिए।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम में युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। केरलम में रोजगार के लिए यहाँ इंडस्ट्री लगाने की जरूरत है। रोजगार के लिए जरूरी है कि, यहाँ service sector बढ़े। start-ups को जगह मिले, skill को सही value मिले। लेकिन इन सबके आगे केरलम में सबसे बडी दीवार है- करप्शन और कम्यूनलिज्म। जब यहां करप्शन और कम्यूनलिज्म की दीवार टूटेगी, तभी केरलम का विकास होगा। और इसके लिए आपको LDF-UDF दोनों को हराना होगा।

एंडे सुहुर्तगले,

रोजगार की तलाश में यहाँ से लाखों युवा विदेशों में भी गए हैं। NRI के तौर पर भी वो केरलम की सेवा करते हैं। यहाँ अपनी आय का बड़ा हिस्सा remittance के तौर पर भेजते हैं। इसी का परिणाम है, ये क्षेत्र बैंकिंग कैपिटल बनकर उभरा है। लेकिन कांग्रेस ने आपके और आपके संबंधियों के खिलाफ एक बहुत खतरनाक काम किया है। मैं विस्तार से आपको ये बात बताना चाहता

एंडे सुहुर्तगले,

वेस्ट एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को एक्सपोज कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है... खाड़ी के देशों में कैसे हालात बने हुये हैं। और वहां हमारे लाखों लोग केरल के मेरे भाई-बहन वहां काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं... ऐसे बयान देते हैं... जिनसे वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए ! वहां के लोगों को बीच में अविश्वास पैदा हो जाए। वहां की सरकार ये तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपने ही परिवार मानकर के उनकी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। ऐसी भड़काव बातें हो रही हैं। मैं उनको कह-कह कर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। ये हमारे लाखों भाई-बहन वहां है ना उनकी सुरक्षा ही मेरा पहला दायित्व है। सबसे बड़ी प्रायरिटी है, कृपा कर के अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ ना हो।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझें...यहां हम कोई गलती कर दे ऐसा कोई बयान कर दे और गल्फ कंट्रीज से भारतीयों को वहां से बाहर निकलने के लिए मूसीबत आ जाए ! इसलिए कांग्रेस...गल्फ कंट्रीज को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे कांग्रेस के लोगो, एलडीएफ के लोगो, यूडीएफ के लोगो, अरे राजनीति अपनी जगह पर है, अरे चुनाव आते जाते रहेंगे, लेकिन मेरे केरलम के लाखों भाई-बहन वहां है मेरे लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए कमिटेड हूं। चुनाव जीतने के लिए, मोदी को गाली देने के लिए....कांग्रेस 1 करोड़ प्रवासियों का जीवन संकट में डालने को तैयार बैठी है। उधर ईरान में हमारा फिशरमैन केरल के हैं तमिलनाडु के हैं, गोवा के हैं आंध्र के हैं, तेलंगाना के हैं, पुड्डुचेरी के हैं। उनकी जिंदगी खतरे में है। हम वहां के संकट में से उनको बाहर ले आ रहे हैं। आज सैकड़ों की तादाद में मेरे मछुआरे भाई-बहन भारत लौटने वाले हैं। हमारे लिए उनकी जिंदगी बचाना ये महत्वपूर्ण है बयानबाजी करने के लिए और बहुत मौके आएंगे अभी तो हमारे लोगों की, हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हमें जिंदा वापस लाना है। कांग्रेस को इन सारी चीजों से कोई लेना देना नहीं है। बस चुनाव... चुनाव... चुनाव.. क्या देश के लोगों की चिंता नहीं करोगे... काँग्रेस इस स्वार्थी सियासत के लिए केरलम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पाप कर रहे हो।

एंडे सुहुर्तगले,

युद्ध की इन परिस्थितियों में मैं आपकी चिंता समझता हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से लगातार संपर्क में हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से मैं लगातार संपर्क में हूं। वहां की सरकारों से हम लगाता बात कर रहे हैं। मैं आप सभी परिजनों को आश्वस्त करता हूँ.... आपका बेटा, आपकी बेटी, आपके परिवारजन भले ही आपसे दूर हों...लेकिन, वो अकेले नहीं हैं। भारत सरकार इन देशों में रह रहे हर भारतीय के साथ है। युद्ध के बीच भी हम भारत के लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में LDF-UDF वालों ने मिलकर एक और propaganda शुरू किया है। लेफ्ट वाले कहते हैं कि, कांग्रेस बीजेपी की B टीम है। और, कांग्रेस कहती है कि लेफ्ट BJP की B टीम है। इन्हें ये इसलिए कहना पड़ रहा है... क्योंकि ये दोनों भी जानते हैं कि इस चुनाव में केरलम में अगर कोई पार्टी A टीम है तो A टीम BJP ही है।

साथियों,

आपने ये भी देखा है कि इस चुनाव में LDF और UDF दोनों मिलकर सिर्फ BJP को गालियां दे रही हैं, उनके निशाने पर सिर्फ बीजेपी है। इसकी एक वजह और भी है जो आपको जरूर नोट करनी चाहिए। दरअसल LDF और UDF की सीक्रेट पार्टनरशिप इतनी पक्की है कि ये एक दूसरे पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। असल में ये दोनों एक ही सिक्के दो साइड हैं। इनकी दुश्मनी नकली है... WWWF है। LDF और UDF की दोस्ती एवरग्रीन है! जब दिल्ली में सरकार बनती है दोनों साथ होते हैं। बगल में तमिलनाडु में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस दोनों वोटबैंक के लिए कट्टरपंथी लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं। मुनंबम जैसी घटनाएं केरलम में आम होती जा रही हैं... वहाँ सैकड़ों ईसाई और हिंदू परिवारों को डराया गया। लेकिन, केरलम सरकार पीड़ितों को सहायता देने की जगह कट्टरपंथी ताकतों के साथ ही खड़ी नज़र आती है। ये एक खतरनाक ट्रेंड है। वोटबैंक के लिए केरलम और देश की सुरक्षा से ये खिलवाड़.... केरलम के देशभक्त लोग इसे कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस का भ्रष्टाचार हो, या उनका तुष्टीकरण... इसका सीधा हमला केरलम की संस्कृति और आस्था पर हो रहा है। पहले इन लोगों ने सबरीमला तीर्थ को बदनाम करने के लिए कैसे-कैसे षड्यंत्र रचे थे! और अब, सबरीमला इनकी लूट और चोरी के निशाने पर भी आ गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

सबरीमला में हुये इस पाप का एक पैटर्न है... ये चोरी LDF की सरकार में हुई। और, इसमें चोरी करने वालों के तार काँग्रेस के शीर्ष नेताओं के जुड़े पाए गए। लेफ्ट वाले तो हमेशा से हिन्दू आस्था पर हमले के लिए जाने जाते हैं। इसीलिए, LDF सरकार मामले की जांच CBI को नहीं सौंप रही है। और, जो काँग्रेस हमेशा मंदिर से जुड़े विषयों को अछूत मानती थी... वो आज हिंदुओं की हितैषी बनने का नाटक कर रही है दिखावा कर रही है। मैं ये साफ-साफ कहना चाहता हूँ... NDA सरकार बनने के बाद LDF-UDF को उनके अपराध की सजा जरूर मिलेगी। और जो लूटा है वो लौटाना पड़ेगा। स्वामी अयप्पा और उनके भक्तों के आक्रोश के आगे ये लोग बच नहीं पाएंगे। ये कांग्रेस वाले ये यूडीएफ वाले, ये एलडीएफ वाले हर चीज में झूठ बोलना ये जैसे उनका स्वभाव बन गया है।

देश को गुमराह करना ये उनका स्वभाव बन गया है। जब सीएए लाए तो देश को इतना झूठ बोला... इतना झूठ बोला आज सीएए लागून हुआ देश को कोई नुकसान नहीं हुआ, झूठ बोलने में माहिर है.. केरलम फाइल्स आई फिल्म तो बोलने लगे कि सब झूठ है... कश्मीर फाइल आई तो बोलने लगे सब झूठ है..धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे कि झूठ है। कुछ भी करो बता देना... झूठ फैला देना। इन दिनो सीआआर को लेकर भी, ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूसीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में सीसीए आया हुआ है, दशकों से है लेकिन झूठ फैलाना एफसीआरए के लिए झूठ फैलाना, सीएए के लिए झूठ फैलाना, धुरंधर जैसी फिल्म के लिए झूठ फैलाना केरलम फिल्म के लिए झूठ फैलाना, कश्मीर फाइल्स के लिए झूठ फैलाना। झूठ फैलाने का कारोबाल लेकर के बैठे हुए हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम की आस्था, संस्कृति इसकी रक्षा हो... केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छूए... ये हम सभी का संकल्प है। आप भाजपा-एनडीए उम्मीदवार को वोट देकर विकसित केरलम की यात्रा शुरू करिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं आप आइए.. ये मेरी जिम्मेदारी है ये मेरी गारंटी है 50 सालों में केरलम का विकास नहीं हुआ, हम पांच साल में करके देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

कल ईस्टर है। मैं ईस्टर की आपको शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही सप्ताह में सभी मलयाली साथी विशु भी मनाएंगे। मैं विशु की भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। मैं सबसे पहले तो आप सबसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैं मलयालम, मलयाली, ये आपकी बहुत सुंदर भाषा है, मैं बोल नहीं पाता हूं, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद भी, एक भी व्यक्ति यहां से हटा नहीं। मैं जानता हूं यहां गांव के लोग आए हैं, हो सकता है मेरी भाषा नहीं समझ पाते हों, लेकिन ये आपके प्यार की ताकत है। ये आपका आशीर्वाद है... एक भी व्य़क्ति हिल नहीं रहा है हट नहीं रहा है। मेरा ये बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं आपका ये कर्ज, मैं आपका प्यार कभी भूलूंगा नहीं, ये मेरे पर आपका कर्ज है... और मैं केरलम के विकास को प्राथमिकता देकर के सवा गुना विकास करके इस कर्ज को चुकाऊंगा ये आज मैं वादा करता हूं।

मैं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए...

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...